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छात्र को विद्यालय में बंद कर घर चले गए शिक्षक
Updated Mon, 10 Sep 2018 10:32 PM IST
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केदारनगर (अंबेडकरनगर)। प्राथमिक विद्यालय अवसानपुर में कक्षा चार के एक छात्र को सोते समय कक्ष में बंद कर ही प्रधानाध्यापक व शिक्षक घर चले गए। छात्र की नींद खुलने पर बाद में कमरा बंद देख रोने लगा। हालांकि किसी तक उसकी आवाज नही पहुंच सकी। बाद में उसे खोजते हुए लगभग दो घंटे बाद परिवारीजन स्कूल पहुंचे तो वहां छात्र कमरे के भीतर से छात्र की आवाज सुन सन्न रह गए। इसी बीच पहुंची इब्राहिमपुर पुलिस ने दरवाजे का ताला तोड़कर छात्र को बाहर निकाला और परिवारीजनों के सुपुर्द कर दिया। इस बीच बेसिक शिक्षा विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया, जबकि एक सहायक अध्यापक का वेतन व तीन शिक्षा मित्रों का मानदेय रोकते हुए सभी से जवाब तलब किया गया है।
अवसानपुर गांव में सोमवार दोपहर बाद उस समय हड़कंप मच गया जब ग्रामीणों को पता चला कि कक्षा चार के एक छात्र दीपचन्द्र पुत्र रामरूप निवासी डिहवा अवसानपुर को विद्यालय में ही बंद कर शिक्षक घर चले गए। हुआ यह कि दोपहर करीब एक बजे करीब विद्यालय में जब अवकाश हुआ तो दीपचन्द्र एक कक्ष के अंदर मौजूद था। इसके बावजूद संबंधित कक्ष व विद्यालय मुख्य गेट पर ताला लगाने के दौरान प्रधानाध्यापक व शिक्षकों ने इस पर ध्यान नहीं दिया। उसका बड़ा भाई रामविकास इसी विद्यालय में कक्षा 5 का छात्र है। वह जब खेलते-कूदते घर पहुंचा तो दीपचन्द्र को साथ न देखकर घरवाले घबरा गए। इधर-उधर तलाश करने के साथ ही पुलिस को भी सूचित किया। थाना प्रभारी मनोज सिंह दलबल के साथ गांव पहुंच गए। सबसे पहले ग्रामीणों के साथ पुलिस टीम विद्यालय गई तो वहां एक कक्ष में छात्र को बंद देख सभी सन्न रह गए। लगभग दो घंटे तक कक्ष में बंद रहने के चलते वह रो रहा था और काफी घबराया हुआ था। पुलिस कर्मियों ने कक्ष का ताला तोड़ा। इसके बाद छात्र को परिवारीजनों के हवाले कर दिया। बाद में पहुंचे प्रधानाध्यापक लालबहादुर वर्मा ने बताया कि चूक के चलते ही यह घटना हुई है। विद्यालय बंद करते समय छात्र एक कक्ष में सो गया था। इसके चलते ही उसकी मौजूदगी का एहसास नहीं हो सका।
उधर मामले को गंभीरता से लेते हुए बीएसए अतुल कुमार सिंह ने प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया, जबकि सहायक अध्यापिका मिथिलेश व शिक्षामित्रों एकावली पाण्डेय, सुमित्रा व सविता का मानदेय रोकते हुए सभी से स्पष्टीकरण मांगा गया है। बीएसए ने कहा कि इस तरह की लापरवाही पर तत्काल एक्शन लिया गया है। कहीं और ऐसी घटना न हो यह तय किया जाएगा।
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अवसानपुर गांव में सोमवार दोपहर बाद उस समय हड़कंप मच गया जब ग्रामीणों को पता चला कि कक्षा चार के एक छात्र दीपचन्द्र पुत्र रामरूप निवासी डिहवा अवसानपुर को विद्यालय में ही बंद कर शिक्षक घर चले गए। हुआ यह कि दोपहर करीब एक बजे करीब विद्यालय में जब अवकाश हुआ तो दीपचन्द्र एक कक्ष के अंदर मौजूद था। इसके बावजूद संबंधित कक्ष व विद्यालय मुख्य गेट पर ताला लगाने के दौरान प्रधानाध्यापक व शिक्षकों ने इस पर ध्यान नहीं दिया। उसका बड़ा भाई रामविकास इसी विद्यालय में कक्षा 5 का छात्र है। वह जब खेलते-कूदते घर पहुंचा तो दीपचन्द्र को साथ न देखकर घरवाले घबरा गए। इधर-उधर तलाश करने के साथ ही पुलिस को भी सूचित किया। थाना प्रभारी मनोज सिंह दलबल के साथ गांव पहुंच गए। सबसे पहले ग्रामीणों के साथ पुलिस टीम विद्यालय गई तो वहां एक कक्ष में छात्र को बंद देख सभी सन्न रह गए। लगभग दो घंटे तक कक्ष में बंद रहने के चलते वह रो रहा था और काफी घबराया हुआ था। पुलिस कर्मियों ने कक्ष का ताला तोड़ा। इसके बाद छात्र को परिवारीजनों के हवाले कर दिया। बाद में पहुंचे प्रधानाध्यापक लालबहादुर वर्मा ने बताया कि चूक के चलते ही यह घटना हुई है। विद्यालय बंद करते समय छात्र एक कक्ष में सो गया था। इसके चलते ही उसकी मौजूदगी का एहसास नहीं हो सका।
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उधर मामले को गंभीरता से लेते हुए बीएसए अतुल कुमार सिंह ने प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया, जबकि सहायक अध्यापिका मिथिलेश व शिक्षामित्रों एकावली पाण्डेय, सुमित्रा व सविता का मानदेय रोकते हुए सभी से स्पष्टीकरण मांगा गया है। बीएसए ने कहा कि इस तरह की लापरवाही पर तत्काल एक्शन लिया गया है। कहीं और ऐसी घटना न हो यह तय किया जाएगा।
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