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ज्ञान के साथ भगवान की भक्ति भी जरूरी
अमर उजाला ब्यूरो/अंबेडकरनगर
Updated Mon, 11 Apr 2016 11:23 PM IST
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अंबेडकरनगर के मकहरी में भगवान श्रीराम की संगीतमयी कथा का रसपान कराते कथावाचक।
- फोटो : अमर उजाला
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क्षेत्र के मकरही में नरायण पब्लिक स्कूल माहेश्वरी नगर के प्रांगण में सनातन वैदिक आश्रम ट्रस्ट द्वारा चल रही कथा में श्रीनिवासदास वेंदाती ने सोमवार को श्रद्धालुओं को कथा का विस्तार से रसपान कराया।
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कहा कि व्यक्ति कितना भी ज्ञानी हो जाए लेकिन उसका ज्ञान तब तक परिपूर्ण नहीं माना जाता है जब तक वह भगवान की शरण में नहीं जाता है। कहा कि महर्षि विश्वामित्र के पास ज्ञान एवं तप, बल सब कुछ था लेकिन बिना हरि के इन राक्षसों का संहार नहीं किया जा सकता है।
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उन्होंने श्रोताओं को ज्ञानार्जन के साथ ही भगवान का स्मरण करने की सीख दी। इस मौके पर डॉ. रामप्रताप मिश्र, टांडा के सामाजिक कार्यकर्ता आनंद अग्रवाल व विजय पटवा आदि मौजूद रहे।
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