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1811 विद्यालय के 4902 रसोइयों के लिए खुशखबरी
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अंबेडकरनगर। जिले के 1811 परिषदीय विद्यालयों में तैनात 4902 रसोइया मजदूरों के लिए बड़ी खुशखबरी है। शासन की घोषणा के अनुसार बढ़े हुए मानदेय का भुगतान शीघ्र ही होगा। पूर्व में उन्हें 1500 रुपया प्रतिमाह मानदेय मिलता था, लेकिन बीते दिनों ही मानदेय में 500 रुपया की वृद्धि की घोषणा शासन ने की थी।
ऐसे में अब उन्हें दो हजार रुपया प्रतिमाह मिलेगा। हालांकि अभी रसोइया मजदूरों को अप्रैल माह का बढ़े हुए मानदेय का भुगतान होगा। ऐसे में जुलाई व अगस्त माह के मानदेय का अभी भी रसोइया मजदूरों को इंतजार है।
परिषदीय विद्यालयों में पंजीकृत बच्चों को दोपहर का भोजन उपलब्ध कराने के लिए प्रत्येेक विद्यालय में रसोइया मजदूरों की तैनाती है। शुरुआती दौर से ही रसोइया मजदूरों को प्रतिमाह 1500 रुपये मानदेय के रूप में मिलता है। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में 1811 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इसमें पढ़ने वाले दो लाख से अधिक छात्र-छात्राओं को एमडीएम योजना के तहत दोपहर का भोजन सुचारु रूप से उपलब्ध कराने के लिए कुल 4902 रसोइया मजदूरों की तैनाती की गई है।
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लगातार बढ़ती महंगाई को देखते हुए रसोइया मजदूर लगातार मानदेय वृद्धि किए जाने व प्रत्येक माह भुगतान किए जाने की मांग कर रहे थे। मांग को संज्ञान में लेते हुए बीते दिनों ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 500 रुपया बढ़ाए जाने की घोषणा की थी। ऐसे में रसोइया मजदूरों को 1500 रुपये की बजाए दो हजार रुपये मानदेय के रूप में मिलना था। बीते दिनों ही दो हजार रुपये की दर से शासन से जिले को राशि उपलब्ध हो गई। हालांकि यह मानदेय अप्रैल माह का है। जुलाई व अगस्त माह का मानदेय अभी जिले में नहीं पहुंचा है।
बीएसए कार्यालय के अनुसार गत दिवस ही मानदेय भुगतान के लिए शासन से 90 लाख रुपये की राशि उपलब्ध हुई है। कुछ राशि पहले से ही जिले में मौजूद है। ऐसे में फीडिंग का कार्य चल रह है। शीघ्र ही दो हजार रुपये मानदेय का भुगतान कर दिया जाएगा। जिला एमडीएम प्रभारी सत्यप्रकाश मौर्य ने बताया कि रसोइया मजदूरों का एक माह का मानदेय जिले में पहुंचा है। दो हजार रुपया की दर से मानदेय भुगतान होगा। अभी अप्रैल माह का मानदेय आया है, शीघ्र ही भुगतान कर दिया जाएगा।
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ऐसे में अब उन्हें दो हजार रुपया प्रतिमाह मिलेगा। हालांकि अभी रसोइया मजदूरों को अप्रैल माह का बढ़े हुए मानदेय का भुगतान होगा। ऐसे में जुलाई व अगस्त माह के मानदेय का अभी भी रसोइया मजदूरों को इंतजार है।
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परिषदीय विद्यालयों में पंजीकृत बच्चों को दोपहर का भोजन उपलब्ध कराने के लिए प्रत्येेक विद्यालय में रसोइया मजदूरों की तैनाती है। शुरुआती दौर से ही रसोइया मजदूरों को प्रतिमाह 1500 रुपये मानदेय के रूप में मिलता है। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में 1811 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इसमें पढ़ने वाले दो लाख से अधिक छात्र-छात्राओं को एमडीएम योजना के तहत दोपहर का भोजन सुचारु रूप से उपलब्ध कराने के लिए कुल 4902 रसोइया मजदूरों की तैनाती की गई है।
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लगातार बढ़ती महंगाई को देखते हुए रसोइया मजदूर लगातार मानदेय वृद्धि किए जाने व प्रत्येक माह भुगतान किए जाने की मांग कर रहे थे। मांग को संज्ञान में लेते हुए बीते दिनों ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 500 रुपया बढ़ाए जाने की घोषणा की थी। ऐसे में रसोइया मजदूरों को 1500 रुपये की बजाए दो हजार रुपये मानदेय के रूप में मिलना था। बीते दिनों ही दो हजार रुपये की दर से शासन से जिले को राशि उपलब्ध हो गई। हालांकि यह मानदेय अप्रैल माह का है। जुलाई व अगस्त माह का मानदेय अभी जिले में नहीं पहुंचा है।
बीएसए कार्यालय के अनुसार गत दिवस ही मानदेय भुगतान के लिए शासन से 90 लाख रुपये की राशि उपलब्ध हुई है। कुछ राशि पहले से ही जिले में मौजूद है। ऐसे में फीडिंग का कार्य चल रह है। शीघ्र ही दो हजार रुपये मानदेय का भुगतान कर दिया जाएगा। जिला एमडीएम प्रभारी सत्यप्रकाश मौर्य ने बताया कि रसोइया मजदूरों का एक माह का मानदेय जिले में पहुंचा है। दो हजार रुपया की दर से मानदेय भुगतान होगा। अभी अप्रैल माह का मानदेय आया है, शीघ्र ही भुगतान कर दिया जाएगा।