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छठ पूजा : तमसा नदी के तट पर उमड़ा आस्था का सैलाब, उगते सूर्य को दिया अर्घ्य
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फोटो 16, अंबेडकरनगर के अकबरपुर तमसा नदी पर महिलाओं के साथ भगवान सूर्य को अर्घ्य देतीं नगर पालिका अध
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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अंबेडकरनगर। उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही महिलाओं ने पुत्र की दीर्घायु की कामना की और इसके बाद व्रत का पारण किया। इसके साथ ही नहाय खाय परंपरा से शुरू हुआ चार दिवसीय पवित्र छठ पर्व संपन्न हो गया। उल्लासपूर्ण माहौल में शनिवार सुबह संबंधित घाटों पर बड़ी संख्या में पहुंचीं महिलाओं ने पानी में खड़े होकर उगते सूर्य को अर्घ्य दिया। इसके बाद विशेष पूजन-अर्चन के बाद निर्जला व्रत का पारण किया। अर्घ्य देने के दौरान महिलाओं व युवतियों में सेल्फी लेने की भी होड़ रही।
शनिवार सुबह जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्र के घाट व पवित्र तालाब उगते सूर्य को अर्घ्य देने के गवाह बने। शुक्रवार को महिलाओं ने घाटों व पवित्र तालाबों में पहुंचकर डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया था। ढोल नगाड़ों की धुन के बीच छठ माता के भक्तिमय गीत गाते हुए अर्घ्य देने वाली महिलाओं ने पुत्र की दीर्घायु की कामना की थी। पर्व के अंतिम दिन शनिवार को भोर से ही जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्र की घाटों पर महिलाओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया।
ढोल-नगाड़ों की धुन के बीच भक्तिमय गीतों पर नृत्य करती महिलाओं को इंतजार था सूर्य देव के निकलने का। नदी व तालाब के पानी में खड़े होकर महिलाएं अर्घ्य देने को तैयार दिखीं। जैसे ही सूर्य देव के दर्शन हुए महिलाओं ने अर्घ्य देकर पुत्र प्राप्ति व दीर्घायु की कामना की। साथ ही एक-दूसरे को गले लगाकर पर्व की शुभकामनाएं दीं। इसके बाद महिलाओं ने घर पहुंचकर विशेष पूजन-अर्चन किया। इसके साथ ही निर्जला व्रत का पारण किया।
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मुख्य आयोजन अकबरपुर नगर के पुराने तिराहे स्थित गायत्री मंदिर के पास तमसा घाट पर हुआ। न सिर्फ अकबरपुर नगर बल्कि आसपास के क्षेत्र की महिलाएं साज श्रृंगार कर परिवार के सदस्यों के साथ ढोल-नगाड़ों की धुन के बीच पूजन अर्चन की सामग्री के साथ पहुंचीं और उगते सूर्य को अर्घ्य दिया। महिलाओं को किसी प्रकार की मुश्किल न हो, इसके लिए अकबरपुर नगर पालिका परिषद द्वारा तमसा नदी के तट पर प्रकाश व साफ सफाई की व्यवस्था की गई थी।
व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए शनिवार सुबह अकबरपुर नगर पालिका परिषद अध्यक्ष सरिता गुप्ता भी तमसा नदी के तट पर पहुंची। उन्होंने महिलाओं को पर्व की शुभकामनाएं भी दीं। इसके अलावा टांडा के राजघाट, मुबाकरपुर, हनुमानगढ़ी घाट के साथ ही जलालपुर, आलापुर, जहांगीरगंज, राजेसुल्तानपुर, महरुआ, भीटी, कटेहरी आदि क्षेत्रों में भी महिलाओं ने परंपरागत ढंग से भक्तिमय माहौल में उगते सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का पारण किया।
