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फरियादी परेशान, अधिकारी नहीं दे रहे ध्यान
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अंबेडकरनगर। समस्याओं को लेकर तमाम पीड़ितों को वर्षों से जूझना पड़ रहा है। अधिकारियों से फरियाद करते-करते पीड़ित थक जा रहे हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो पा रही। मामलों के फौरी निस्तारण के चलते ही तमाम पात्रों की समस्याएं स्थायी रूप से हल नहीं हो पा रही हैं। नतीजा यह है कि कभी तहसील तो कभी थाने में होने वाले समाधान दिवस का चक्कर लगाने को फरियादियों को विवश होना पड़ रहा है।
पीड़ितों का कहना है कि यदि प्रत्येक समाधान दिवस में यह तय कर लिया जाए कि 20 से 25 प्रतिशत मामलों का स्थायी समाधान सुनिश्चित कराया ही जाएगा तो भी धीरे-धीरे पीड़ितों को लाभ मिल जाए। ऐसा करने की बजाय सिर्फ इक्का-दुक्का मामलों के ही तात्कालिक निस्तारण पर ही प्रशासन का जोर चलता आ रहा है। इसी के चलते पीड़ितों को न्याय नहीं मिल पा रहा है। मंगलवार को तहसीलों में एक बार फिर से ऐसे तमाम फरियादी पहुंचे जो वर्षों से दौड़ लगाने को विवश हैं। पेश है उनसे बातचीत के अंश।
जमीन से नहीं हट सका कब्जा
अशरफपुर बरवां निवासी गोवर्धन ने कहा कि विद्युत उपकेंद्र के समक्ष उनकी पुश्तैनी भूमि पर विपक्षियों की ओर से कब्जा कर लिया गया है। वे सात बार इसे लेकर संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायत कर चुके हैं। इसके अलावा स्थानीय प्रशासन से भी शिकायत की है। इन सबकेे बावजूद अब तक कोई ठोस कदम इस संबंध में नहीं उठाया जा सका है। नतीजा यह है कि विपक्षियों का कब्जा लगातार जारी है और वे अब तो निर्माण कार्य भी कराने लगे हैं। जब इसका विरोध किया जाता है, तो विपक्षियों की ओर से धमकी दी जाती है।
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जमीन से नहीं हटा कब्जा
बेवाना थाना क्षेत्र के समोधपुर गांव निवासी राकेश कुमार ने कहा कि चकमार्ग पर गांव के ही एक व्यक्ति ने घर का निर्माण प्रारंभ कर दिया है। इससे संबंधित मार्ग पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। इस मार्ग पर प्रतिदिन 12 से अधिक घरों के लोग आवागमन करते थे। इसकी शिकायत स्थानीय प्रशासन से की गई थी। इसके अलावा चार बार संपूर्ण समाधान दिवस में भी शिकायत दर्ज करा चुके हैं, लेकिन कोई ठोस कदम अब तक नहीं उठाया जा सका है।
17 बार की शिकायत, नतीजा शून्य
मिझौड़ा निवासी गयाप्रसाद यादव ने कहा कि ग्राम समाज की भूमि से होकर चकमार्ग के निर्माण की मांग लंबे समय से की जा रही है। संबंधित चकमार्ग पर विपक्षियों ने अवैध ढंग से कब्जा कर रखा है। इसकी शिकायत वह स्थानीय प्रशासन से लेकर थाने तक कर चुका है। 17 बार संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायत दर्ज करा चुके हैं, लेकिन अब तक किसी ने इसकी सुध नहीं ली है। नतीजा यह है कि कब्जा करने वालों की ओर से अब निर्माण भी प्रारंभ कर दिया गया है। समुचित रास्ता न होने से ग्रामीणों को आवागमन में भी मुश्किलें हो रही हैं।
नहीं मिल रही छात्रवृत्ति
हंसवर निवासी रमन गुप्ता ने कहा कि वे हाईस्कूल के छात्र हैं। छात्रवृत्ति के लिए उन्होंने आवेदन किया था, लेकिन नहीं मिल सकी। इसकी शिकायत जिम्मेदारों से की भी गई, लेकिन सिर्फ आश्वासन ही मिला। छात्रवृत्ति न मिलने से उनके समक्ष विभिन्न प्रकार की मुश्किलें खड़ी हो रही हैं। जिम्मेदारों से किसी भी प्रकार की राहत न मिलने से अब उन्होंने इसकी शिकायत संपूर्ण समाधान दिवस में की है।
चार बार की फरियाद, कब्जा बरकरार
