{"_id":"64bd67acd040e19ced0ea301","slug":"crisis-on-recognition-ambedkar-nagar-news-c-91-1-abn1001-673-2023-07-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambedkar Nagar News: 89 विद्यालय और 161 मदरसों की मान्यता पर संकट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambedkar Nagar News: 89 विद्यालय और 161 मदरसों की मान्यता पर संकट
Sun, 23 Jul 2023 11:17 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Sun, 23 Jul 2023 11:17 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अंबेडकरनगर। यू डायस कोड पर विद्यार्थियों का विवरण नहीं उपलब्ध कराना 89 मान्यता प्राप्त विद्यालयों और 161 मदरसों को भारी पड़ गया। बेसिक शिक्षा विभाग ने ऐसे विद्यालयों और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने मदरसों का यू डायस कोड बंद करते हुए मान्यता प्रत्याहरण की कार्रवाई के लिए पत्राचार शुरू कर दिया है।
विद्यालय व मदरसों में विद्यार्थियों के पंजीयन के नाम पर होने वाली धांधली को रोकने के लिए शासन ने यू डायस कोड जारी किया है। इस पर विद्यालय प्रबंधन को संसाधनों के साथ ही छात्र-छात्राओं का संपूर्ण विवरण उपलब्ध कराना होता है। जिले में 1588 मान्यता प्राप्त विद्यालय हैं। इनमें से 89 विद्यालयों ने कई निर्देशों के बाद भी यू डायस पर एक भी विद्यार्थी का डाटा नहीं उपलब्ध कराया जबकि पूर्व में उनके विद्यालय में 100 से अधिक छात्रों का पंजीयन होना दिखाया गया था।
अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अधीन संचालित जिले के 604 मदरसों में से 161 ने यू डायस कोड पर न तो छात्र-छात्राओं का डाटा फीड किया और न ही कोड को अपडेट कराया। कई नोटिस देने के बावजूद निर्देशों का पालन न होने पर जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी छोटेलाल ने 161 मदरसाें का यू डायस कोड बंद करते हुए मान्यता प्रत्याहरण के लिए संस्तुति कर दी है।
विज्ञापन
इनसेट
पंजीयन के नाम पर होती धांधली
मान्यता प्राप्त विद्यालयों व मदरसों में छात्र-छात्राओं के पंजीयन के नाम पर खेल होता था। कोई छात्रा नहीं होने पर भी विद्यालय व मदरसे फर्जी तरीके से सैकड़ों बच्चों का नाम दर्ज कर लेते थे। इसके बाद छात्रवृत्ति हड़पने के साथ ही अन्य तरह की योजनाओं का लाभ विद्यालय प्रबंधन उठाता था। इसी फर्जीवाड़े को रोकने के लिए शासन ने नई व्यवस्था लागू की।
नहीं चलेगी मनमानी
जिन विद्यालयों का यू डायस कोड बंद किया गया उनकी मान्यता भी वापस ली जाएगी। इसके लिए पत्राचार किया जा रहा है। विद्यालयों के नाम पर किसी तरह की मनमानी नहीं होने दी जाएगी।
-भाेलेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए
विज्ञापन
विद्यालय व मदरसों में विद्यार्थियों के पंजीयन के नाम पर होने वाली धांधली को रोकने के लिए शासन ने यू डायस कोड जारी किया है। इस पर विद्यालय प्रबंधन को संसाधनों के साथ ही छात्र-छात्राओं का संपूर्ण विवरण उपलब्ध कराना होता है। जिले में 1588 मान्यता प्राप्त विद्यालय हैं। इनमें से 89 विद्यालयों ने कई निर्देशों के बाद भी यू डायस पर एक भी विद्यार्थी का डाटा नहीं उपलब्ध कराया जबकि पूर्व में उनके विद्यालय में 100 से अधिक छात्रों का पंजीयन होना दिखाया गया था।
विज्ञापन
अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अधीन संचालित जिले के 604 मदरसों में से 161 ने यू डायस कोड पर न तो छात्र-छात्राओं का डाटा फीड किया और न ही कोड को अपडेट कराया। कई नोटिस देने के बावजूद निर्देशों का पालन न होने पर जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी छोटेलाल ने 161 मदरसाें का यू डायस कोड बंद करते हुए मान्यता प्रत्याहरण के लिए संस्तुति कर दी है।
विज्ञापन
इनसेट
पंजीयन के नाम पर होती धांधली
मान्यता प्राप्त विद्यालयों व मदरसों में छात्र-छात्राओं के पंजीयन के नाम पर खेल होता था। कोई छात्रा नहीं होने पर भी विद्यालय व मदरसे फर्जी तरीके से सैकड़ों बच्चों का नाम दर्ज कर लेते थे। इसके बाद छात्रवृत्ति हड़पने के साथ ही अन्य तरह की योजनाओं का लाभ विद्यालय प्रबंधन उठाता था। इसी फर्जीवाड़े को रोकने के लिए शासन ने नई व्यवस्था लागू की।
नहीं चलेगी मनमानी
जिन विद्यालयों का यू डायस कोड बंद किया गया उनकी मान्यता भी वापस ली जाएगी। इसके लिए पत्राचार किया जा रहा है। विद्यालयों के नाम पर किसी तरह की मनमानी नहीं होने दी जाएगी।
-भाेलेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए