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अंगद रावण संवाद देख रोमांचित हुए दर्शक
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जमुनीपुर (अंबेडकरनगर)। बाल संघ रामलीला समिति रम्मनपुर के तत्वाधान में चल रही रामलीला में शुक्रवार रात कलाकारों ने सेेतु निर्माण, अंगद रावण संवाद व लक्ष्मण शक्ति का मंचन किया। इस दौरान अंगद रावण संवाद के मंचन में कलाकारों द्वारा प्रस्तुत जीवंत अभिनय को दर्शकों ने खूब सराहा।
मंचन में दिखाया गया कि भगवान श्रीराम सेना के साथ समुद्र के तट पर पहुंच कर समुद्र से उस पार जाने के लिए मार्ग मांगते हैं। काफी अनुनय विनय के बाद भी जब समुद्र ने कोई जवाब नहीं दिया तो क्रोधित राम ने क्रोध में आकर समुद्र को अग्नि बाण से सुखाने की धमकी दी। इससे घबरा कर समुद्र ने प्रभु राम से क्षमा मांगते हुए समुद्र को पार करने का उपाय सुझाया।
इसके बाद भगवान राम के कहने पर अंगद रावण से मिलकर उसे बिना युद्ध के ही सीता माता को सम्मान सहित प्रभु राम के पास पहुंचाने की सलाह देते हैं। अंगद कहते हैं कि प्रभु काफी दयालु हैं और और गलतियों को क्षमा कर देंगे। यह सुन रावण अट्टाहास करते हुए कहता है कि रावण किसी की दया का मोहताज नहीं है। अंगद व रावण के बीच हुए तार्किक वाद विवाद का खूब लुफ्त दर्शकों ने उठाया।
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मंचन में दिखाया गया कि भगवान श्रीराम सेना के साथ समुद्र के तट पर पहुंच कर समुद्र से उस पार जाने के लिए मार्ग मांगते हैं। काफी अनुनय विनय के बाद भी जब समुद्र ने कोई जवाब नहीं दिया तो क्रोधित राम ने क्रोध में आकर समुद्र को अग्नि बाण से सुखाने की धमकी दी। इससे घबरा कर समुद्र ने प्रभु राम से क्षमा मांगते हुए समुद्र को पार करने का उपाय सुझाया।
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इसके बाद भगवान राम के कहने पर अंगद रावण से मिलकर उसे बिना युद्ध के ही सीता माता को सम्मान सहित प्रभु राम के पास पहुंचाने की सलाह देते हैं। अंगद कहते हैं कि प्रभु काफी दयालु हैं और और गलतियों को क्षमा कर देंगे। यह सुन रावण अट्टाहास करते हुए कहता है कि रावण किसी की दया का मोहताज नहीं है। अंगद व रावण के बीच हुए तार्किक वाद विवाद का खूब लुफ्त दर्शकों ने उठाया।
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