{"_id":"668d697dee146ec2260d7c94","slug":"criminal-details-of-entire-village-will-be-visible-in-one-click-ambedkar-nagar-news-c-91-slko1001-117792-2024-07-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambedkar Nagar News: एक क्लिक में सामने होगा पूरे गांव का आपराधिक ब्योरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambedkar Nagar News: एक क्लिक में सामने होगा पूरे गांव का आपराधिक ब्योरा
विज्ञापन
अंबेडकरनगर। अब एक क्लिक से कंप्यूटर स्क्रीन पर पूरे गांव का आपराधिक ब्योरा आ जाएगा। इसके लिए पंचायत विकास सूचकांक (पीडीआई) पोर्टल पर गांव से जुड़ी हर जरूरी जानकारी अपलोड की जा रही है। आपराधिक जानकारी का प्रारूप इसी वर्ष शामिल किया गया है। ब्लॉक स्तर पर इस काम की मॉनीटरिंग की जिम्मेदारी बीडीओ को सौंपी गई है। पंचायत विकास सूचकांक का उपयोग भविष्य में पंचायती राज पुरस्कार के लिए किया जा सकता है।
पंचायत विकास सूचकांक (पीडीआई) का उद्देश्य पंचायतों के समग्र विकास, प्रदर्शन और प्रगति का आकलन करना है। पीडीआई का उद्देश्य सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करने में अपने प्रदर्शन को और बेहतर करने के लिए पंचायतों को नवाचार अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है। पंचायत विकास सूचकांक में नौ विषयों पर जानकारी एकत्रित की जा रही थी, जिनमें गरीब मुक्त और उन्नत आजीविका, स्वस्थ गांव, बाल सुलभ गांव, जल पर्याप्त गांव, स्वच्छ और हरित गांव, आत्मनिर्भर बुनियादी ढांचा, सामाजिक रूप से न्याय संगत और सुरक्षित गांव, सुशासन व महिला अनुकूल गांव शामिल थे।
इन विभागों के 577 इंडीकेटर पर डाटा एकत्रित किया जा रहा था। इस वर्ष पीडीआई में गांव में अपराध की स्थिति का प्रारूप भी जोड़ा गया है। जिसके तहत गांव से अपहृत या लापता बालक व बालिकाओं की संख्या, पॉक्सो के तहत दर्ज अपराध, संबंधित वर्ष में दर्ज किए गए मुकदमे, बच्चियों के साथ शारीरिक शोषण करने के मामले, दहेज संबंधी केस, 18 से 49 वर्ष की उन महिलाओं की संख्या जिनके साथ उनके पति ने गलत काम किया हो, पूरे साल में दर्ज किए गए दुष्कर्म और हत्या के मामले, हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराने वाले पीड़ितों की संख्या, हिंसा और वृद्धजनों के परित्याग के मामले, महिलाओं के खिलाफ दर्ज मामले, महिलाओं के साथ घरेलू हिंसा की घटनाएं की जानकारी पोर्टल पर अपलोड की जानी है। (संवाद)
विज्ञापन
पंचायतों के प्रदर्शन का लेखा-जोखा है पीडीआई
पीडीआई के लिए बीते वर्ष से कवायद चल रही है। सितंबर 2023 में मुख्य सचिव ने सभी मंडलायुक्त व जिलाधिकारियों को पीडीआई के क्रियान्वयन के संबंध में निर्देश दिया था। पंचायत विकास सूचकांक पोर्टल का मुख्य उद्देश्य ग्राम पंचायतों के प्रदर्शन का लेखा जोखा तैयार करना है। मतलब, संबंधित गांव में बिजली, पानी, सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं की क्या स्थिति है, इसके साथ ही 12 विभागों से जानकारी एकत्र कर पोर्टल पर अपलोड की जा रही है। महिलाओं और बच्चों के हित के लिए चलाई जा रही योजनाएं, किसानों को मिल रही सुविधाएं, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा व्यवस्था आदि का ब्यौरा गांव-गांव एकत्र किया जा रहा है। इसी के आधार पर रैंकिंग की जाएगी। बेहतर रैकिंग वाले गांवों को पंचायती राज्य पुरस्कार भी मिल सकता है।
विज्ञापन
पंचायत विकास सूचकांक (पीडीआई) का उद्देश्य पंचायतों के समग्र विकास, प्रदर्शन और प्रगति का आकलन करना है। पीडीआई का उद्देश्य सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करने में अपने प्रदर्शन को और बेहतर करने के लिए पंचायतों को नवाचार अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है। पंचायत विकास सूचकांक में नौ विषयों पर जानकारी एकत्रित की जा रही थी, जिनमें गरीब मुक्त और उन्नत आजीविका, स्वस्थ गांव, बाल सुलभ गांव, जल पर्याप्त गांव, स्वच्छ और हरित गांव, आत्मनिर्भर बुनियादी ढांचा, सामाजिक रूप से न्याय संगत और सुरक्षित गांव, सुशासन व महिला अनुकूल गांव शामिल थे।
विज्ञापन
इन विभागों के 577 इंडीकेटर पर डाटा एकत्रित किया जा रहा था। इस वर्ष पीडीआई में गांव में अपराध की स्थिति का प्रारूप भी जोड़ा गया है। जिसके तहत गांव से अपहृत या लापता बालक व बालिकाओं की संख्या, पॉक्सो के तहत दर्ज अपराध, संबंधित वर्ष में दर्ज किए गए मुकदमे, बच्चियों के साथ शारीरिक शोषण करने के मामले, दहेज संबंधी केस, 18 से 49 वर्ष की उन महिलाओं की संख्या जिनके साथ उनके पति ने गलत काम किया हो, पूरे साल में दर्ज किए गए दुष्कर्म और हत्या के मामले, हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराने वाले पीड़ितों की संख्या, हिंसा और वृद्धजनों के परित्याग के मामले, महिलाओं के खिलाफ दर्ज मामले, महिलाओं के साथ घरेलू हिंसा की घटनाएं की जानकारी पोर्टल पर अपलोड की जानी है। (संवाद)
विज्ञापन
पंचायतों के प्रदर्शन का लेखा-जोखा है पीडीआई
पीडीआई के लिए बीते वर्ष से कवायद चल रही है। सितंबर 2023 में मुख्य सचिव ने सभी मंडलायुक्त व जिलाधिकारियों को पीडीआई के क्रियान्वयन के संबंध में निर्देश दिया था। पंचायत विकास सूचकांक पोर्टल का मुख्य उद्देश्य ग्राम पंचायतों के प्रदर्शन का लेखा जोखा तैयार करना है। मतलब, संबंधित गांव में बिजली, पानी, सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं की क्या स्थिति है, इसके साथ ही 12 विभागों से जानकारी एकत्र कर पोर्टल पर अपलोड की जा रही है। महिलाओं और बच्चों के हित के लिए चलाई जा रही योजनाएं, किसानों को मिल रही सुविधाएं, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा व्यवस्था आदि का ब्यौरा गांव-गांव एकत्र किया जा रहा है। इसी के आधार पर रैंकिंग की जाएगी। बेहतर रैकिंग वाले गांवों को पंचायती राज्य पुरस्कार भी मिल सकता है।