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Ambedkar Nagar News: डीएम को सौंपी एंबुलेंस जांच रिपोर्ट, सवालों के घेरे में कार्यदायी संस्था
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अंबेडकरनगर। एंबुलेंस धांधली के मामले की जांच रिपोर्ट डीएम तक पहुंच गई है। बताया जाता है कि जांच में कार्यदायी संस्था गुनपती बैंकेट कृष्णा रेड्डी कंपनी के जिलास्तरीय अधिकारी व कर्मचारी धांधली में लिप्त थे। माना जा रहा है कि डीएम संबंधित पर कार्रवाई की संस्तुति स्वास्थ्य निदेशालय को भेज देंगे, इसके बाद जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी।
मई माह में 102 व 108 एंबुलेंस सेवा के संचालन में बड़ी धांधली सामने आई थी। अमर उजाला ने इसे प्रमुखता से प्रकाशित किया था। मामले में बगैर मरीज के ही एंबुलेंस को सड़क पर दौड़ता दिखाया जा रहा था। प्रतिदिन एक-एक एंबुलेंस 25 से 30 चक्कर लगाकर राजस्व को बड़ी चपत लगा रहे थे। सीएमओ डॉ. राजकुमार ने मामले की जांच कराई तो एंबुलेंस के संचालन में बड़ी धांधली सामने आई।
इसमें संचालन की जिम्मेदारी संभालने वाली संस्था गुनपती बैंकेट कृष्णा रेड्डी के कई जिलास्तरीय अधिकारी के साथ ही कर्मचारियों की संलिप्तता सामने आई। दो अपर सीएमओ व एक नोडल अधिकारी एंबुलेंस की टीम ने पूरे मामले की जांच कर टीम ने पूरी रिपोर्ट सीडीओ को सौंप दी। जांच में और अधिक तथ्य जुटाने के लिए सीडीओ ने दो बार फाइल लौटाई। साथ ही निर्देशित किया कि उन आशाओं का भी शपथपूर्ण बयान दर्ज किया जाए जिनके नंबर से एंबुलेंस को फोन किया जाता था। बीते दिनों संपूर्ण जांच के बाद रिपोर्ट एक बार फिर से सीडीओ को भेज दी गई।
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सूत्रों के अनुसार एंबुलेंस धांधली में की गई जांच में कंपनी के जनपदस्तरीय सभी अधिकारी व कुछ कर्मचारियों की संलिप्तता है। उधर सीडीओ अनुराज जैन ने कहा कि कार्रवाई के लिए जांच रिपोर्ट डीएम को उपलब्ध करा दी गई है।
घट गए एंबुलेंस का चक्कर
धांधलीसामने आने से पहले एक-एक एंबुलेंस का चक्कर प्रतिदिन 25 से 30 हुआ करता था। अब चक्कर की संख्या में अप्रत्याशित रूप से कमी आई है। टीम द्वारा की गई जांच के अनुसार जो एंबुलेंस अप्रैल में प्रतिदिन 25 से 30 चक्कर लगाती थी वह अब बमुश्किल तीन से पांच चक्कर ही लगा रही है। ऐसे में यह स्पष्ट है कि एंबुलेंस संचालन में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गई।
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मई माह में 102 व 108 एंबुलेंस सेवा के संचालन में बड़ी धांधली सामने आई थी। अमर उजाला ने इसे प्रमुखता से प्रकाशित किया था। मामले में बगैर मरीज के ही एंबुलेंस को सड़क पर दौड़ता दिखाया जा रहा था। प्रतिदिन एक-एक एंबुलेंस 25 से 30 चक्कर लगाकर राजस्व को बड़ी चपत लगा रहे थे। सीएमओ डॉ. राजकुमार ने मामले की जांच कराई तो एंबुलेंस के संचालन में बड़ी धांधली सामने आई।
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इसमें संचालन की जिम्मेदारी संभालने वाली संस्था गुनपती बैंकेट कृष्णा रेड्डी के कई जिलास्तरीय अधिकारी के साथ ही कर्मचारियों की संलिप्तता सामने आई। दो अपर सीएमओ व एक नोडल अधिकारी एंबुलेंस की टीम ने पूरे मामले की जांच कर टीम ने पूरी रिपोर्ट सीडीओ को सौंप दी। जांच में और अधिक तथ्य जुटाने के लिए सीडीओ ने दो बार फाइल लौटाई। साथ ही निर्देशित किया कि उन आशाओं का भी शपथपूर्ण बयान दर्ज किया जाए जिनके नंबर से एंबुलेंस को फोन किया जाता था। बीते दिनों संपूर्ण जांच के बाद रिपोर्ट एक बार फिर से सीडीओ को भेज दी गई।
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सूत्रों के अनुसार एंबुलेंस धांधली में की गई जांच में कंपनी के जनपदस्तरीय सभी अधिकारी व कुछ कर्मचारियों की संलिप्तता है। उधर सीडीओ अनुराज जैन ने कहा कि कार्रवाई के लिए जांच रिपोर्ट डीएम को उपलब्ध करा दी गई है।
घट गए एंबुलेंस का चक्कर
धांधलीसामने आने से पहले एक-एक एंबुलेंस का चक्कर प्रतिदिन 25 से 30 हुआ करता था। अब चक्कर की संख्या में अप्रत्याशित रूप से कमी आई है। टीम द्वारा की गई जांच के अनुसार जो एंबुलेंस अप्रैल में प्रतिदिन 25 से 30 चक्कर लगाती थी वह अब बमुश्किल तीन से पांच चक्कर ही लगा रही है। ऐसे में यह स्पष्ट है कि एंबुलेंस संचालन में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गई।