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Ambedkar Nagar News: मातृ-शिशु विंग की ओपीडी से तीन घंटे डॉक्टर नदारद
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अंबेडकरनगर। मातृ-शिशु विंग में चिकित्सा सेवाएं पटरी पर नहीं आ रही हैं। बृहस्पतिवार को बाह्य रोग विभाग (ओपीडी) में तीन घंटे तक महिला चिकित्सकों की कुर्सियां खाली पड़ी रहीं, जिसकी वजह से गर्भवती व महिलाओं को इलाज के लिए परेशान होना पड़ा। आशा बहुओं की शिकायत पर सीएमएस ने एनआरसी प्रभारी को ओपीडी भेजा। बाद में एक महिला चिकित्सक भी आ गईं, लेकिन तब तक लगभग 50 फीसदी गर्भवती व महिलाएं बिना इलाज कराए वापस जा चुकी थीं। अस्पताल में अव्यवस्थाओं को लेकर उनमें खासा आक्रोश दिखा।
मातृ-शिशु विंग में प्रतिदिन 150 महिलाएं उपचार कराने आती हैं। यहां डॉ. संगीता, डॉ. स्नेहा गौतम, डॉ. अर्जिता श्रीवास्तव, डॉ. शालू और डॉ. भानुमती की तैनाती है। बृहस्पतिवार को बाह्य रोग विभाग में उपचार के लिए सुबह से ही महिलाओं की कतार लग गई। लेकिन सुबह आठ से 11 बजे तक ओपीडी में एक भी महिला चिकित्सक नहीं पहुंचीं, जिसकी वजह से खासकर गर्भवती महिलाओं को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
गर्भवती के साथ आईं आशा बहुओं ने इसकी शिकायत संयुक्त अस्पताल के सीएमएस डॉ. ओम प्रकाश से की। सीएमएस ने तुरंत एनआरसी प्रभारी डॉ. रीना राजभर को ओपीडी भेजा, उन्होंने महिलाओं का उपचार किया। उनके आने के करीब आधे घंटे बाद डॉ. संगीता भी ओपीडी में आ गईं, लेकिन तब तक आधे से ज्यादा मरीज वापस जा चुके थे।
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डॉक्टरों के छुट्टी परे जाने से हुई समस्या
हॉस्पिटल मैनेजर डॉ. हर्षित गुप्ता ने बताया कि डॉ. भानुमती और डॉ. अर्जिता छुट्टी पर हैं। डॉ. स्नेहा गौतम ने रात में इमरजेंसी ड्यूटी की थी। सुबह डॉ. शालू इमरजेंसी में थी। ओपीडी में डॉ. संगीता की ड्यूटी थी। चिकित्सकों की छुट्टी के चलते कुछ समस्या आई थी, लेकिन समय से दूसरे डॉक्टर भेजकर रोगियों का उपचार कराया गया।
छलका मरीजों का दर्द
गोहन्ना की सोनम ने कहा कि ओपीडी में समय से डॉक्टर नहीं आती हैं। इसकी वजह से दूर दराज से आने वाली महिलाओं काे परेशानी का सामना करना पड़ता है। नंदपुर की मनीषा ने कहा या कि उपचार के लिए अधिकतर महिलाएं खाली पेट ही अस्पताल आ जाती हैं। अल्ट्रासाउंड सहित अन्य जांचों के लिए भी उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ता है। व्यवस्था में सुधार होना चाहिए, ताकि महिलाओं को बेहतर चिकित्सीय सुविधाएं मिल सकें। बंधनडीह की रंजना ने बताया कि एक तो चिकित्सकों की कमी है, उसमें भी जो डॉक्टर हैं वे भी समय से नहीं आते। काम में लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
डॉक्टर से लेंगे स्पष्टीकरण
सूचना मिलते ही मातृ-शिश विंग की ओपीडी में तत्काल महिला डॉक्टर को भेजा गया। ड्यूटी होने के बावजूद जो डॉक्टर समय से नहीं आईं, उनसे जवाब मांगा जाएगा। चिकित्सीय सेवाएं बेहतर करने का हरसंभव प्रयास किया जा रहा है।
डॉ. ओम प्रकाश, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक
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मातृ-शिशु विंग में प्रतिदिन 150 महिलाएं उपचार कराने आती हैं। यहां डॉ. संगीता, डॉ. स्नेहा गौतम, डॉ. अर्जिता श्रीवास्तव, डॉ. शालू और डॉ. भानुमती की तैनाती है। बृहस्पतिवार को बाह्य रोग विभाग में उपचार के लिए सुबह से ही महिलाओं की कतार लग गई। लेकिन सुबह आठ से 11 बजे तक ओपीडी में एक भी महिला चिकित्सक नहीं पहुंचीं, जिसकी वजह से खासकर गर्भवती महिलाओं को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
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गर्भवती के साथ आईं आशा बहुओं ने इसकी शिकायत संयुक्त अस्पताल के सीएमएस डॉ. ओम प्रकाश से की। सीएमएस ने तुरंत एनआरसी प्रभारी डॉ. रीना राजभर को ओपीडी भेजा, उन्होंने महिलाओं का उपचार किया। उनके आने के करीब आधे घंटे बाद डॉ. संगीता भी ओपीडी में आ गईं, लेकिन तब तक आधे से ज्यादा मरीज वापस जा चुके थे।
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डॉक्टरों के छुट्टी परे जाने से हुई समस्या
हॉस्पिटल मैनेजर डॉ. हर्षित गुप्ता ने बताया कि डॉ. भानुमती और डॉ. अर्जिता छुट्टी पर हैं। डॉ. स्नेहा गौतम ने रात में इमरजेंसी ड्यूटी की थी। सुबह डॉ. शालू इमरजेंसी में थी। ओपीडी में डॉ. संगीता की ड्यूटी थी। चिकित्सकों की छुट्टी के चलते कुछ समस्या आई थी, लेकिन समय से दूसरे डॉक्टर भेजकर रोगियों का उपचार कराया गया।
छलका मरीजों का दर्द
गोहन्ना की सोनम ने कहा कि ओपीडी में समय से डॉक्टर नहीं आती हैं। इसकी वजह से दूर दराज से आने वाली महिलाओं काे परेशानी का सामना करना पड़ता है। नंदपुर की मनीषा ने कहा या कि उपचार के लिए अधिकतर महिलाएं खाली पेट ही अस्पताल आ जाती हैं। अल्ट्रासाउंड सहित अन्य जांचों के लिए भी उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ता है। व्यवस्था में सुधार होना चाहिए, ताकि महिलाओं को बेहतर चिकित्सीय सुविधाएं मिल सकें। बंधनडीह की रंजना ने बताया कि एक तो चिकित्सकों की कमी है, उसमें भी जो डॉक्टर हैं वे भी समय से नहीं आते। काम में लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
डॉक्टर से लेंगे स्पष्टीकरण
सूचना मिलते ही मातृ-शिश विंग की ओपीडी में तत्काल महिला डॉक्टर को भेजा गया। ड्यूटी होने के बावजूद जो डॉक्टर समय से नहीं आईं, उनसे जवाब मांगा जाएगा। चिकित्सीय सेवाएं बेहतर करने का हरसंभव प्रयास किया जा रहा है।
डॉ. ओम प्रकाश, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक