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Ambedkar Nagar News: औद्योगिक कॉरिडोर में चिप्स, नूडल्स के साथ च्यवनप्राश भी बनेगा
Thu, 12 Dec 2024 11:54 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Thu, 12 Dec 2024 11:54 AM IST
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अश्विनी मिश्र
अंबेडकरनगर। जिले के दो औद्योगिक कॉरिडोर में निवेश के लिए कई देसी व विदेशी फर्मों ने रुझान दिखाया है। विशेषतौर पर नेपाल की यशोदा फूड प्राइवेट लिमिटेड ने दोनों कॉरिडोर में से कहीं भी पांच एकड़ भूमि के आवंटन का प्रस्ताव दिया है, ताकि वहां पर 12 करोड़ की लागत से चिप्स, नमकीन व नूडल्स बनाने की फैक्टरी लगाई जा सके। उत्तराखंड, महाराष्ट्र व दिल्ली की फर्में भी जिले में निवेश के लिए आगे आने लगी हैं। इससे जल्दी ही जिले के विकास में तेजी आएगी।
जिले में चिह्नित दोनों कॉरिडोर के लिए लगभग 75 फीसदी भूमि का बैनामा अब तक प्राधिकरण के पक्ष में कराया गया है। शतप्रतिशत बैनामा होने के बाद औद्योगिक विकास प्राधिकरण दोनों क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाएं स्थापित करने व अलग-अलग उद्योगों को भूमि आवंटित करने की प्रक्रिया शुरू करेगा।
जिला प्रशासन के विशेष प्रयासों के चलते पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के बगल बेवाना में तथा गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के निकट जलालपुर में दो औद्योगिक कॉरिडोर की स्थापना को शासन ने मंजूरी दी है। दोनों स्थानों पर सार्वजनिक भूमि के अलावा किसानों की भूमि लेने के लिए भी बैनामा कराया जा रहा है।
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औद्योगिक कॉरिडोर के अस्तित्व में आने के बाद जिले में रोजगार सृजन के साथ ही विकास के नए आयाम भी स्थापित हो सकेंगे। इसका अंदाजा इसी से दिखने लगा है कि यहां पर निवेश करने के लिए अभी से देश-विदेश की कई नामचीन फर्मों ने अपनी इकाई स्थापित करने की रुचि दिखानी शुरू कर दी है।
नेपाल की फर्म के मैनेजर वीरेंद्र शेखावत जिले में आकर दोनों प्रस्तावित कॉरिडोर स्थल का जायजा भी ले चुके हैं। योग गुरु बाबा रामदेव से जुड़ी फर्म पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड हरिद्वार ने भी यहां पांच एकड़ भूमि आवंटित किए जाने का प्रस्ताव जिला प्रशासन के पास भेजा है। फर्म द्वारा इसमें मुख्य तौर पर च्यवनप्राश व अन्य सामग्रियां तैयार कराई जाएंगी।
इसके साथ ही महाराष्ट्र की कंपनी जय भवानी लिमिटेड ने भी तीन से पांच एकड़ भूमि मांगी है। इस फर्म द्वारा यहां नमकीन बनाने की फैक्टरी लगाई जाएगी। संस्था के प्रतिनिधि आशुतोष सिंह यहां आकर गत दिवस ही दोनों कॉरिडोर स्थल का जायजा भी ले चुके हैं। दिल्ली की फर्म टैगो फ्लैक्स प्राइवेट लिमिटेड ने यहां बिजली के केबल बनाने की फैक्टरी लगाने का प्रस्ताव दिया है। इस फर्म को दो एकड़ भूमि की जरूरत है। संस्था ने अपना प्रस्ताव उद्योग विभाग को भेजा है। (संवाद)
स्थानीय उद्योगपति भी निवेश को तैयार
जिले के व्यापारियों व उद्योगपतियों ने भी औद्योगिक कॉरिडोर में भूमि आवंटित करा कर नए उद्योग लगाने के लिए निवेश करने में रुचि दिखाई है। इसमें ज्यादातर टांडा तहसील, अकबरपुर व आलापुर क्षेत्र के कारोबारी शामिल हैं। निवेशक मित्र अखिलेश पटेल ने बताया कि जिला प्रशासन के प्रयासों से कई और बाहरी फर्मों द्वारा भी जल्दी यहां निवेश के लिए प्रस्ताव देने की उम्मीद है।
निवेश के लिए आ रही कंपनियां
जिले में प्रस्तावित दोनों ही औद्योगिक कॉरिडोर क्षेत्र में तमाम बड़ी कंपनियां निवेश करने के लिए आगे आ रही हैं। इससे जिले के लोगों को रोजगार मिलने के साथ ही उनकी आय में भी बढ़ोतरी होगी। मुख्यमंत्री ने वन ट्रिलियन अर्थव्यवस्था का जो लक्ष्य निर्धारित किया है, उसमें यह दोनों कॉरिडोर महत्त्वपूर्ण योगदान देंगे। -अविनाश सिंह, डीएम
