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असलहा लहराने के शौकीनों की है यहां लंबी फेहरिस्त
Updated Wed, 17 Oct 2018 10:32 PM IST
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अंबेडकरनगर। असलहा लहराने को लेकर बसपा नेता व पूर्व सांसद राकेश पांडेय के पुत्र आशीष पांडेय भले ही सुर्खियों में हैं, लेकिन असलहा लेकर चलने व लहराने के शौकीनों की फेहरिस्त लंबी है। बात बात पर असलहा निकाल लेने जैसे मामलों में यदि आशीष जैसी सख्ती बरती गई होती, तो इस तरह की घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता था।
असलहों के शौकीन के तौर पर फिलहाल भले ही आशीष पांडेय का नाम चर्चा में हो, लेकिन जिले में कई ऐसे लोग हैं, जो संगठित अपराध के तौर पर असलहों का प्रदर्शन व प्रयोग करते रहे हैं, लेकिन उन्हें लेकर चुप्पी ही साधे रखा गया। ब्लॉक प्रमुख का चुनाव लड़ चुके पूर्व मंत्री के एक करीबी युवा नेता द्वारा लखनऊ के एक होटल में कुछ लोगों पर असलहा तान देने का मामला सामने आया था। इस मामले ने काफी तूल पकड़ा था, लेकिन सभी पर कार्रवाई की बजाए चंद प्यादों पर ही कार्रवाई कर पुलिस ने मामले में लीपापोती कर दी थी। कटेहरी ब्लॉक प्रमुख के साथ चलने वाले गुर्गे भी अक्सर असलहे लहराते देखे जा चुके हैं। भीटी तहसील निवासी व्यवसायी से नेता बने एक जनप्रतिनिधि के साथ चलने वाले कई गुर्गे अक्सर राह चलते वाहन चालकों आदि पर असलहे लहराते रहते हैं। पुलिस प्रशासन इन पर बीते कई वर्षों से लगाम नहीं लगा पा रहा है। एक माफिया का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह एक व्यापारी के सिर पर बोतल रखकर निशाना लगा रहा है। असलहों के शौकीन इस माफिया के पास यूं तो इन दिनों पुलिस के मुताबिक लाइसेंसी असलहा नहीं है, लेकिन इसके विपरीत उसके व उसके गुर्गों के पास असलहों की कोई कमी नहीं रहती है। जिले की राजनीति में सक्रिय कई और ऐसे नाम हैं, जो असलहों के शौकीन हैं। ऐसे लोगों के असलहे जब्त कर सिर्फ एक असलहा देने तथा समय-समय पर उनके कार्य व्यवहार की जांच की मांग उठने लगी है। उधर एसपी विपिन कुमार मिश्र ने कहा कि यदि किसी ने भी असलहों का दुरुपयोग किया, तो उसे संज्ञान में लेकर कार्रवाई सुनिश्चित होगी।
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असलहों के शौकीन के तौर पर फिलहाल भले ही आशीष पांडेय का नाम चर्चा में हो, लेकिन जिले में कई ऐसे लोग हैं, जो संगठित अपराध के तौर पर असलहों का प्रदर्शन व प्रयोग करते रहे हैं, लेकिन उन्हें लेकर चुप्पी ही साधे रखा गया। ब्लॉक प्रमुख का चुनाव लड़ चुके पूर्व मंत्री के एक करीबी युवा नेता द्वारा लखनऊ के एक होटल में कुछ लोगों पर असलहा तान देने का मामला सामने आया था। इस मामले ने काफी तूल पकड़ा था, लेकिन सभी पर कार्रवाई की बजाए चंद प्यादों पर ही कार्रवाई कर पुलिस ने मामले में लीपापोती कर दी थी। कटेहरी ब्लॉक प्रमुख के साथ चलने वाले गुर्गे भी अक्सर असलहे लहराते देखे जा चुके हैं। भीटी तहसील निवासी व्यवसायी से नेता बने एक जनप्रतिनिधि के साथ चलने वाले कई गुर्गे अक्सर राह चलते वाहन चालकों आदि पर असलहे लहराते रहते हैं। पुलिस प्रशासन इन पर बीते कई वर्षों से लगाम नहीं लगा पा रहा है। एक माफिया का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह एक व्यापारी के सिर पर बोतल रखकर निशाना लगा रहा है। असलहों के शौकीन इस माफिया के पास यूं तो इन दिनों पुलिस के मुताबिक लाइसेंसी असलहा नहीं है, लेकिन इसके विपरीत उसके व उसके गुर्गों के पास असलहों की कोई कमी नहीं रहती है। जिले की राजनीति में सक्रिय कई और ऐसे नाम हैं, जो असलहों के शौकीन हैं। ऐसे लोगों के असलहे जब्त कर सिर्फ एक असलहा देने तथा समय-समय पर उनके कार्य व्यवहार की जांच की मांग उठने लगी है। उधर एसपी विपिन कुमार मिश्र ने कहा कि यदि किसी ने भी असलहों का दुरुपयोग किया, तो उसे संज्ञान में लेकर कार्रवाई सुनिश्चित होगी।
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