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Ambedkar Nagar News: 10 हजार रुपये की घूस लेते हुए लेखपाल को एंटी करप्शन टीम ने दबोचा
Fri, 30 May 2025 10:52 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Fri, 30 May 2025 10:52 PM IST
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जलालपुर/ बसखारी (अंबेडकरनगर)। जलालपुर तहसील की एक महिला से रिपोर्ट लगाने के एवज में लेखपाल ने 10 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी। शुक्रवार को तहसील परिसर के सामने एक कैफे में महिला से रुपये लेने के बाद एंटी करप्शन की टीम ने लेखपाल को रंगे हाथों दबोच लिया। आननफानन टीम लेखपाल को साथ लेकर बसखारी थाने पर पहुंची, जहां मुकदमा दर्ज कराया गया है।
जलालपुर तहसील क्षेत्र के बसिया गांव की इंदुमती पत्नी राम धीरज का मकान का कुछ हिस्सा चकरोड में समाहित है। बताया जाता है कि गांव की ही कुछ लोगों ने इसकी शिकायत ऑनलाइन की थी। इसी शिकायत के निस्तारण के लिए लेखपाल अरुण यादव ने इंदुमती से 20 हजार रुपये की मांग की थी, लेकिन इंदुमती ने गरीबी का हवाला देते हुए 10 हजार रुपये देने की बात कहकर भ्रष्टाचार निवारण संगठन अयोध्या मंडल में लेखपाल के खिलाफ शिकायत की।
शिकायत पर एंटी करप्शन टीम के प्रभारी निरीक्षक अनिल सिंह व प्रमोद शुक्ला पूरी टीम के साथ शुक्रवार को जलालपुर तहसील के आसपास अपना जाल बिछाया। प्लान के मुताबिक शिकायतकर्ता इंदुमती ने लेखपाल से संपर्क कर पैसा लेने की बात कही तो लेखपाल अरुण यादव तहसील गेट के सामने एक कैफे में पहुंच गया। वहां पर पहले से मौजूद इंदुमती ने लेखपाल को पैसा पकड़ा दिया।
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पैसा पकड़ते ही एंटी करप्शन की टीम ने लेखपाल को दबोच लिया। मौके पर अफरातफरी मच गई। इस बीच लेखपाल ने भागने का प्रयास भी किया, लेकिन एंटी करप्शन की टीम ने मजबूती के साथ लेखपाल को अभिरक्षा में लेकर घूस के 10 हजार रुपये बरामद कर लिया। खबर फैलते ही तहसील परिसर समेत अन्य कर्मियों में भी हड़कंप मच गया।
सभी कर्मचारियों ने घटनास्थल की तरफ पहुंचने का प्रयास किया, लेकिन तब तक एंटी करप्शन की टीम ने एसडीएम पवन कुमार जायसवाल को सूचना देकर लेखपाल को गिरफ्तार कर बसखारी थाने पर ले आई। शिकायतकर्ता इंदुमती का बयान दर्ज कर टीम ने आरोपी लेखपाल अरुण यादव के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा पंजीकृत करवाया है।
2011 बैच का है लेखपाल
अरुण यादव 2011 बैच के लेखपाल के पद पर भर्ती हुए थे। वर्ष 2019 से अरुण यादव की जलालपुर तहसील में तैनाती थी। बड़ागांव हल्के के अलावा बसिया, उसरहा हल्कों का प्रभार भी इसी के पास था। तहसील में अपनी कार्यशैली के लिए काफी समय से चर्चा में था। काम की जानकारी होने के चलते अधिकारी भी इसे ही पैमाइश व अन्य कार्यों में लगाते थे। इस पूरे घटनाक्रम के बाद तहसील परिसर में हड़कंप मच गया। कई लेखपाल बसखारी थाने पर सिफारिश करने पहुंचे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। उधर, घटना के बाद से लेखपाल का कथित मुंशी मोबाइल स्विच ऑफ कर लापता हो गया है।