जलालपुर के मस्तराम ने कहा कि उसकी पुश्तैनी भूमि पर विपक्षियों ने कब्जा कर रखा है। जब वह इसका विरोध करता है, तो संबंधित द्वारा धमकी दी जाती है। इसकी शिकायत कई बार स्थानीय प्रशासन से की गई, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा सका। चार बार संपूर्ण समाधान दिवस में भी शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन सिर्फ आश्वासन ही मिला। इससे आगे प्रक्रिया नहीं बढ़ सकी।
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पीड़ितों का कहना है कि यदि प्रत्येक समाधान दिवस में यह तय कर लिया जाए कि 20 से 25 प्रतिशत मामलों का स्थायी समाधान सुनिश्चित कराया ही जाएगा तो भी धीरे-धीरे पीड़ितों को लाभ मिल जाए। ऐसा करने की बजाय सिर्फ इक्का-दुक्का मामलों के ही तात्कालिक निस्तारण पर ही प्रशासन का जोर चलता आ रहा है। इसी के चलते पीड़ितों को न्याय नहीं मिल पा रहा है। मंगलवार को तहसीलों में एक बार फिर से ऐसे तमाम फरियादी पहुंचे जो वर्षों से दौड़ लगाने को विवश हैं। पेश है उनसे बातचीत के अंश।
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जमीन से नहीं हट सका कब्जा
अशरफपुर बरवां निवासी गोवर्धन ने कहा कि विद्युत उपकेंद्र के समक्ष उनकी पुश्तैनी भूमि पर विपक्षियों की ओर से कब्जा कर लिया गया है। वे सात बार इसे लेकर संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायत कर चुके हैं। इसके अलावा स्थानीय प्रशासन से भी शिकायत की है। इन सबकेे बावजूद अब तक कोई ठोस कदम इस संबंध में नहीं उठाया जा सका है। नतीजा यह है कि विपक्षियों का कब्जा लगातार जारी है और वे अब तो निर्माण कार्य भी कराने लगे हैं। जब इसका विरोध किया जाता है, तो विपक्षियों की ओर से धमकी दी जाती है।
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जमीन से नहीं हटा कब्जा
बेवाना थाना क्षेत्र के समोधपुर गांव निवासी राकेश कुमार ने कहा कि चकमार्ग पर गांव के ही एक व्यक्ति ने घर का निर्माण प्रारंभ कर दिया है। इससे संबंधित मार्ग पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। इस मार्ग पर प्रतिदिन 12 से अधिक घरों के लोग आवागमन करते थे। इसकी शिकायत स्थानीय प्रशासन से की गई थी। इसके अलावा चार बार संपूर्ण समाधान दिवस में भी शिकायत दर्ज करा चुके हैं, लेकिन कोई ठोस कदम अब तक नहीं उठाया जा सका है।
17 बार की शिकायत, नतीजा शून्य
मिझौड़ा निवासी गयाप्रसाद यादव ने कहा कि ग्राम समाज की भूमि से होकर चकमार्ग के निर्माण की मांग लंबे समय से की जा रही है। संबंधित चकमार्ग पर विपक्षियों ने अवैध ढंग से कब्जा कर रखा है। इसकी शिकायत वह स्थानीय प्रशासन से लेकर थाने तक कर चुका है। 17 बार संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायत दर्ज करा चुके हैं, लेकिन अब तक किसी ने इसकी सुध नहीं ली है। नतीजा यह है कि कब्जा करने वालों की ओर से अब निर्माण भी प्रारंभ कर दिया गया है। समुचित रास्ता न होने से ग्रामीणों को आवागमन में भी मुश्किलें हो रही हैं।
नहीं मिल रही छात्रवृत्ति
हंसवर निवासी रमन गुप्ता ने कहा कि वे हाईस्कूल के छात्र हैं। छात्रवृत्ति के लिए उन्होंने आवेदन किया था, लेकिन नहीं मिल सकी। इसकी शिकायत जिम्मेदारों से की भी गई, लेकिन सिर्फ आश्वासन ही मिला। छात्रवृत्ति न मिलने से उनके समक्ष विभिन्न प्रकार की मुश्किलें खड़ी हो रही हैं। जिम्मेदारों से किसी भी प्रकार की राहत न मिलने से अब उन्होंने इसकी शिकायत संपूर्ण समाधान दिवस में की है।
चार बार की फरियाद, कब्जा बरकरार
जलालपुर के मस्तराम ने कहा कि उसकी पुश्तैनी भूमि पर विपक्षियों ने कब्जा कर रखा है। जब वह इसका विरोध करता है, तो संबंधित द्वारा धमकी दी जाती है। इसकी शिकायत कई बार स्थानीय प्रशासन से की गई, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा सका। चार बार संपूर्ण समाधान दिवस में भी शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन सिर्फ आश्वासन ही मिला। इससे आगे प्रक्रिया नहीं बढ़ सकी।