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फर्जी एंटी करप्शन अधिकारी बनकर वसूली करने में चार को दबोचा
Updated Wed, 05 Sep 2018 11:04 PM IST
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जलालपुर (अंबेडकरनगर)। एंटी करप्शन का अधिकारी बनकर मेडिकल स्टोरों पर छापेमारी कर अवैध वसूली का प्रयास करते चार को रंगे हाथ नागरिकों ने दबोचा लिया। गिरोह में शामिल दो सदस्य भाग निकलने में कामयाब रहे। सभी जालसाज दो मेडिकल स्टोर मालिकों पर एक लाख रुपये की अवैध रकम देने का दबाव बना रहे थे। पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर लिया है।
पुलिस के मुताबिक, आल इंडिया एंटी करप्शन क्राइम कंट्रोल का परिचय पत्र दिखाकर खुद को यूपी हेड बताने वाले दीपक चौरसिया के नेतृत्व में टीम ने बुधवार पूर्वाह्न यादव चौराहा स्थित शमा मेडिकल स्टोर व नवाब मेडिकल स्टोर पर छापा मारा। यहां उन्होंने लाइसेंस पेपर, रसीद, दवाओं की सूची आदि का निरीक्षण किया। कई दवाओं को अनाधिकृत बताते हुए कहा कि वे प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री कर रहे हैं। उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। दीपक ने कहा कि यदि कार्रवाई से बचना है, तो एक लाख रुपये की तत्काल व्यवस्था करो। बताया जाता है कि टीम के सदस्यों की कार्यशैली से दोनों मेडिकल स्टोर मालिकों को संदेह हुआ। उन्होंने इसकी जानकारी ड्रग यूनियन अध्यक्ष हाजी शोएब को दी।
जानकारी होते ही शोएब व संगठन से जुड़े कई सदस्य वहां पहुंचे। उन्हें देखते ही दुकान पर मौजूद टीम के सदस्यों में भगदड़ मच गई। यूनियन के सदस्यों ने फर्जी अधिकारी बने चार युवकों को पकड़ लिया, जबकि दो अन्य भागने में सफल रहे। पकड़े गए जालसाजों की पहचान दीपक, अतुल कुमार यादव, चंद्रजीत यादव व विकास कुमार के रूप में हुई। इस बीच मौके पर पहुंची पुलिस ने पकड़े गए चारों फर्जी अधिकारियों को हिरासत में ले लिया और थाने लेकर चली गई। कोतवाली प्रभारी नीरज सिंह ने बताया कि मेडिकल स्टोर मालिक मो. हैदर व जीशान हैदर की तहरीर पर धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर मामले में छानबीन की जा रही है।
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पुलिस के मुताबिक, आल इंडिया एंटी करप्शन क्राइम कंट्रोल का परिचय पत्र दिखाकर खुद को यूपी हेड बताने वाले दीपक चौरसिया के नेतृत्व में टीम ने बुधवार पूर्वाह्न यादव चौराहा स्थित शमा मेडिकल स्टोर व नवाब मेडिकल स्टोर पर छापा मारा। यहां उन्होंने लाइसेंस पेपर, रसीद, दवाओं की सूची आदि का निरीक्षण किया। कई दवाओं को अनाधिकृत बताते हुए कहा कि वे प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री कर रहे हैं। उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। दीपक ने कहा कि यदि कार्रवाई से बचना है, तो एक लाख रुपये की तत्काल व्यवस्था करो। बताया जाता है कि टीम के सदस्यों की कार्यशैली से दोनों मेडिकल स्टोर मालिकों को संदेह हुआ। उन्होंने इसकी जानकारी ड्रग यूनियन अध्यक्ष हाजी शोएब को दी।
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जानकारी होते ही शोएब व संगठन से जुड़े कई सदस्य वहां पहुंचे। उन्हें देखते ही दुकान पर मौजूद टीम के सदस्यों में भगदड़ मच गई। यूनियन के सदस्यों ने फर्जी अधिकारी बने चार युवकों को पकड़ लिया, जबकि दो अन्य भागने में सफल रहे। पकड़े गए जालसाजों की पहचान दीपक, अतुल कुमार यादव, चंद्रजीत यादव व विकास कुमार के रूप में हुई। इस बीच मौके पर पहुंची पुलिस ने पकड़े गए चारों फर्जी अधिकारियों को हिरासत में ले लिया और थाने लेकर चली गई। कोतवाली प्रभारी नीरज सिंह ने बताया कि मेडिकल स्टोर मालिक मो. हैदर व जीशान हैदर की तहरीर पर धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर मामले में छानबीन की जा रही है।
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