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नहीं खरीदा फर्नीचर, जमीन पर बैठकर पढ़ेंगे नौनिहाल
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अंबेडकरनगर। पैसा मिलने के बाद भी पठन पाठन के लिए जरूरी फर्नीचर की खरीद का कार्य पूरा नहीं हो पाया। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय स्तर से बरती गयी इस लापरवाही का खामियाजा जिले के दो राजकीय मॉडल माध्यमिक स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को भुगतना पड़ेगा। नए सत्र में शिक्षण कार्य के लिए शुक्रवार एक जुलाई से खुल रहे स्कूलों के दौरान इन दोनों ही राजकीय मॉडल स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को जरूरी संसाधन व फर्नीचर के बिना ही जमीन पर ही बैठ कर पढ़ाई करने को विवश होना पड़ेगा।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल स्कूल इधना व रामनगर का निर्माण लगभग साढ़े छह करोड़ रुपये की लागत से पूरा हो चुका है। इन दोनों ही विद्यालयों में एक जुलाई से शिक्षण कार्य प्रारंभ होना है। दोनों ही विद्यालयों में अब तक कक्षा छह, नौ व ग्यारह में कुल 125 छात्र-छात्राओं का पंजीकरण हो चुका है।
इसके दृष्टिगत ही अप्रैल से शुरू हुए नए सत्र से पूर्व ही मार्च माह में शासन ने डीआईओएस कार्यालय को प्रत्येक विद्यालय में फर्नीचर समेत अन्य जरूरी संसाधनों की खरीद के लिए आठ-आठ लाख रुपया की धनराशि उपलब्ध करा दी थी। इसके बाद भी अभी तक दोनों ही विद्यालयों में उपयोग आने वाले फर्नीचर की खरीददारी अभी तक नहीं हो पाई है।
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2.75 करोड़ की लागत से निर्मित होने वाले प्रत्येक कॉलेज का निर्माण बीते दिनों ही पूर्ण हुआ है। कार्यदायी संस्था ने इन दोनों कॉलेजों को डीआईओएस कार्यालय को हैंडओवर भी कर दिया है। इसके लिए फर्नीचर खरीद इत्यादि की मद में जारी धनराशि के साथ ही निर्देशित किया गया था कि 13 जून तक फर्नीचर खरीद समेत अन्य व्यवस्थाएं पूरी करा ली जाएं।
पंजीकरण के बाद दोनों ही विद्यालयों ने एक जुलाई से शिक्षण कार्य प्रारंभ करने की सभी तैयारियां पूरी कर ली है। इसके बावजूद डीआईओएस कार्यालय से होने वाली फर्नीचर की खरीद अभी तक पूरी नहीं हो पायी है। ऐसे में एक जुलाई से किस प्रकार शिक्षण कार्य प्रारंभ हो सकेगा, इसे लेकर छात्र-छात्राओं व उनके अभिभावकों में उहापोह की स्थिति बनी हुई है।
घर से लाना पड़ा फर्नीचर
जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय द्वारा मॉडल कॉलेज इधना व रामनगर को अब तक फर्नीचर उपलब्ध न कराने का ही नतीजा है कि प्रभारी प्रधानाचार्य द्वारा स्कूल संचालन के लिए निजी तौर पर फर्नीचर की व्यवस्था की गई है। यह व्यवस्था छात्र-छात्राओं के लिए नहीं, बल्कि खुद व शिक्षकों के लिए करना पड़ी है। इधना के प्रभारी प्रधानाचार्य इंद्रजीत यादव को घर से दो तख्ता, पांच कुर्सी व एक मेज स्कूल के लिए मंगाना पड़ा है ताकि शिक्षकों के बैठने की तो कुछ व्यवस्था हो सके। इसी प्रकार मॉडल स्कूल रामनगर के प्रभारी प्रधानाचार्य सुरेश लाल श्रीवास्तव ने बताया कि उन्होंने भी जीजीआईसी आलापुर के प्रधानाचार्या अनुपमा उपाध्याय से आठ कुर्सी व दो मेजें कुछ समय के लिए उधार ली हैं।
