{"_id":"5d73f3b18ebc3e0135498e76","slug":"amount-of-one-billion-trouth-project-is-open-ambedkar-nagar-news-lko4804288119","type":"story","status":"publish","title_hn":"खुली सतही तैयारियों की पोल, दावे से एक अरब कम हो गई धनराशि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खुली सतही तैयारियों की पोल, दावे से एक अरब कम हो गई धनराशि
विज्ञापन
अंबेडकरनगर। मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर प्रशासन की लापरवाही व सतही तैयारियों की पोल शनिवार को एन मौके पर खुल गई। एक दिन पहले तक लगभग तीन अरब रुपये की परियोजनाओं के शिलान्यास व लोकार्पण की तैयारियों का दावा करने वाला प्रशासन शनिवार को मुख्यमंत्री से सिर्फ लगभग दो अरब की परियोजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण करा सका।
इसे लेकर सभा स्थल में मौजूद तमाम लोगों ने प्रशासन के इस रवैये पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। कहा कि जिला प्रशासन की इन्हीं सब लापरवाही व अदूरदर्शिता का खामियाजा जिले में अक्सर आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। उधर प्रशासन के इस रवैये से सत्तारूढ़ दल के कार्यकर्ताओं को भी असहज स्थिति का सामना करना पड़ा।
पिछले कई दिनों से मुख्यमंत्री के कार्यक्रम की सफलता में प्रशासन भले ही जुटा था, लेकिन शनिवार को मुख्यमंत्री जलालपुर पहुंचे तो प्रशासन की तैयारियों पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा हो गया। ऐसा इसलिए क्योंकि ने 1 अरब 73 करोड़ 74 लाख 79 हजार की 43 परियोजनाओं का लोकार्पण किया। इसके साथ ही 9 करोड़ 15 लाख 14 हजार रुपए की 17 सड़क परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया। ऐसे में कुल करीब एक अरब 83 करोड़ रुपए की परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास हुआ।
विज्ञापन
जबकि एक दिन पहले तक प्रशासन की तरफ से दो अरब 78 करोड़ की लागत से कुल 44 परियोजनाओं के लोकार्पण तथा 9 करोड़ 15 लाख 14 हजार रुपए की लागत से 17 परियोजनाओं के शिलान्यास की तैयारी सार्वजनिक की गई थी। लोकार्पण व शिलान्यास की इस तैयारी की कुल लागत दो अरब 87 करोड़ के आसपास आ रही थी। एक दिन पहले तक इतनी परियोजनाओं की जानकारी सार्वजनिक हो जाने के बाद लोगों को उम्मीद थी कि अगले 24 घंटे में एक-दो अन्य परियोजनाएं भी शामिल कर लोकार्पण व शिलान्यास की कुल राशि को लगभग तीन अरब तक पहुंचाया जा सकता है। हालांकि सतही ढंग से की गई तैयारियों का ही नतीजा था कि ऐन वक्त पर प्रशासन लगभग दो अरब की परियोजनाओं का ही लोकार्पण व शिलान्यास करा सका। उधर इस मामले में भाजपा राष्ट्रीय परिषद के सदस्य रमाशंकर सिंह ने कहा कि निश्चित तौर पर प्रशासन को अपनी भूमिका का निर्वाह अत्यंत जिम्मेदारी के साथ करना चाहिए था, जो नहीं दिखा।
मंच पर सवा दो अरब, मौके पर पौने दो अरब
मुख्यमंत्री योगी के लिए बने मंच पर एलईडी टीवी में जो डिस्प्ले चल रहा था उसमें दो अरब 35 करोड़ 37 लाख 31 हजार की लागत से 44 परियोजनाओं का लोकार्पण दिखाया जा रहा था। प्रशासन की निगाह इस पर नहीं जा सकी। हालांकि यह सब डिस्प्ले में चलते रहने के बीच ही प्रशासन ने 1 अरब 73 करोड़ रुपये की लागत से 43 परियोजनाओं का लोकार्पण मुख्यमंत्री के हाथों ही कराया। इस विरोधाभास को लेकर भी कार्यक्रम स्थल में मौजूद लोगों ने प्रशासन की भूमिका को लेकर कई तरह के गंभीर सवाल खड़े किए।
