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मणिपुर के राज्यपाल के निधन पर शोक
अंबेडकरनगर/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 27 Sep 2015 10:44 PM IST
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जिले के दहियावर निवासी एवं मणिपुर के राज्यपाल सैय्यद अहमद (73) का रविवार दोपहर मुंबई में निधन हो गया। अमेरिकी दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर अहमद की मौत पर दुख व्यक्त किया है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें लोग लंबे समय तक याद करेंगे।
मणिपुर राज्यपाल सै. अहमद कैंसर पीड़ित थे। मुंबई के लीलावती अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। इस बीच रविवार को उनके निधन की सूचना मिली तो सभी हतप्रभ रह गए। उनके पैतृक गांव दहियावर में तो सभी गहरे शोक में डूब गए। मुंबई में पांच बार विधायक होने का गौरव उन्हें मिला था। वे महाराष्ट्र सरकार में मंत्री भी रह चुके थे। उन्हें मणिपुर से पहले झारखंड का राज्यपाल बनाया गया था। राज्यपाल रहते हुए भी उन्होंने अपने गृह क्षेत्र का दौरा किया था। उनका खासा लगाव इस जिले से लगातार बना रहा। अकबरपुर व टांडा के तमाम लोगों से अंतिम समय तक उनकी घनिष्ठता रही। इसी के चलते निधन की खबर से लोग शोकाकुल दिखाई दिए।
टांडा नगर स्थित हुसैनी मिशन कार्यालय पर आयोजित शोकसभा में सचिव आरिफ हसन ने कहा कि श्री अहमद के निधन से देश को अपूर्णनीय क्षति हुई है। सैय्यद अहमद हुसैनी मिशन के फाउंडर भी थे। कहा कि उन्होंने गृहजनपद व देश के विकास के लिए जो योगदान दिया, उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। बाद में दो मिनट का मौन रखकर आत्मा शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की गई। इस दौरान यावर हुसैन जैदी, सै. महताब रजा आदि मौजूद रहे। अकबरपुर इमामबारगाह में आयोजित शोकसभा की अध्यक्षता कर रहे तंजीम रजाए इलाही के सचिव आरिफ अनवर ने कहा कि श्री अहमद ने राज्यपाल के पद पर रहते हुए जो कार्य किए, वह अत्यंत सराहनीय थे।
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मेंहदी एजुकेशनल एकेडमी में प्रबंधक हाजी मेंहदी रजा की अध्यक्षता में आयोजित शोकसभा में राज्यपाल सैय्यद अहमद के योगदान को याद किया गया। इस दौरान सै. मो. अली जैदी, सत्यप्रकाश आदि मौजूद रहे। साहित्यकार मनोज पटेल ने कहा कि सैय्यद अहमद के निधन से देश को अपूर्णनीय क्षति हुई है। अंबेडकरनगर महोत्सव समिति अध्यक्ष प्रभात यादव ने कहा कि सैय्यद अहमद मुंबई के नागपाड़ा विधानसभा क्षेत्र से पांच बार विधायक के साथ्ा ही मंत्री भी रहे। इसके बाद झारखंड व मणिपुर के राज्यपाल रहते हुए उन्होंने अंबेडकरनगर का नाम रोशन किया था।
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मणिपुर राज्यपाल सै. अहमद कैंसर पीड़ित थे। मुंबई के लीलावती अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। इस बीच रविवार को उनके निधन की सूचना मिली तो सभी हतप्रभ रह गए। उनके पैतृक गांव दहियावर में तो सभी गहरे शोक में डूब गए। मुंबई में पांच बार विधायक होने का गौरव उन्हें मिला था। वे महाराष्ट्र सरकार में मंत्री भी रह चुके थे। उन्हें मणिपुर से पहले झारखंड का राज्यपाल बनाया गया था। राज्यपाल रहते हुए भी उन्होंने अपने गृह क्षेत्र का दौरा किया था। उनका खासा लगाव इस जिले से लगातार बना रहा। अकबरपुर व टांडा के तमाम लोगों से अंतिम समय तक उनकी घनिष्ठता रही। इसी के चलते निधन की खबर से लोग शोकाकुल दिखाई दिए।
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टांडा नगर स्थित हुसैनी मिशन कार्यालय पर आयोजित शोकसभा में सचिव आरिफ हसन ने कहा कि श्री अहमद के निधन से देश को अपूर्णनीय क्षति हुई है। सैय्यद अहमद हुसैनी मिशन के फाउंडर भी थे। कहा कि उन्होंने गृहजनपद व देश के विकास के लिए जो योगदान दिया, उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। बाद में दो मिनट का मौन रखकर आत्मा शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की गई। इस दौरान यावर हुसैन जैदी, सै. महताब रजा आदि मौजूद रहे। अकबरपुर इमामबारगाह में आयोजित शोकसभा की अध्यक्षता कर रहे तंजीम रजाए इलाही के सचिव आरिफ अनवर ने कहा कि श्री अहमद ने राज्यपाल के पद पर रहते हुए जो कार्य किए, वह अत्यंत सराहनीय थे।
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मेंहदी एजुकेशनल एकेडमी में प्रबंधक हाजी मेंहदी रजा की अध्यक्षता में आयोजित शोकसभा में राज्यपाल सैय्यद अहमद के योगदान को याद किया गया। इस दौरान सै. मो. अली जैदी, सत्यप्रकाश आदि मौजूद रहे। साहित्यकार मनोज पटेल ने कहा कि सैय्यद अहमद के निधन से देश को अपूर्णनीय क्षति हुई है। अंबेडकरनगर महोत्सव समिति अध्यक्ष प्रभात यादव ने कहा कि सैय्यद अहमद मुंबई के नागपाड़ा विधानसभा क्षेत्र से पांच बार विधायक के साथ्ा ही मंत्री भी रहे। इसके बाद झारखंड व मणिपुर के राज्यपाल रहते हुए उन्होंने अंबेडकरनगर का नाम रोशन किया था।