{"_id":"660a741eed574c42fb0ff2d2","slug":"amrit-sarovar-is-in-bad-shape-even-after-spending-rs-425-crore-ambedkar-nagar-news-c-91-1-slko1001-113058-2024-04-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambedkar Nagar News: सवा चार करोड़ खर्च के बाद भी बदहाल पड़े हैं अमृत सरोवर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambedkar Nagar News: सवा चार करोड़ खर्च के बाद भी बदहाल पड़े हैं अमृत सरोवर
Mon, 01 Apr 2024 02:15 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Mon, 01 Apr 2024 02:15 PM IST
विज्ञापन
गर्मी शुरू होने के बावजूद सरोवरों की सुध नहीं, कहीं बेंच क्षतिग्रस्त तो कहीं सूख गए पेड़
संवाद न्यूज एजेंसी
जलालपुर (अंबेडकरनगर)। गर्मी अपना असर दिखाना शुरू कर चुकी है लेकिन तहसील क्षेत्र के अमृत सरोवरों की सुध जिम्मेदारों को नहीं है। ज्यादातर सरोवर बदहाल हैं। आधा दर्जन सरोवर सूखे पड़े हैं। कहीं बेंच क्षतिग्रस्त है तो कहीं पिकनिक स्पॉट वाले स्वरूप की जगह जंगली घासफूस का साम्राज्य दिख रहा। ऐसे में ग्रामीणों के लिए बेहतर माहौल स्थापित करने की मुहिम दम तोड़ती दिख रही है।
करीब सवा चार करोड़ रुपये खर्च कर पिकनिक स्पॉट के रूप में तैयार किए गए अमृत सरोवर देखरेख के अभाव में बदहाल होते जा रहे हैं। विकास खंड क्षेत्र जलालपुर में कुल 23 अमृत सरोवरों का निर्माण हुआ हैं। बेहतर ढंग से देखरेख न होने से ज्यादातर सरोवरों में न सिर्फ गंदगी की भरमार है बल्कि बड़ी बड़ी जंगली घासें उग आई हैं। बैठने के लिए बनीं ज्यादातर बेंच क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं।
शहरी क्षेत्र की तरह ही ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के लिए गांव में पिकनिक स्पाट बनाने का निर्णय शासन ने लिया था। इसके तहत अस्तित्व बचाने के लिए संघर्ष कर रहे तालाबों को अमृत सरोवर के रूप में विकसित किया जाने लगा। ऐसे सरोवर परिसर में न सिर्फ छायादार व फूलदार पौधे लगाए गए बल्कि परिसर में दूधिया रोशनी के साथ ही लोगों के बैठने के लिए बेंच भी स्थापित की गई।
विज्ञापन
औसतन लगभग 19 लाख रुपये की लागत से अमृत सरोवर तो बना दिए गए लेकिन इनकी देखरेख करने की सुध जिम्मेदारों को नहीं रही। नतीजा यह है कि हरिपालपुर, फत्तेपुर मोहिदपुर, नारी मेहनाजपुर व सिसारा समेत आधा दर्जन सरोवर में धूल उड़ रही है। बेहतर ढंग से साफ सफाई न होने से ज्यादातर सरोवर में बड़ी-बड़ी जंगली घासें उग आई हैं। वहां लगे पेड़ सूख गए हैं। बेंच क्षतिग्रस्त हो गई हैं। नतीजा यह है कि अब लोग अमृत सरोवर की तरफ रुख भी नहीं कर रहे।
यहां बने हैं अमृत सरोवर
आजनपारा, बड़ागांव, बैरागल, भदोही, देवरहा हुसेनपुर, दुधई, फत्तेपुर मोहितपुर, गुवावा जमालपुर, हरिपालपुर, कबूलपुर, कोठीभार, नारीपुर मेहनाजपुर, पटोहा गानेपुर, पेठिया, रुधौली अदाई, सलहापुर अकबालपुर, सितारा, सोहगूपुर, पिकरी, उफरोली, विश्वंभरपुर, जफरपुर, सोहगूपुर द्वितीय आदि गांवों में अमृत सरोवरों का निर्माण बीते दिनों कराया गया।
