{"_id":"57434c8a4f1c1b1d1669188c","slug":"misdemeanor-with-innocent-in-the-garden","type":"story","status":"publish","title_hn":"अगवा कर बाग में मासूम से दुराचार","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
अगवा कर बाग में मासूम से दुराचार
अमर उजाला ब्यूरो/अंबेडकरनगर
Updated Tue, 24 May 2016 12:01 AM IST
विज्ञापन
गैंगरेप
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र में वहशी दरिंदों ने एक सात वर्षीय मासूम को अगवा कर आम के बाग में दुराचार किया। खून से लथपथ मासूम को महिलाओं ने बेहोशी की हालत में देखा और ग्रामीणों की मदद से उसे जिला अस्पताल भर्ती कराया। डॉक्टरों ने उसे लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर किया है।
विज्ञापन
परिवारीजनों का आरोप है कि दलित उत्पीड़न व दुराचार की शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई करने के बजाए बैरंग लौटा दिया। जिला मुख्यालय से दोस्तपुर जाने वाले मार्ग पर स्थित एक गांव में 21 मई की रात बाबा की तेरहवीं में परिषदीय विद्यालय में कक्षा तीन में अध्ययनरत एक सात वर्षीय छात्रा आई थी।
विज्ञापन
ग्रामीणों की मानें तो रात नौ बजे गांव के ही कुछ दरिंदे मासूम बच्ची को अगवा कर गांव के बाहर आम के बाग में ले गए। तीन दरिंदों में दो आम के बाग से चले गए। जबकि, गांव के एक सजातीय दरिंदे ने मासूम बच्ची को दबोच लिया। विरोध पर उसकी पिटाई करने के साथ ही दुराचार किया और फरार हो गया।
विज्ञापन
हैवानियत से उसके नाजुक अंगों पर चोट आई और खून का रिसाव शुरू हो गया। खून से लथपथ मासूम बच्ची अपने चीखती चिल्लाती रही व इसके बाद बेहोश हो गई। इसी बीच गांव की कुछ महिलाएं नित्यक्रिया के लिए खेत की ओर आई तो वहां बालिका को बेहोश पड़ा देखा। आनन-फानन में परिजन व अन्य ग्रामीण भी मौके पर जुटे।
मासूम बच्ची को रात 10 बजे जिला अस्पताल भर्ती कराया गया। जहां से हालत गंभीर बताते हुए डॉक्टरों ने उसे फैजाबाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया। वहां भी प्राथमिक उपचार के बाद तुरंत उसे ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया गया। ट्रॉमा में उसकी हालत नाजुक बनी है।
केजीएमयू के हेड पीडियाट्रिक सर्जरी प्रो.एसएन कुरील ने बताया कि बच्ची की इंजरी सेक्सुअल एसाल्ट जैसी हैं। सर्जरी की जरूरत पड़ेगी। लैट्रीन का रास्ता पेट से बनाया जाएगा। जान को कोई खतरा नहीं है।
चिकित्सक डॉ. डीपी वर्मा ने बताया कि अस्पताल में बालिका की हालत गंभीर थी। किसी परिजन ने दुष्कर्म की कोई बात उस समय नहीं की थी। उसके शरीर से कांच बाहर निकल आई थी। इसे चिकित्सीय भाषा में रेपटेल प्रोलैप्स बोलते हैं। दुष्कर्म की जांच हुई नहीं थी, लेकिन फौरी तौर पर ऐसा कुछ लगा नहीं था। दुष्कर्म की बात सामने आई होती तो उसकी उस तरह से जांच कराई जाती।
अकबरपुर कोतवाल महेंद्र कुमार ने बताया कि दुष्कर्म जैसा कोई मामला नहीं था। बालिका नित्यक्रिया के लिए गई थी। दुबली पतली है। वहां शौच के दौरान उसे कांच उतर आयी। इसके चलते ही वह खून से लथपथ हो गई। चिकित्सकों से उनकी बात हुई थी।