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Ambedkar Nagar News: ब्लॉकों की खास पहचान बनाएंगे अलग-अलग उत्पाद
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अंबेडकरनगर। जिले के प्रत्येक ब्लाॅक की पहचान अब उसके एक खास उत्पाद के जरिए होगी। एक जनपद एक उत्पाद की तर्ज पर अब जिला प्रशासन ने सभी नौ ब्लाॅकों के लिए एक एक खास उत्पाद को चिह्नित कर उसे बढ़ावा देने का निर्णय लिया है। इसमें सबसे पहले भीटी ब्लाॅक का चयन गुड़ बनाने के लिए हुआ है। प्रशासन की योजना है कि इसके जरिए लोगों को ज्यादा रोजगार उपलब्ध कराया जा सकेगा। इसके साथ ही प्रति व्यक्ति आय में भी सुधार होगी।
ओडीओपी की तरह जिले में ओबीओपी (एक ब्लाॅक, एक उत्पाद) को लागू करने का निर्णय हुआ है। वर्ष 1995 में जनपद गठन के बाद से यह अपने आप में नए तरह का प्रयास है। बीते दिनों ही डीएम अविनाश सिंह ने जिले में कई तरह के नए प्रयोग शुरू किए हैं। इन्हीं में से एक यह है कि अब ब्लाॅकों को भी उनकी खास पहचान उनके स्थानीय उत्पादों के जरिए दिलाई जाएगी।
इसके लिए सबसे पहले भीटी ब्लाॅक को गुड़ निर्माण के लिए चयनित किया गया है। ब्लाॅक में बड़ी तादाद में क्रेशर लगे हुए हैं। तैयारी यह है कि गुड़ निर्माण के साथ ही उनकी पैकिंग आदि का भी प्रबंध कराया जाए। टांडा ब्लाॅक का चयन वस्त्र उद्योग में करने की योजना है।
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इसी तरह पशुपालन, मछली पालन, मधुमक्खी पालन, सब्जी, फल उत्पादन, पोल्ट्री फॉर्म आदि को लेकर भी ब्लाॅकों का चयन करने की तैयारी है। प्रशासन इन सभी क्षेत्रों में लोगों को निवेश करने व आय बढ़ाने में सभी तरह की जरूरी मदद करेगा। इससे एक तो संबंधित व्यक्ति की आय बढ़ेगी दूसरे जिले को भी ज्यादा राजस्व की प्राप्ति हो सकेगी। (संवाद)
ब्लाॅकों की बनाएंगे खास पहचान
अलग-अलग ब्लाॅकों की खास पहचान बनाई जाएगी। इसके लिए एक ब्लाॅक-एक उत्पाद योजना शुरू की जा रही है। ब्लाॅकों में जिन उत्पादों का चयन होगा उसे वहां बढ़ावा देने के लिए पूरा जिला प्रशासन हर तरह की मदद करेगा। जिले को नई पहचान दिलाने तथा बेहतर राजस्व अर्जित करने पर पूरा जोर है। - अविनाश सिंह, डीएम
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ओडीओपी की तरह जिले में ओबीओपी (एक ब्लाॅक, एक उत्पाद) को लागू करने का निर्णय हुआ है। वर्ष 1995 में जनपद गठन के बाद से यह अपने आप में नए तरह का प्रयास है। बीते दिनों ही डीएम अविनाश सिंह ने जिले में कई तरह के नए प्रयोग शुरू किए हैं। इन्हीं में से एक यह है कि अब ब्लाॅकों को भी उनकी खास पहचान उनके स्थानीय उत्पादों के जरिए दिलाई जाएगी।
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इसके लिए सबसे पहले भीटी ब्लाॅक को गुड़ निर्माण के लिए चयनित किया गया है। ब्लाॅक में बड़ी तादाद में क्रेशर लगे हुए हैं। तैयारी यह है कि गुड़ निर्माण के साथ ही उनकी पैकिंग आदि का भी प्रबंध कराया जाए। टांडा ब्लाॅक का चयन वस्त्र उद्योग में करने की योजना है।
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इसी तरह पशुपालन, मछली पालन, मधुमक्खी पालन, सब्जी, फल उत्पादन, पोल्ट्री फॉर्म आदि को लेकर भी ब्लाॅकों का चयन करने की तैयारी है। प्रशासन इन सभी क्षेत्रों में लोगों को निवेश करने व आय बढ़ाने में सभी तरह की जरूरी मदद करेगा। इससे एक तो संबंधित व्यक्ति की आय बढ़ेगी दूसरे जिले को भी ज्यादा राजस्व की प्राप्ति हो सकेगी। (संवाद)
ब्लाॅकों की बनाएंगे खास पहचान
अलग-अलग ब्लाॅकों की खास पहचान बनाई जाएगी। इसके लिए एक ब्लाॅक-एक उत्पाद योजना शुरू की जा रही है। ब्लाॅकों में जिन उत्पादों का चयन होगा उसे वहां बढ़ावा देने के लिए पूरा जिला प्रशासन हर तरह की मदद करेगा। जिले को नई पहचान दिलाने तथा बेहतर राजस्व अर्जित करने पर पूरा जोर है। - अविनाश सिंह, डीएम