ग्राम प्रधानों को दिए गए निर्देश
संबंधित गांव के ग्राम प्रधान को निर्देशित किया गया है कि अमृत सरोवर की न सिर्फ साफ सफाई कराई जाए बल्कि जिसमें पानी नहीं है वहां पानी की व्यवस्था की जाए। शीघ्र ही स्थलीय निरीक्षण भी किया जाएगा।
-बृजेश तिवारी सहायक विकास अधिकारी जलालपुर
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
जलालपुर (अंबेडकरनगर)। गर्मी अपना असर दिखाना शुरू कर चुकी है लेकिन तहसील क्षेत्र के अमृत सरोवरों की सुध जिम्मेदारों को नहीं है। ज्यादातर सरोवर बदहाल हैं। आधा दर्जन सरोवर सूखे पड़े हैं। कहीं बेंच क्षतिग्रस्त है तो कहीं पिकनिक स्पॉट वाले स्वरूप की जगह जंगली घासफूस का साम्राज्य दिख रहा। ऐसे में ग्रामीणों के लिए बेहतर माहौल स्थापित करने की मुहिम दम तोड़ती दिख रही है।
करीब सवा चार करोड़ रुपये खर्च कर पिकनिक स्पॉट के रूप में तैयार किए गए अमृत सरोवर देखरेख के अभाव में बदहाल होते जा रहे हैं। विकास खंड क्षेत्र जलालपुर में कुल 23 अमृत सरोवरों का निर्माण हुआ हैं। बेहतर ढंग से देखरेख न होने से ज्यादातर सरोवरों में न सिर्फ गंदगी की भरमार है बल्कि बड़ी बड़ी जंगली घासें उग आई हैं। बैठने के लिए बनीं ज्यादातर बेंच क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं।
विज्ञापन
शहरी क्षेत्र की तरह ही ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के लिए गांव में पिकनिक स्पाट बनाने का निर्णय शासन ने लिया था। इसके तहत अस्तित्व बचाने के लिए संघर्ष कर रहे तालाबों को अमृत सरोवर के रूप में विकसित किया जाने लगा। ऐसे सरोवर परिसर में न सिर्फ छायादार व फूलदार पौधे लगाए गए बल्कि परिसर में दूधिया रोशनी के साथ ही लोगों के बैठने के लिए बेंच भी स्थापित की गई।
विज्ञापन
औसतन लगभग 19 लाख रुपये की लागत से अमृत सरोवर तो बना दिए गए लेकिन इनकी देखरेख करने की सुध जिम्मेदारों को नहीं रही। नतीजा यह है कि हरिपालपुर, फत्तेपुर मोहिदपुर, नारी मेहनाजपुर व सिसारा समेत आधा दर्जन सरोवर में धूल उड़ रही है। बेहतर ढंग से साफ सफाई न होने से ज्यादातर सरोवर में बड़ी-बड़ी जंगली घासें उग आई हैं। वहां लगे पेड़ सूख गए हैं। बेंच क्षतिग्रस्त हो गई हैं। नतीजा यह है कि अब लोग अमृत सरोवर की तरफ रुख भी नहीं कर रहे।
यहां बने हैं अमृत सरोवर
आजनपारा, बड़ागांव, बैरागल, भदोही, देवरहा हुसेनपुर, दुधई, फत्तेपुर मोहितपुर, गुवावा जमालपुर, हरिपालपुर, कबूलपुर, कोठीभार, नारीपुर मेहनाजपुर, पटोहा गानेपुर, पेठिया, रुधौली अदाई, सलहापुर अकबालपुर, सितारा, सोहगूपुर, पिकरी, उफरोली, विश्वंभरपुर, जफरपुर, सोहगूपुर द्वितीय आदि गांवों में अमृत सरोवरों का निर्माण बीते दिनों कराया गया।
ग्राम प्रधानों को दिए गए निर्देश
संबंधित गांव के ग्राम प्रधान को निर्देशित किया गया है कि अमृत सरोवर की न सिर्फ साफ सफाई कराई जाए बल्कि जिसमें पानी नहीं है वहां पानी की व्यवस्था की जाए। शीघ्र ही स्थलीय निरीक्षण भी किया जाएगा।
-बृजेश तिवारी सहायक विकास अधिकारी जलालपुर