उगते सूर्य को अर्घ्य देने के पलों को मोबाइल में कैद करने की होड़ महिलाओं व युवतियों में रही। कुछ-कुछ दूरी पर युवतियां व महिलाएं सेल्फी लेती दिखीं। अर्घ्य देने के बाद मंजू व शर्मिला ने कहा कि उन्हें इन पलों का काफी दिन से इंतजार था। ऐसे में इन पलों को उन्होंने मोबाइल में कैद कर लिया है। सेल्फी लेने के दौरान साक्षी व रिंकल ने कहा कि उन्होंने परिवार के सदस्यों के साथ विहंगम दृश्य को मोबाइल में कैद कर लिया है। इसे अब सोशल मीडिया पर शेयर करेंगी।
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शनिवार सुबह जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्र के घाट व पवित्र तालाब उगते सूर्य को अर्घ्य देने के गवाह बने। शुक्रवार को महिलाओं ने घाटों व पवित्र तालाबों में पहुंचकर डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया था। ढोल नगाड़ों की धुन के बीच छठ माता के भक्तिमय गीत गाते हुए अर्घ्य देने वाली महिलाओं ने पुत्र की दीर्घायु की कामना की थी। पर्व के अंतिम दिन शनिवार को भोर से ही जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्र की घाटों पर महिलाओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया।
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ढोल-नगाड़ों की धुन के बीच भक्तिमय गीतों पर नृत्य करती महिलाओं को इंतजार था सूर्य देव के निकलने का। नदी व तालाब के पानी में खड़े होकर महिलाएं अर्घ्य देने को तैयार दिखीं। जैसे ही सूर्य देव के दर्शन हुए महिलाओं ने अर्घ्य देकर पुत्र प्राप्ति व दीर्घायु की कामना की। साथ ही एक-दूसरे को गले लगाकर पर्व की शुभकामनाएं दीं। इसके बाद महिलाओं ने घर पहुंचकर विशेष पूजन-अर्चन किया। इसके साथ ही निर्जला व्रत का पारण किया।
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मुख्य आयोजन अकबरपुर नगर के पुराने तिराहे स्थित गायत्री मंदिर के पास तमसा घाट पर हुआ। न सिर्फ अकबरपुर नगर बल्कि आसपास के क्षेत्र की महिलाएं साज श्रृंगार कर परिवार के सदस्यों के साथ ढोल-नगाड़ों की धुन के बीच पूजन अर्चन की सामग्री के साथ पहुंचीं और उगते सूर्य को अर्घ्य दिया। महिलाओं को किसी प्रकार की मुश्किल न हो, इसके लिए अकबरपुर नगर पालिका परिषद द्वारा तमसा नदी के तट पर प्रकाश व साफ सफाई की व्यवस्था की गई थी।
व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए शनिवार सुबह अकबरपुर नगर पालिका परिषद अध्यक्ष सरिता गुप्ता भी तमसा नदी के तट पर पहुंची। उन्होंने महिलाओं को पर्व की शुभकामनाएं भी दीं। इसके अलावा टांडा के राजघाट, मुबाकरपुर, हनुमानगढ़ी घाट के साथ ही जलालपुर, आलापुर, जहांगीरगंज, राजेसुल्तानपुर, महरुआ, भीटी, कटेहरी आदि क्षेत्रों में भी महिलाओं ने परंपरागत ढंग से भक्तिमय माहौल में उगते सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का पारण किया।
उगते सूर्य को अर्घ्य देने के पलों को मोबाइल में कैद करने की होड़ महिलाओं व युवतियों में रही। कुछ-कुछ दूरी पर युवतियां व महिलाएं सेल्फी लेती दिखीं। अर्घ्य देने के बाद मंजू व शर्मिला ने कहा कि उन्हें इन पलों का काफी दिन से इंतजार था। ऐसे में इन पलों को उन्होंने मोबाइल में कैद कर लिया है। सेल्फी लेने के दौरान साक्षी व रिंकल ने कहा कि उन्होंने परिवार के सदस्यों के साथ विहंगम दृश्य को मोबाइल में कैद कर लिया है। इसे अब सोशल मीडिया पर शेयर करेंगी।