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Ambedkar Nagar News: रास्ते के पचड़े में अटका अस्पताल का निर्माण

Tue, 29 Jul 2025 01:10 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर Updated Tue, 29 Jul 2025 01:10 AM IST
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Construction of hospital stuck in road blockage
टांडा के इ​ल्तिफातगंज में आयुर्वे​दिक अस्पताल के लिए खोदी गई नींव।
अंबेडकरनगर। टांडा के इल्तिफातगंज में प्रस्तावित आयुर्वेदिक अस्पताल का निर्माण कार्य रास्ते के पचड़े में फंसकर अटक गया है। शासन की ओर से निर्माण के लिए पहली किस्त के 15 लाख रुपये भी कार्यदायी संस्था को जारी किए जा चुके हैं। वहीं, कार्यदायी संस्था ने निर्माण के लिए नींव भी खोद दी थी। इसके बाद राजस्व विभाग से मिली जमीन पर रास्ते की समस्या आ गई। चार माह से अधिक समय से विभाग की ओर से जमीन के लिए पत्राचार किया जा रहा है। वहीं, तहसील प्रशासन इस मामले से अनजान बना बैठा है।
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टांडा तहसील के इल्तिफातगंज नगर पंचायत में लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं में इजाफा करते हुए आयुर्वेदिक अस्पताल का निर्माण होना था, जिससे लोगों को इलाज के लिए कहीं और भटकना न पड़ा। इसको लेकर स्थानीय लोगों की काफी समय पहले से मांग थी। इसके बाद आयुर्वेदिक विभाग ने शासन को अस्पताल के निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजा और उसकी स्वीकृति भी हो गई। फरवरी में कार्यदायी संस्था के रूप में यूपीपीसीएल को नामित कर दिया गया। शासन की ओर से 30 लाख के बजट वाले इस अस्पताल की पहली किस्त 15 लाख रुपये भी जारी कर दिए गए। कार्यदायी संस्था ने फरवरी में ही इसका निर्माण कार्य शुरू करा दिया है।
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नींव खोदने के दौरान जमीन के पड़ोस के व्यक्ति ने जमीन में अपना गाटा संख्या बताकर काम को रुकवा दिया। मामले को लेकर दोनों पक्ष एसडीएम के पास पहुंचे तो दोबारा से जमीन की पैमाइश कराई गई। इसके बाद राजस्व विभाग के नक्शे में आयुर्वेद विभाग को जो जमीन दी गई है उसका नंबर पीछे था और रोक लगाने वाले का गाटा नंबर आगे निकल आया। ऐसे में जो जमीन विभाग के नाम है वहां पर जाने के लिए कोई रास्ता नहीं है। इस कारण विभाग ने अस्पताल बनाने के लिए मना कर दिया।
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इसके बाद चार माह से अधिक को समय बीत गया, लेकिन आयुर्वेदिक अस्पताल बनाने के लिए जमीन नहीं मिल पाई। यही वजह है कि राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल बनने का सपना अधूरा पड़ा है। विभाग से लेकर कार्यदायी संस्था लगातार राजस्व विभाग के अधिकारियों से जमीन की मांग कर रहे हैं। लगातार पत्राचार के बाद भी अब तक विभाग को कोई दूसरी जमीन नहीं मिल पाई।
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वर्जन
आयुर्वेदिक अस्पताल के लिए कोई ढंग की जगह जमीन नहीं मिल रही। जिस भूमि को राजस्व विभाग ने पहले दिया था उसमें बाद में रास्ते की समस्या आ गई। अस्पताल के निर्माण के लिए पहली किस्त कार्यदायी संस्था को मिल गई है। -डॉ. रणजीत कुमार, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक और यूनानी अधिकारी


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वर्जन

अस्पताल की जमीन को लेकर कोई जानकारी नहीं है। इस तरीके का मामला है तो जमीन की तलाश कराई जाएगी, ताकि अस्पताल के निर्माण में कोई व्यवधान न हो। -अरविंद त्रिपाठी, एसडीएम टांडा
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