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Ambedkar Nagar News: कांग्रेस नेता हत्याकांड में ज्ञानेंद्र और कैलाश बरी
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अंबेडकरनगर। महाराष्ट्र के बहुचर्चित कांग्रेस नेता हत्याकांड में आरोपी जिले के निवासी ज्ञानेंद्र पांडेय और कैलाश यादव को सीबीआई विशेष अदालत ने पर्याप्त सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है। इसके बाद इनके समर्थकों में खुशी की लहर है।
महाराष्ट्र कांग्रेस नेता पवनराजे निंबालकर और उनके ड्राइवर समद काजी तीन जून 2006 को मुंबई से उस्मानाबाद (अब धाराशिव) जा रहे थे, तभी नवी मुंबई के कलांबोली में दो हमलावरों ने उनकी कार को रोककर उन पर गोलियां चलाईं, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। परिवार ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के दखल के बाद, जांच सीबीआई को सौंप दी गई।
मुख्य आरोपी व उनके चचेरे भाई, पूर्व एनसीपी सांसद पद्मसिंह पाटिल सहित जिले के कोटवा महमदपुर निवासी ज्ञानेंद्र पांडेय और बसखारी निवासी कैलाश यादव का नाम भी इस हत्याकांड में शामिल था। करीब 20 साल तक चले इस लंबे मुकदमे के दौरान अदालत ने सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे समेत 128 गवाहों के बयान दर्ज किए थे।
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शनिवार को मुंबई की विशेष सीबीआई अदालत ने 2006 के पवनराजे निंबालकर हत्याकांड में पूर्व सांसद पद्मसिंह पाटिल सहित सभी आरोपियों को बरी कर दिया है। कैलाश यादव उस समय बसपा नेता थे। वहीं, ज्ञानेंद्र पांडेय भाजपा में अपनी जमीन मजबूत करने में जुटे हैं। कैलाश के बेटे समाजसेवी शरद यादव और छोटे पांडेय के बेटे वागीश पांडेय ने कहा उनको न्यायालय पर पूरा विश्वास था।
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महाराष्ट्र कांग्रेस नेता पवनराजे निंबालकर और उनके ड्राइवर समद काजी तीन जून 2006 को मुंबई से उस्मानाबाद (अब धाराशिव) जा रहे थे, तभी नवी मुंबई के कलांबोली में दो हमलावरों ने उनकी कार को रोककर उन पर गोलियां चलाईं, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। परिवार ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के दखल के बाद, जांच सीबीआई को सौंप दी गई।
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मुख्य आरोपी व उनके चचेरे भाई, पूर्व एनसीपी सांसद पद्मसिंह पाटिल सहित जिले के कोटवा महमदपुर निवासी ज्ञानेंद्र पांडेय और बसखारी निवासी कैलाश यादव का नाम भी इस हत्याकांड में शामिल था। करीब 20 साल तक चले इस लंबे मुकदमे के दौरान अदालत ने सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे समेत 128 गवाहों के बयान दर्ज किए थे।
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शनिवार को मुंबई की विशेष सीबीआई अदालत ने 2006 के पवनराजे निंबालकर हत्याकांड में पूर्व सांसद पद्मसिंह पाटिल सहित सभी आरोपियों को बरी कर दिया है। कैलाश यादव उस समय बसपा नेता थे। वहीं, ज्ञानेंद्र पांडेय भाजपा में अपनी जमीन मजबूत करने में जुटे हैं। कैलाश के बेटे समाजसेवी शरद यादव और छोटे पांडेय के बेटे वागीश पांडेय ने कहा उनको न्यायालय पर पूरा विश्वास था।