अंबेडकरनगर नरसंहार: कातिल मां नहीं, आमिर था, जिसे हत्यारा समझा उसकी ही हत्या हुई; पढ़ें पोस्टमॉर्टम का खुलासा
अंबेडकरनगर में हुए सनसनीखेज हत्याकांड में पोस्टमार्टम से स्पष्ट हुआ कि महिला की हत्या कुंद वस्तु से सिर पर वार कर की गई। पहले जिस पर शक था, वह आरोपी नहीं निकला। घटना के बाद इलाके में शोक और गुस्सा है, पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।
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अकबरपुर के मुरादाबाद मोहल्ले में घर से करीब 100 मीटर दूर नाले में मिले महिला गासिया खातून के शव का पोस्टमार्टम सोमवार भोर करीब चार बजे कराया जा सका। पोस्टमार्टम में बच्चों की तरह ही महिला के सिर पर कुंद वस्तु से प्रहार से मौत होने की पुष्टि हुई है।
हत्या शुक्रवार रात 12 से दो बजे के बीच होने की बात सामने आ रही है। हालांकि महिला के गर्दन के पिछले हिस्से में भी चोट का निशान है। हत्याकांड और एनकाउंटर के बाद से मीरानपुर की गलियों में मातमी सन्नाटा पसरा है और कसड़ा गांव में गम और गुस्से का माहौल है।
गासिया के शव को उन्हें दिखाया जाए
गासिया खातून के शव का डॉ. गौरी पांडेय, डॉ. आशुतोष श्रीवास्तव के पैनल ने पोस्टमार्टम किया। इससे पहले पुलिस को पंचनामा भरवाने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ी। रविवार शाम को महिला का शव मिलने के बाद नियाज के भाई सलीम, मुबारक और गासिया के भाई वजीर अहमद व बहन राबिया समेत अन्य लोग कोतवाली पहुंचे थे। इनकी मांग थी कि गासिया के शव को उन्हें दिखाया जाए। ठीक इसी समय एडीजी का दौरा होने के कारण परिजनों की कोई सुनवाई नहीं हो सकी तो वह वापस लौट गए।
रात करीब 11 बजे पुलिस ने गासिया के शव का पंचनामा कराने के लिए परिजनों से संपर्क करना शुरू किया। पहले तो परिजनों को अकबरपुर बुलाया जाता रहा लेकिन उनके मना करने पर रात करीब दो बजे पुलिस टीम कसड़ा गांव पहुंची।
काफी मान-मनौवल के बाद परिजनों ने पंचनामा दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए तब कहीं जाकर पोस्टमार्टम कराया जा सका। वहीं, दूसरी कसड़ा गांव में परिजनों के अलावा ग्रामीण गम में डूबे हुए हैं। चार सगे भाई-बहनों और उनकी मां की हत्या ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है। उधर, आमिर के मीरानपुर स्थित घर की गली और नियाज के मुरादाबाद स्थित घर की गलियों में सन्नाटा पसरा हुआ है।
अंतिम संस्कार करने से परिजनों ने मना किया
गासिया के शव के पोस्टमार्टम के बाद एक बार फिर परिजनों को अकबरपुर बुलाया गया और शव की सुपुर्दगी के साथ अंतिम संस्कार करने की बात कही गई, लेकिन मृतका के पति नियाज के मना करने के कारण परिजन तदफीन के लिए राजी नहीं हुए। दरअसल नियाज का कहना है कि मंगलवार को उनके लौटने के बाद भी शव की तदफीन की जाए।