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आक्रोशित ग्रामीणों ने किया बेवाना थाने का घेराव, जमकर हंगामा
Updated Thu, 08 Mar 2018 12:32 AM IST
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अंबेडकरनगर। रास्ते के विवाद में हुए मारपीट के मामले में गिरफ्तारी न होने से नाराज अहलादे गांव के ग्रामीणों ने बुधवार को बेवाना थाने का घेराव कर जमकर बवाल किया। बड़ी तादाद में महिलाओं व पुरुषों के थाना घेराव की खबर मिलते ही आधा दर्जन थानों की फोर्स को आनन-फानन में थाने पहुंचना पड़ा। बाद में ग्रामीणों को समझाकर मामला शांत कराया गया। इससे पहले दोनों पक्षों के बीच हुए विवाद व मारपीट में कुल 6 ग्रामीण घायल हो गए थे। पुलिस ने मामले में एक पक्ष की तरफ से 10 लोगों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
अहलादे गांव के बाहर राजेश सिंह का खेत है। इसी के पास दलित बस्ती है। दोनों पक्षों के बीच रास्ते को लेकर लंबे समय से विवाद चला आ रहा है। कई बार दोनों पक्ष आमने सामने भी आ चुके हैं। मामला प्रशासन व पुलिस तक भी पहुंचा, लेकिन स्थाई निस्तारण करने के लिए संबंधित अधिकारियों द्वारा गंभीरता नहीं दिखाई गई। इसी का नतीजा रहा कि बुधवार को एक बार फिर से दोनों पक्ष आमने सामने आ गए। राजेश के मुताबिक बुधवार सुबह वह गेहूं की फसल की सिंचाई के लिए नाली ठीक कर रहा था। ऐसा करने से मना करते हुए दूसरे पक्ष के लोग मारपीट पर उतारू हो गए। दूसरे पक्ष के अनुसार लंबे समय से चले आ रहे मार्ग को क्षतिग्रस्त कर नाली बनाने से मना करने पर ही राजेश आदि ने गाली-गलौज शुरू कर दिया। बात इतनी बढ़ी कि दोनों पक्ष से बड़ी संख्या में लोग लाठी डंडा लेकर मौके पर एकत्र हो गए। देखते ही देखते उनके बीच लाठी-डंडे चलने लगे। घटना से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। गांव के कुछ बुजुर्गों ने पुलिस को सूचना देने के साथ ही समझाकर मामला शांत कराया। मारपीट में एक पक्ष के श्यामलाल, रामसूरत व राजबहादुर तथा दूसरे पक्ष के अनूप कुमार सिंह व शिवम सिंह को चोटें आईं।
इस बीच पिटाई मामले में आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी न होने से नाराज होकर बड़ी संख्या में दलित वर्ग से जुड़े महिला पुरुष थाने पहुंचे और घेराव करते हुए जमकर हंगामा किया। पुलिस प्रशासन के विरुद्ध नाराजगी जताते हुए केस दर्ज करने की मांग करने लगे। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए अकबरपुर, भीटी, महरुआ, मालीपुर समेत आधा दर्जन थानों की पुलिस को मौके पर पहुंचना पड़ा। सीओ सिटी धर्मेंद्र सचान भी बेवाना पहुंचे और ग्रामीणों को किसी तरह समझाकर मामला शांत कराया। बाद में दलित वर्ग के बिपिन कुमार की तहरीर पर दूसरे पक्ष के अनूप, बिपिन, अनुज, सुभाष, रामपलट, सत्यम, शानू, सुशील, राहुल व विकास समेत कुल दस लोगों के विरुद्ध केस दर्ज कर लिया। एसओ विश्वनाथ यादव ने बताया कि अभी दूसरे पक्ष की तरफ से तहरीर नहीं मिली है। यदि तहरीर मिलती है, तो केस दर्ज किया जाएगा। मामले में छानबीन की जा रही है।
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कराई जा रही आवश्यक कार्रवाई
सूचना पर बेवाना पुलिस मौके पर पहुंची। कार्रवाई की जा रही थी कि इसी बीच एक पक्ष के लोग उत्तेजित हो गए। उन्हें समझाकर शांत करा दिया गया। एक तरफ से मामले में केस दर्ज हो गया है। मामले की छानबीन की जा रही है। - धर्मेंद्र सचान, सीओ सिटी
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अहलादे गांव के बाहर राजेश सिंह का खेत है। इसी के पास दलित बस्ती है। दोनों पक्षों के बीच रास्ते को लेकर लंबे समय से विवाद चला आ रहा है। कई बार दोनों पक्ष आमने सामने भी आ चुके हैं। मामला प्रशासन व पुलिस तक भी पहुंचा, लेकिन स्थाई निस्तारण करने के लिए संबंधित अधिकारियों द्वारा गंभीरता नहीं दिखाई गई। इसी का नतीजा रहा कि बुधवार को एक बार फिर से दोनों पक्ष आमने सामने आ गए। राजेश के मुताबिक बुधवार सुबह वह गेहूं की फसल की सिंचाई के लिए नाली ठीक कर रहा था। ऐसा करने से मना करते हुए दूसरे पक्ष के लोग मारपीट पर उतारू हो गए। दूसरे पक्ष के अनुसार लंबे समय से चले आ रहे मार्ग को क्षतिग्रस्त कर नाली बनाने से मना करने पर ही राजेश आदि ने गाली-गलौज शुरू कर दिया। बात इतनी बढ़ी कि दोनों पक्ष से बड़ी संख्या में लोग लाठी डंडा लेकर मौके पर एकत्र हो गए। देखते ही देखते उनके बीच लाठी-डंडे चलने लगे। घटना से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। गांव के कुछ बुजुर्गों ने पुलिस को सूचना देने के साथ ही समझाकर मामला शांत कराया। मारपीट में एक पक्ष के श्यामलाल, रामसूरत व राजबहादुर तथा दूसरे पक्ष के अनूप कुमार सिंह व शिवम सिंह को चोटें आईं।
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इस बीच पिटाई मामले में आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी न होने से नाराज होकर बड़ी संख्या में दलित वर्ग से जुड़े महिला पुरुष थाने पहुंचे और घेराव करते हुए जमकर हंगामा किया। पुलिस प्रशासन के विरुद्ध नाराजगी जताते हुए केस दर्ज करने की मांग करने लगे। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए अकबरपुर, भीटी, महरुआ, मालीपुर समेत आधा दर्जन थानों की पुलिस को मौके पर पहुंचना पड़ा। सीओ सिटी धर्मेंद्र सचान भी बेवाना पहुंचे और ग्रामीणों को किसी तरह समझाकर मामला शांत कराया। बाद में दलित वर्ग के बिपिन कुमार की तहरीर पर दूसरे पक्ष के अनूप, बिपिन, अनुज, सुभाष, रामपलट, सत्यम, शानू, सुशील, राहुल व विकास समेत कुल दस लोगों के विरुद्ध केस दर्ज कर लिया। एसओ विश्वनाथ यादव ने बताया कि अभी दूसरे पक्ष की तरफ से तहरीर नहीं मिली है। यदि तहरीर मिलती है, तो केस दर्ज किया जाएगा। मामले में छानबीन की जा रही है।
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सूचना पर बेवाना पुलिस मौके पर पहुंची। कार्रवाई की जा रही थी कि इसी बीच एक पक्ष के लोग उत्तेजित हो गए। उन्हें समझाकर शांत करा दिया गया। एक तरफ से मामले में केस दर्ज हो गया है। मामले की छानबीन की जा रही है। - धर्मेंद्र सचान, सीओ सिटी