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चालू नहीं हो सकी दूसरी इकाई
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विद्युतनगर। एनटीपीसी बिजली घर में फेज टू की दूसरी इकाई से बिजली उत्पादन शुरू करने की कोशिश गुरुवार दिन में सफल नही हो पाई। अभियंताओं की कोशिश है कि देर रात तक इस यूनिट से भी बिजली उत्पादन शुरू कर दिया जाए। फेज टू की एक इकाई से बुधवार को उत्पादन पहले ही शुरू कर दिया गया था। फेज वन की सभी चार यूनिट से बिजली उत्पादन अभी भी ठप है। इस बीच एनटीपीसी प्रशासन ने भी जो जानकारी गुरुवार को सार्वजनिक की है, उसमें माना है कि 6 में से एक इकाई से ही अभी बिजली का उत्पादन किया जा रहा है।
देश भर में कोयला संकट को लेकर मचे शोर के बीच बीते दिनों उसका असर अंबेडकरनगर तक पहुंचा था। यहां एनटीपीसी फेज वन में लगी चार यूनिट अत्याधुनिक किस्म की नहीं हैं। उनसे बिजली उत्पादन करने के लिए अधिक कोयले की खपत होती है। उनसे उत्पादित बिजली महंगी भी पड़ती है। नतीजा यह हुआ कि जब देश के विभिन्न हिस्सों में कोयले का संकट चरम पर था तो फेज वन में लगी 110-110 क्षमता की चार अलग-अलग इकाइयों में से पहले 2 इकाई में उत्पादन रोक दिया गया। इसके बाद दो और इकाइयां भी अस्थायी रूप से ठप हो गईं।
उधर 660-660 मेगावाट की फेज टू की दो नई इकाइयों से बिजली उत्पादन हिचकोले खाता रहा। इन्हीं सब के बीच गत दिवस फेज टू की भी दोनों इकाइयों से बिजली उत्पादन ठप हो गया। समूचे बिजली घर में उत्पादन ठप पड़ जाने की खबर सिर्फ अमर उजाला ने प्रकाशित की। इस बीच बुधवार को फेज टू में लगी 660 मेगावाट की एक इकाई से बिजली उत्पादन शुरु कर दिया गया।
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फेज टू की दूसरी इकाई से बुधवार रात ही बिजली उत्पादन शुरू हो जाने की तैयारी थी, लेकिन कतिपय कारणों से ऐसा नहीं हो पाया। गुरुवार को भी पूरे दिन फेज टू की दूसरी इकाई से बिजली उत्पादन शुरू किए जाने की तैयारियों को झटका लगा। गुरुवार को ही एनटीपीसी की तरफ से दी गई जानकारी ने भी अमर उजाला की खबरों की एक तरह से पुष्टि कर दी। जनसंपर्क अधिकारी शिखा प्रसून की तरफ से दी गई जानकारी में कहा गया कि 660 मेगावाट की एक इकाई से बिजली उत्पादन 5 नवंबर को, जबकि दूसरी इकाई से 7 नवंबर को ग्रिड में मांग कम होने के फलस्वरूप बिजली उत्पादन बंद किया गया था। कोयले के अभाव में कोई यूनिट बंद नहीं हुई है।
कहा गया कि द्वितीय चरण की सिर्फ पांचवीं इकाई से ही अभी उत्पादन पूरी क्षमता के अनुसार किया जा रहा है। मांग न होने के कारण प्रथम चरण एवं द्वितीय चरण की अन्य इकाइयों से बिजली उत्पादन के लिए उत्तर प्रदेश लोड डिस्पैच सेंटर की स्वीकृति प्रतीक्षित है। उधर एनटीपीसी की ओर से दी गई जानकारी के बाद गुरुवार शाम तक यह स्थिति अधिकृत तौर पर भी स्पष्ट हो गई कि यहां 6 इकाई में से सिर्फ एक इकाई ही गुरुवार शाम तक संचालित हो पायी। एनटीपीसी सूत्रों के अनुसार गुरुवार देर रात तक फेज टू की दूसरी इकाई से भी उत्पादन शुरू होने की पूरी उम्मीद है।
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देश भर में कोयला संकट को लेकर मचे शोर के बीच बीते दिनों उसका असर अंबेडकरनगर तक पहुंचा था। यहां एनटीपीसी फेज वन में लगी चार यूनिट अत्याधुनिक किस्म की नहीं हैं। उनसे बिजली उत्पादन करने के लिए अधिक कोयले की खपत होती है। उनसे उत्पादित बिजली महंगी भी पड़ती है। नतीजा यह हुआ कि जब देश के विभिन्न हिस्सों में कोयले का संकट चरम पर था तो फेज वन में लगी 110-110 क्षमता की चार अलग-अलग इकाइयों में से पहले 2 इकाई में उत्पादन रोक दिया गया। इसके बाद दो और इकाइयां भी अस्थायी रूप से ठप हो गईं।
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उधर 660-660 मेगावाट की फेज टू की दो नई इकाइयों से बिजली उत्पादन हिचकोले खाता रहा। इन्हीं सब के बीच गत दिवस फेज टू की भी दोनों इकाइयों से बिजली उत्पादन ठप हो गया। समूचे बिजली घर में उत्पादन ठप पड़ जाने की खबर सिर्फ अमर उजाला ने प्रकाशित की। इस बीच बुधवार को फेज टू में लगी 660 मेगावाट की एक इकाई से बिजली उत्पादन शुरु कर दिया गया।
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फेज टू की दूसरी इकाई से बुधवार रात ही बिजली उत्पादन शुरू हो जाने की तैयारी थी, लेकिन कतिपय कारणों से ऐसा नहीं हो पाया। गुरुवार को भी पूरे दिन फेज टू की दूसरी इकाई से बिजली उत्पादन शुरू किए जाने की तैयारियों को झटका लगा। गुरुवार को ही एनटीपीसी की तरफ से दी गई जानकारी ने भी अमर उजाला की खबरों की एक तरह से पुष्टि कर दी। जनसंपर्क अधिकारी शिखा प्रसून की तरफ से दी गई जानकारी में कहा गया कि 660 मेगावाट की एक इकाई से बिजली उत्पादन 5 नवंबर को, जबकि दूसरी इकाई से 7 नवंबर को ग्रिड में मांग कम होने के फलस्वरूप बिजली उत्पादन बंद किया गया था। कोयले के अभाव में कोई यूनिट बंद नहीं हुई है।
कहा गया कि द्वितीय चरण की सिर्फ पांचवीं इकाई से ही अभी उत्पादन पूरी क्षमता के अनुसार किया जा रहा है। मांग न होने के कारण प्रथम चरण एवं द्वितीय चरण की अन्य इकाइयों से बिजली उत्पादन के लिए उत्तर प्रदेश लोड डिस्पैच सेंटर की स्वीकृति प्रतीक्षित है। उधर एनटीपीसी की ओर से दी गई जानकारी के बाद गुरुवार शाम तक यह स्थिति अधिकृत तौर पर भी स्पष्ट हो गई कि यहां 6 इकाई में से सिर्फ एक इकाई ही गुरुवार शाम तक संचालित हो पायी। एनटीपीसी सूत्रों के अनुसार गुरुवार देर रात तक फेज टू की दूसरी इकाई से भी उत्पादन शुरू होने की पूरी उम्मीद है।