डीएम राकेश कुमार मिश्र ने बताया कि मुख्यमंत्री के हाथों ज्यादा से ज्यादा परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास कराने की पूरी तैयारी की गई। इसमें जो भी अधिकतम नियमानुसार संभव था, वह सब किया गया।
विज्ञापन
इसे लेकर सभा स्थल में मौजूद तमाम लोगों ने प्रशासन के इस रवैये पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। कहा कि जिला प्रशासन की इन्हीं सब लापरवाही व अदूरदर्शिता का खामियाजा जिले में अक्सर आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। उधर प्रशासन के इस रवैये से सत्तारूढ़ दल के कार्यकर्ताओं को भी असहज स्थिति का सामना करना पड़ा।
विज्ञापन
पिछले कई दिनों से मुख्यमंत्री के कार्यक्रम की सफलता में प्रशासन भले ही जुटा था, लेकिन शनिवार को मुख्यमंत्री जलालपुर पहुंचे तो प्रशासन की तैयारियों पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा हो गया। ऐसा इसलिए क्योंकि ने 1 अरब 73 करोड़ 74 लाख 79 हजार की 43 परियोजनाओं का लोकार्पण किया। इसके साथ ही 9 करोड़ 15 लाख 14 हजार रुपए की 17 सड़क परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया। ऐसे में कुल करीब एक अरब 83 करोड़ रुपए की परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास हुआ।
विज्ञापन
जबकि एक दिन पहले तक प्रशासन की तरफ से दो अरब 78 करोड़ की लागत से कुल 44 परियोजनाओं के लोकार्पण तथा 9 करोड़ 15 लाख 14 हजार रुपए की लागत से 17 परियोजनाओं के शिलान्यास की तैयारी सार्वजनिक की गई थी। लोकार्पण व शिलान्यास की इस तैयारी की कुल लागत दो अरब 87 करोड़ के आसपास आ रही थी। एक दिन पहले तक इतनी परियोजनाओं की जानकारी सार्वजनिक हो जाने के बाद लोगों को उम्मीद थी कि अगले 24 घंटे में एक-दो अन्य परियोजनाएं भी शामिल कर लोकार्पण व शिलान्यास की कुल राशि को लगभग तीन अरब तक पहुंचाया जा सकता है। हालांकि सतही ढंग से की गई तैयारियों का ही नतीजा था कि ऐन वक्त पर प्रशासन लगभग दो अरब की परियोजनाओं का ही लोकार्पण व शिलान्यास करा सका। उधर इस मामले में भाजपा राष्ट्रीय परिषद के सदस्य रमाशंकर सिंह ने कहा कि निश्चित तौर पर प्रशासन को अपनी भूमिका का निर्वाह अत्यंत जिम्मेदारी के साथ करना चाहिए था, जो नहीं दिखा।
मंच पर सवा दो अरब, मौके पर पौने दो अरब
मुख्यमंत्री योगी के लिए बने मंच पर एलईडी टीवी में जो डिस्प्ले चल रहा था उसमें दो अरब 35 करोड़ 37 लाख 31 हजार की लागत से 44 परियोजनाओं का लोकार्पण दिखाया जा रहा था। प्रशासन की निगाह इस पर नहीं जा सकी। हालांकि यह सब डिस्प्ले में चलते रहने के बीच ही प्रशासन ने 1 अरब 73 करोड़ रुपये की लागत से 43 परियोजनाओं का लोकार्पण मुख्यमंत्री के हाथों ही कराया। इस विरोधाभास को लेकर भी कार्यक्रम स्थल में मौजूद लोगों ने प्रशासन की भूमिका को लेकर कई तरह के गंभीर सवाल खड़े किए।
डीएम राकेश कुमार मिश्र ने बताया कि मुख्यमंत्री के हाथों ज्यादा से ज्यादा परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास कराने की पूरी तैयारी की गई। इसमें जो भी अधिकतम नियमानुसार संभव था, वह सब किया गया।