वर्जन
अभी नहीं मिली रिपोर्ट
एंटी करप्शन टीम की ओर से रिपोर्ट अभी मिली नहीं है। रिपोर्ट मिलते ही लेखपाल को निलंबित किया जाएगा। साथ ही वृहद जांच कर विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
- पवन जायसवाल, एसडीएम जलालपुर
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जलालपुर तहसील क्षेत्र के बसिया गांव की इंदुमती पत्नी राम धीरज का मकान का कुछ हिस्सा चकरोड में समाहित है। बताया जाता है कि गांव की ही कुछ लोगों ने इसकी शिकायत ऑनलाइन की थी। इसी शिकायत के निस्तारण के लिए लेखपाल अरुण यादव ने इंदुमती से 20 हजार रुपये की मांग की थी, लेकिन इंदुमती ने गरीबी का हवाला देते हुए 10 हजार रुपये देने की बात कहकर भ्रष्टाचार निवारण संगठन अयोध्या मंडल में लेखपाल के खिलाफ शिकायत की।
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शिकायत पर एंटी करप्शन टीम के प्रभारी निरीक्षक अनिल सिंह व प्रमोद शुक्ला पूरी टीम के साथ शुक्रवार को जलालपुर तहसील के आसपास अपना जाल बिछाया। प्लान के मुताबिक शिकायतकर्ता इंदुमती ने लेखपाल से संपर्क कर पैसा लेने की बात कही तो लेखपाल अरुण यादव तहसील गेट के सामने एक कैफे में पहुंच गया। वहां पर पहले से मौजूद इंदुमती ने लेखपाल को पैसा पकड़ा दिया।
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पैसा पकड़ते ही एंटी करप्शन की टीम ने लेखपाल को दबोच लिया। मौके पर अफरातफरी मच गई। इस बीच लेखपाल ने भागने का प्रयास भी किया, लेकिन एंटी करप्शन की टीम ने मजबूती के साथ लेखपाल को अभिरक्षा में लेकर घूस के 10 हजार रुपये बरामद कर लिया। खबर फैलते ही तहसील परिसर समेत अन्य कर्मियों में भी हड़कंप मच गया।
सभी कर्मचारियों ने घटनास्थल की तरफ पहुंचने का प्रयास किया, लेकिन तब तक एंटी करप्शन की टीम ने एसडीएम पवन कुमार जायसवाल को सूचना देकर लेखपाल को गिरफ्तार कर बसखारी थाने पर ले आई। शिकायतकर्ता इंदुमती का बयान दर्ज कर टीम ने आरोपी लेखपाल अरुण यादव के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा पंजीकृत करवाया है।
2011 बैच का है लेखपाल
अरुण यादव 2011 बैच के लेखपाल के पद पर भर्ती हुए थे। वर्ष 2019 से अरुण यादव की जलालपुर तहसील में तैनाती थी। बड़ागांव हल्के के अलावा बसिया, उसरहा हल्कों का प्रभार भी इसी के पास था। तहसील में अपनी कार्यशैली के लिए काफी समय से चर्चा में था। काम की जानकारी होने के चलते अधिकारी भी इसे ही पैमाइश व अन्य कार्यों में लगाते थे। इस पूरे घटनाक्रम के बाद तहसील परिसर में हड़कंप मच गया। कई लेखपाल बसखारी थाने पर सिफारिश करने पहुंचे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। उधर, घटना के बाद से लेखपाल का कथित मुंशी मोबाइल स्विच ऑफ कर लापता हो गया है।
वर्जन
अभी नहीं मिली रिपोर्ट
एंटी करप्शन टीम की ओर से रिपोर्ट अभी मिली नहीं है। रिपोर्ट मिलते ही लेखपाल को निलंबित किया जाएगा। साथ ही वृहद जांच कर विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
- पवन जायसवाल, एसडीएम जलालपुर