शीघ्र होगी फर्नीचर की खरीदारी
दोनों मॉडल कॉलेजों में फर्नीचर की खरीदारी के लिए क्रय अनुमोदन हेतु फाइल जेडी कार्यालय अयोध्या भेजी गई है। शीघ्र ही फर्नीचर की खरीद प्रक्रिया को पूरा कर दोनों विद्यालयों को उपलब्ध करा दिया जाएगा।
प्रवीण कुमार मिश्र, डीआईओएस
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पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल स्कूल इधना व रामनगर का निर्माण लगभग साढ़े छह करोड़ रुपये की लागत से पूरा हो चुका है। इन दोनों ही विद्यालयों में एक जुलाई से शिक्षण कार्य प्रारंभ होना है। दोनों ही विद्यालयों में अब तक कक्षा छह, नौ व ग्यारह में कुल 125 छात्र-छात्राओं का पंजीकरण हो चुका है।
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इसके दृष्टिगत ही अप्रैल से शुरू हुए नए सत्र से पूर्व ही मार्च माह में शासन ने डीआईओएस कार्यालय को प्रत्येक विद्यालय में फर्नीचर समेत अन्य जरूरी संसाधनों की खरीद के लिए आठ-आठ लाख रुपया की धनराशि उपलब्ध करा दी थी। इसके बाद भी अभी तक दोनों ही विद्यालयों में उपयोग आने वाले फर्नीचर की खरीददारी अभी तक नहीं हो पाई है।
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2.75 करोड़ की लागत से निर्मित होने वाले प्रत्येक कॉलेज का निर्माण बीते दिनों ही पूर्ण हुआ है। कार्यदायी संस्था ने इन दोनों कॉलेजों को डीआईओएस कार्यालय को हैंडओवर भी कर दिया है। इसके लिए फर्नीचर खरीद इत्यादि की मद में जारी धनराशि के साथ ही निर्देशित किया गया था कि 13 जून तक फर्नीचर खरीद समेत अन्य व्यवस्थाएं पूरी करा ली जाएं।
पंजीकरण के बाद दोनों ही विद्यालयों ने एक जुलाई से शिक्षण कार्य प्रारंभ करने की सभी तैयारियां पूरी कर ली है। इसके बावजूद डीआईओएस कार्यालय से होने वाली फर्नीचर की खरीद अभी तक पूरी नहीं हो पायी है। ऐसे में एक जुलाई से किस प्रकार शिक्षण कार्य प्रारंभ हो सकेगा, इसे लेकर छात्र-छात्राओं व उनके अभिभावकों में उहापोह की स्थिति बनी हुई है।
घर से लाना पड़ा फर्नीचर
जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय द्वारा मॉडल कॉलेज इधना व रामनगर को अब तक फर्नीचर उपलब्ध न कराने का ही नतीजा है कि प्रभारी प्रधानाचार्य द्वारा स्कूल संचालन के लिए निजी तौर पर फर्नीचर की व्यवस्था की गई है। यह व्यवस्था छात्र-छात्राओं के लिए नहीं, बल्कि खुद व शिक्षकों के लिए करना पड़ी है। इधना के प्रभारी प्रधानाचार्य इंद्रजीत यादव को घर से दो तख्ता, पांच कुर्सी व एक मेज स्कूल के लिए मंगाना पड़ा है ताकि शिक्षकों के बैठने की तो कुछ व्यवस्था हो सके। इसी प्रकार मॉडल स्कूल रामनगर के प्रभारी प्रधानाचार्य सुरेश लाल श्रीवास्तव ने बताया कि उन्होंने भी जीजीआईसी आलापुर के प्रधानाचार्या अनुपमा उपाध्याय से आठ कुर्सी व दो मेजें कुछ समय के लिए उधार ली हैं।
शीघ्र होगी फर्नीचर की खरीदारी
दोनों मॉडल कॉलेजों में फर्नीचर की खरीदारी के लिए क्रय अनुमोदन हेतु फाइल जेडी कार्यालय अयोध्या भेजी गई है। शीघ्र ही फर्नीचर की खरीद प्रक्रिया को पूरा कर दोनों विद्यालयों को उपलब्ध करा दिया जाएगा।
प्रवीण कुमार मिश्र, डीआईओएस