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समितियों से डीएपी नदारद, किसान परेशान

Thu, 18 Nov 2021 11:33 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 18 Nov 2021 11:33 PM IST
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DAP missing from committees, farmers upset
अंबेडकरनगर के रामनगर में डीएपी खाद की उपलब्धता की सूचना पर पहुंचे किसान। - फोटो : AMBEDKAR NAGAR
अंबेडकरनगर। जिले में डीएपी खाद की किल्लत है, जिससे किसान परेशान हैं। किसानों की मांग के अनुरूप समितियों पर डीएपी उपलब्ध न होने से उन्हें दिक्कतें हो रही हैं। किसान खाद के लिए एक समिति से दूसरी समिति का चक्कर काटने को विवश हैं। जिन समितियों पर नाम मात्र की डीएपी पहुंचती है, वह एक ही दिन में खत्म हो जा रही है। इससे किसान परेशान हैं। जिले में स्थित सभी 81 समितियों पर डीएपी का संकट बना हुआ है। खाद न मिलने से किसानों व समिति प्रभारियों में कई जगह नोकझोंक होने की भी घटना सामने आ रही है। इस बीच कृषि विभाग के अनुसार जल्द ही जिले को लगभग डेढ़ हजार मीट्रिक टन खाद उपलब्ध कराई जाएगी। इससे किसानों को आसानी से खाद मिल जाएगी।
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जिले में रबी फसल की बोआई का दौर चल रहा है। किसान सरसों, मटर, आलू, चना के साथ गेहूं की बोआई कार्य में जुट गए हैं। इसके लिए किसानों को जब खाद की जरूरत है, तब वे समितियों का चक्कर काटते फिर रहे हैं। जिले में संचालित सभी 81 समितियों पर इस समय पर्याप्त मात्रा में डीएपी खाद उपलब्ध नहीं है। जिन समितियों पर डीएपी खाद की उपलब्धता होती भी है, वह कुछ घंटों में खत्म भी हो जा रही है। किसान रबी की बोआई में डीएपी खाद का प्रयोग करते हैं। ऐसे में समितियों पर खाद की समुचित मात्रा में उपलब्धता न होने से किसानों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। किसान डीएपी न मिलने से परेशान हैं। साधन सहकारी संघ पर भी समुचित मात्रा में डीएपी उपलब्ध नहीं है। यहां कई गांवों के किसान प्रतिदिन पहुंच रहे हैं, लेकिन उन्हें मायूसी हाथ लग रही है।
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साधन सहकारी समिति बहोरिकपुर, साधन सहकारी समिति हैदराबाद, साधन सहकारी समिति कटेहरी, साधन सहकारी समिति भीटी, साधन सहकारी समिति बसखारी समेत जिले की विभिन्न तहसीलों में संचालित समितियों पर पर्याप्त मात्रा में डीएपी खाद उपलब्ध नहीं है। जिन कुछ समितियों पर नाम मात्र की डीएपी पहुंचती भी है, वह कुछ ही घंटों में खत्म हो जाती है। किसानों को खाद प्राप्त करने के लिए धक्का-मुक्की करनी पड़ रहा है। घंटों लाइन में लगने के बावजूद किसानों को खाद मिल पाएगी, इसकी कोई गारंटी नहीं है।
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किसानों ने जताई नाराजगी
कटरिया सम्मनपुर के किसान रामजी, गोविंदपुर अटिका के सुशील तिवारी, मरथुआ सरैया के संतराम वर्मा, अशरफपुर बरवां के जयप्रकाश व जगदंबा आदि ने नाराजगी जताते हुए जिला प्रशासन से समितियों पर डीएपी की उपलब्धता सुनिश्चित कराने की मांग की है। कहा कि हर बार फसल की बोआई के समय ऐसा संकट उत्पन्न होता है। इससे निजी कंपनियों व दुकानदारों की बल्ले-बल्ले रहती है। सरकारी समितियों पर खाद की किल्लत बढ़ते ही निजी दुकानदार भी महंगे दाम पर खाद की बिक्री शुरू कर देते हैं। मजबूरन किसानों को महंगे दाम पर निजी दुकानों से खाद खरीदनी पड़ती है, जिससे उन्हें तगड़ी चपत भी लगती है।
डीएपी के लिए उमड़ी किसानों की भीड़
किसान डीएपी की एक-एक बोरी पाने के लिए कड़ी मशक्कत कर रहे हैं, परंतु खाद मिल जाएगी, यह भी तय नहीं है। रामनगर इफ्को सेंटर पर गुरुवार को पता चला कि डीएपी उपलब्ध है। इससे सेंटर खुलने से पहले ही दर्जनों की संख्या में किसान जुट गए। यहां 50 बोरी डीएपी मौजूद थी। बताया जाता है कि बारिश के दौरान यह खाद भीग गई थी, जिसके चलते बिक्री नहीं हो पा रही थी। गुरुवार को डीएपी उपलब्ध होने की सूचना पर किसान जमा हुए, लेकिन खाद की स्थिति देख किसान बैरंग लौट गए। उधर, प्रभारी आदित्य तिवारी ने बताया कि डीएपी की मांग विभाग से की गई है। जल्द ही खाद उपलब्ध होने की उम्मीद है।
सिर्फ डीएपी के पीछे न भागें किसान
कृषि विशेषज्ञों का सुझाव है कि किसान सिर्फ डीएपी के पीछे न भागें। रबी फसल के लिए सुपर फास्फेट खाद की ज्यादा जरूरत है। डीएपी के अलावा भी बाजार में सुपर फास्फेट खाद उपलब्ध है। किसानों को सुपर फास्फेट खाद का प्रयोग करना चाहिए। यह खाद न सिर्फ बाजार में आसानी से उपलब्ध है, बल्कि सस्ती भी पड़ती है। पैदावार में भी यह खाद कारगर है। ऐसे में किसानों को जागरूक होने की जरूरत है। यदि किसान सुपर फास्फेट खाद का पर्याप्त मात्रा में प्रयोग करें, तो बेहतर उत्पादन का लाभ लिया जा सकता है। साथ ही किसानों की लागत भी कम आएगी। जिले में 7 हजार एमटी सुपर फास्फेट खाद उपलब्ध है। इसकी कोई किल्लत नहीं है। किसानों को बेहिचक इसका प्रयोग रबी फसल की बोआई में करना चाहिए।

समितियों पर भेजी जा रही खाद
जिले में डीएपी का संकट जैसी कोई स्थिति नहीं है। किसानों की अचानक बढ़ी मांग की वजह से कुछ दिक्कत सामने आई है। गत दिवस ही रानीगंज अयोध्या मंडल की ओर से इफ्को की 550 एमटी डीएपी उपलब्ध कराई गई है। इसे समितियों पर भेजा गया है। इसके अलावा मऊ जिले से आईपीएल की 500 एमटी, सुल्तानपुर से कोरो मंडल की 400 एमटी व पीपीएल की 450 एमटी डीएपी एक-दो दिन में मिल जाएगी। इसे तत्परता के साथ समितियों पर भेजा जाएगा। इससे खाद को लेकर किसानों को लेेकर और ज्यादा आसानी होगी।
-पीयूष राय, जिला कृषि अधिकारी
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