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टोकन लेने के लिए किसानों की जुटी भीड़
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अंबेडकरनगर के अकबरपुर सहकारी क्रय विक्रय समिति पर टोकन के लिए लगी किसानों की भीड़।
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
अंबेडकरनगर। जिला मुख्यालय पर संचालित एक मात्र कोल्ड स्टोरेज में आलू जमा करने से पहले टोकन हासिल करने के लिए ही किसानों को पसीना छूट रहा है। सोमवार को सहकारी क्रय विक्रय समिति पर टोकन कटना शुरू हुआ तो किसानों की भीड़ जमा हो गई। उन्हें घंटों लाइन में खड़े होने के लिए विवश होना पड़ा। इसके बावजूद काफी संख्या में किसान मायूस होकर लौट गए। किसानों ने प्रशासन से अतिरिक्त पर्ची काउंटर की व्यवस्था करने की मांग की है। कहा कि लंबी लाइन लगने के चलते उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। पहले से यदि टोकन काटने की प्रक्रिया शुरू की गई होती तो यह अव्यवस्था न फैलती। परंतु कर्मचारियों की मनमानी के चलते अफरातफरी रही।
जिला मुख्यालय पर एक ही सहकारी शीतगृह है। वह भी महज 15 हजार क्विंटल आलू ही जमा करता है। ऐसे में सोमवार को जब आलू जमा करने के लिए क्रय विक्रय समिति पर टोकन कटना शुरू हुआ तो किसानों की भीड़ जमा हो गई। किसान पिछले काफी दिनों से टोकन कटवाने के लिए समिति का चक्कर काट रहे थे। सोमवार को जब टोकन कटना शुरू हुआ तो किसानों की लंबी लाइन लग गई।
कार्यालय परिसर से किसानों की लाइन अकबरपुर मालीपुर मार्ग तक पहुंच गई। इस दौरान किसानों के बीच टोकन कटवाने के लिए धक्का-मुक्की होती रही। महज एक कंप्यूटर से टोकन कटने के चलते किसानों को काफी देर तक लाइन में खड़े होने के लिए विवश होना पड़ा। देर शाम तक किसान टोकन प्राप्त करने के लिए वे समिति पर जमा रहे। इसके बावजूद काफी संख्या में किसान बगैर टोकन प्राप्त किए ही लौट गए। कोल्ड स्टोरेज में 15 हजार क्विंटल आलू जमा करने की क्षमता के चलते प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में किसान आलू जमा करने से वंचित रह जाते हैं। इसके चलते ही सोमवार को किसानों के बीच टोकन प्राप्त करने के लिए अफरातफरी मची रही।
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किसान बोले, कम से कम दो काउंटर खोले जाएं
टोकन प्राप्त करने के लिए समिति पर पहुंचे मरथुआ सरैया के किसान विजय सिंह, विवेक पांडेय व जमुनीपुर के ईश्वरचंद्र मिश्र आदि का कहना था कि टोकन काटने की शुरुआत पहले से करनी चाहिए थी, या फिर कम से कम दो काउंटर खोले जाएं, जिससे किसानों को घंटों लाइन में न खड़ा होना पड़ता। अधिकारियों ने किसानों की समस्या को ध्यान में नहीं रखा। बूढ़नपुर के किसान महेश कुमार, चांदपुर के उमापति वर्मा व सूरापुर के जयप्रकाश आदि ने कोल्ड स्टोरेज की क्षमता बढ़ाए जाने के साथ ही टोकन के लिए कम से कम दो काउंटर खोले जाने की मांग की। उधर, सचिव अनिल कुमार सिंह ने बताया कि टोकन काटने की प्रक्रिया शुरू की गई है। 15 हजार क्विंटल आलू जमा करने के लिए टोकन काटा जाएगा। किसानों को परेशान होने की जरूरत नहीं है।
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जिला मुख्यालय पर एक ही सहकारी शीतगृह है। वह भी महज 15 हजार क्विंटल आलू ही जमा करता है। ऐसे में सोमवार को जब आलू जमा करने के लिए क्रय विक्रय समिति पर टोकन कटना शुरू हुआ तो किसानों की भीड़ जमा हो गई। किसान पिछले काफी दिनों से टोकन कटवाने के लिए समिति का चक्कर काट रहे थे। सोमवार को जब टोकन कटना शुरू हुआ तो किसानों की लंबी लाइन लग गई।
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कार्यालय परिसर से किसानों की लाइन अकबरपुर मालीपुर मार्ग तक पहुंच गई। इस दौरान किसानों के बीच टोकन कटवाने के लिए धक्का-मुक्की होती रही। महज एक कंप्यूटर से टोकन कटने के चलते किसानों को काफी देर तक लाइन में खड़े होने के लिए विवश होना पड़ा। देर शाम तक किसान टोकन प्राप्त करने के लिए वे समिति पर जमा रहे। इसके बावजूद काफी संख्या में किसान बगैर टोकन प्राप्त किए ही लौट गए। कोल्ड स्टोरेज में 15 हजार क्विंटल आलू जमा करने की क्षमता के चलते प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में किसान आलू जमा करने से वंचित रह जाते हैं। इसके चलते ही सोमवार को किसानों के बीच टोकन प्राप्त करने के लिए अफरातफरी मची रही।
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किसान बोले, कम से कम दो काउंटर खोले जाएं
टोकन प्राप्त करने के लिए समिति पर पहुंचे मरथुआ सरैया के किसान विजय सिंह, विवेक पांडेय व जमुनीपुर के ईश्वरचंद्र मिश्र आदि का कहना था कि टोकन काटने की शुरुआत पहले से करनी चाहिए थी, या फिर कम से कम दो काउंटर खोले जाएं, जिससे किसानों को घंटों लाइन में न खड़ा होना पड़ता। अधिकारियों ने किसानों की समस्या को ध्यान में नहीं रखा। बूढ़नपुर के किसान महेश कुमार, चांदपुर के उमापति वर्मा व सूरापुर के जयप्रकाश आदि ने कोल्ड स्टोरेज की क्षमता बढ़ाए जाने के साथ ही टोकन के लिए कम से कम दो काउंटर खोले जाने की मांग की। उधर, सचिव अनिल कुमार सिंह ने बताया कि टोकन काटने की प्रक्रिया शुरू की गई है। 15 हजार क्विंटल आलू जमा करने के लिए टोकन काटा जाएगा। किसानों को परेशान होने की जरूरत नहीं है।