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अंबेडकरनगर। जिले के दो औद्योगिक कॉरिडोर में निवेश के लिए कई देसी व विदेशी फर्मों ने रुझान दिखाया है। विशेषतौर पर नेपाल की यशोदा फूड प्राइवेट लिमिटेड ने दोनों कॉरिडोर में से कहीं भी पांच एकड़ भूमि के आवंटन का प्रस्ताव दिया है, ताकि वहां पर 12 करोड़ की लागत से चिप्स, नमकीन व नूडल्स बनाने की फैक्टरी लगाई जा सके। उत्तराखंड, महाराष्ट्र व दिल्ली की फर्में भी जिले में निवेश के लिए आगे आने लगी हैं। इससे जल्दी ही जिले के विकास में तेजी आएगी।
जिले में चिह्नित दोनों कॉरिडोर के लिए लगभग 75 फीसदी भूमि का बैनामा अब तक प्राधिकरण के पक्ष में कराया गया है। शतप्रतिशत बैनामा होने के बाद औद्योगिक विकास प्राधिकरण दोनों क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाएं स्थापित करने व अलग-अलग उद्योगों को भूमि आवंटित करने की प्रक्रिया शुरू करेगा।
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जिला प्रशासन के विशेष प्रयासों के चलते पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के बगल बेवाना में तथा गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के निकट जलालपुर में दो औद्योगिक कॉरिडोर की स्थापना को शासन ने मंजूरी दी है। दोनों स्थानों पर सार्वजनिक भूमि के अलावा किसानों की भूमि लेने के लिए भी बैनामा कराया जा रहा है।
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औद्योगिक कॉरिडोर के अस्तित्व में आने के बाद जिले में रोजगार सृजन के साथ ही विकास के नए आयाम भी स्थापित हो सकेंगे। इसका अंदाजा इसी से दिखने लगा है कि यहां पर निवेश करने के लिए अभी से देश-विदेश की कई नामचीन फर्मों ने अपनी इकाई स्थापित करने की रुचि दिखानी शुरू कर दी है।
नेपाल की फर्म के मैनेजर वीरेंद्र शेखावत जिले में आकर दोनों प्रस्तावित कॉरिडोर स्थल का जायजा भी ले चुके हैं। योग गुरु बाबा रामदेव से जुड़ी फर्म पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड हरिद्वार ने भी यहां पांच एकड़ भूमि आवंटित किए जाने का प्रस्ताव जिला प्रशासन के पास भेजा है। फर्म द्वारा इसमें मुख्य तौर पर च्यवनप्राश व अन्य सामग्रियां तैयार कराई जाएंगी।
इसके साथ ही महाराष्ट्र की कंपनी जय भवानी लिमिटेड ने भी तीन से पांच एकड़ भूमि मांगी है। इस फर्म द्वारा यहां नमकीन बनाने की फैक्टरी लगाई जाएगी। संस्था के प्रतिनिधि आशुतोष सिंह यहां आकर गत दिवस ही दोनों कॉरिडोर स्थल का जायजा भी ले चुके हैं। दिल्ली की फर्म टैगो फ्लैक्स प्राइवेट लिमिटेड ने यहां बिजली के केबल बनाने की फैक्टरी लगाने का प्रस्ताव दिया है। इस फर्म को दो एकड़ भूमि की जरूरत है। संस्था ने अपना प्रस्ताव उद्योग विभाग को भेजा है। (संवाद)
स्थानीय उद्योगपति भी निवेश को तैयार
जिले के व्यापारियों व उद्योगपतियों ने भी औद्योगिक कॉरिडोर में भूमि आवंटित करा कर नए उद्योग लगाने के लिए निवेश करने में रुचि दिखाई है। इसमें ज्यादातर टांडा तहसील, अकबरपुर व आलापुर क्षेत्र के कारोबारी शामिल हैं। निवेशक मित्र अखिलेश पटेल ने बताया कि जिला प्रशासन के प्रयासों से कई और बाहरी फर्मों द्वारा भी जल्दी यहां निवेश के लिए प्रस्ताव देने की उम्मीद है।
निवेश के लिए आ रही कंपनियां
जिले में प्रस्तावित दोनों ही औद्योगिक कॉरिडोर क्षेत्र में तमाम बड़ी कंपनियां निवेश करने के लिए आगे आ रही हैं। इससे जिले के लोगों को रोजगार मिलने के साथ ही उनकी आय में भी बढ़ोतरी होगी। मुख्यमंत्री ने वन ट्रिलियन अर्थव्यवस्था का जो लक्ष्य निर्धारित किया है, उसमें यह दोनों कॉरिडोर महत्त्वपूर्ण योगदान देंगे। -अविनाश सिंह, डीएम