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बगैर आधारकार्ड के जिला अस्पताल में नहीं मिलता स्ट्रेचर
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अंबेडकरनगर। घर से निकलो तो पता जेब में रखकर निकलो, हादसे चेहरे की पहचान बदल देते हैं। बढ़ते हादसों पर कसा गया तंज जिला अस्पताल के तुगलकी फरमान पर भी एकदम सटीक बैठ रहा है।
जी हां, यदि आप जिला अस्पताल जा रहे हैं, और आपको स्ट्रेचर की जरूरत है तो साथ में आधारकार्ड लाना जरूरी है। चाहें आप किसी हादसे के ही शिकार क्यों न हों। बगैर आधारकार्ड के आपको को जिला अस्पताल में स्ट्रेचर की सुविधा नहीं मिल सकी।
जिला अस्पताल के इस तुगलकी फरमान का साक्ष्य शुक्रवार को देखने को मिला। हादसे में घायल पुत्र को स्ट्रेचर न मिलने पर पिता गोद में उठाने के लिए विवश दिखा।
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घर से निकलो तो पता जेब में रखकर निकलो, हादसे चेहरे की पहचान बदल देते हैं। बढ़ते हादसों पर कसा गया यह तंज जिला अस्पताल के तुगलकी फरमान पर भी एकदम सटीक बैठ रहा है। जिला अस्पताल के इस मनमानी निर्देश के चलते जरूरी है कि यदि आप घर से बाहर कहीं निकलें तो जेब में आधारकार्ड रखना न भूलें।
दुर्भाग्यवश यदि आप किसी हादसे का शिकार हो गए, और आपको जिला अस्पताल जाना पड़ गया तो वहां आप को बगैर आधारकार्ड के स्ट्रेचर की सुविधा नहीं मिलेगी।
हादसे ने भले ही आपको चलने लायक न छोड़ा हो, लेकिन जिला अस्पताल प्रशासन इससे इत्तेफाक नहीं रखता। आपको यदि स्ट्रेचर की जरूरत पड़ती है तो आपको आधारकार्ड देना जरूरी है। यदि आपके पास आधारकार्ड नही है तो स्ट्रेचर की सेवा आप नही ले सकते।
शुक्रवार को जिला अस्पताल की इस मनमानी का शिकार टांडा तहसील क्षेत्र निवासी मोहम्मद मेहंदी को होना पड़ा। 7 वर्षीय पुत्र मोहम्मद रेहान गुरुवार देरशाम बाइक की चपेट में आकर घायल हो गया। वह अपने पुत्र को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे।
यहां उन्होंने पुत्र को अस्पताल के अंदर ले जाने के लिए कर्मचारियों से स्ट्रेचर की मांग की। इस पर कर्मचारी ने उनसे आधारकार्ड मांगा। उन्होंने बताया कि इस इमरजेंसी में तो वह आधारकार्ड लाना भूल गए, और उन्हें पता भी नहीं था कि स्ट्रेचर के लिए आधारकार्ड की जरूरत पड़ती है। मिन्नतें की, लेकिन कर्मचारी पर कोई असर नही हुआ।
डपट सुनने की बजाए उन्होंने अपने बेट को गोद में उठाया, और इमरजेंसी वार्ड में ले गए। अमर उजाला टीम से हुई बातचीत में वह भावुक हो गए। बोले कि इस तरह के कानून कायदे के बारे में उन्हें पता नही था। उधर इस बावत जब सीएमएस डॉ पीएन यादव से दूरभाष पर वार्ता करने का प्रयास किया गया तो संपर्क नही हो सका।
मामले की करायी जाएगी जानकारी
स्ट्रेचर के लिए आधारकार्ड की अनिवार्यता जैसी कोई जानकारी मेरे पास नही है। मरीजों के हितों का पूरा ख्याल रखा जाना चाहिए। यदि ऐसा कोई मामला है तो इसकी जानकारी करायी जाएगी।
- डॉ. अशोक कुमार, सीएमओ
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जी हां, यदि आप जिला अस्पताल जा रहे हैं, और आपको स्ट्रेचर की जरूरत है तो साथ में आधारकार्ड लाना जरूरी है। चाहें आप किसी हादसे के ही शिकार क्यों न हों। बगैर आधारकार्ड के आपको को जिला अस्पताल में स्ट्रेचर की सुविधा नहीं मिल सकी।
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जिला अस्पताल के इस तुगलकी फरमान का साक्ष्य शुक्रवार को देखने को मिला। हादसे में घायल पुत्र को स्ट्रेचर न मिलने पर पिता गोद में उठाने के लिए विवश दिखा।
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घर से निकलो तो पता जेब में रखकर निकलो, हादसे चेहरे की पहचान बदल देते हैं। बढ़ते हादसों पर कसा गया यह तंज जिला अस्पताल के तुगलकी फरमान पर भी एकदम सटीक बैठ रहा है। जिला अस्पताल के इस मनमानी निर्देश के चलते जरूरी है कि यदि आप घर से बाहर कहीं निकलें तो जेब में आधारकार्ड रखना न भूलें।
दुर्भाग्यवश यदि आप किसी हादसे का शिकार हो गए, और आपको जिला अस्पताल जाना पड़ गया तो वहां आप को बगैर आधारकार्ड के स्ट्रेचर की सुविधा नहीं मिलेगी।
हादसे ने भले ही आपको चलने लायक न छोड़ा हो, लेकिन जिला अस्पताल प्रशासन इससे इत्तेफाक नहीं रखता। आपको यदि स्ट्रेचर की जरूरत पड़ती है तो आपको आधारकार्ड देना जरूरी है। यदि आपके पास आधारकार्ड नही है तो स्ट्रेचर की सेवा आप नही ले सकते।
शुक्रवार को जिला अस्पताल की इस मनमानी का शिकार टांडा तहसील क्षेत्र निवासी मोहम्मद मेहंदी को होना पड़ा। 7 वर्षीय पुत्र मोहम्मद रेहान गुरुवार देरशाम बाइक की चपेट में आकर घायल हो गया। वह अपने पुत्र को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे।
यहां उन्होंने पुत्र को अस्पताल के अंदर ले जाने के लिए कर्मचारियों से स्ट्रेचर की मांग की। इस पर कर्मचारी ने उनसे आधारकार्ड मांगा। उन्होंने बताया कि इस इमरजेंसी में तो वह आधारकार्ड लाना भूल गए, और उन्हें पता भी नहीं था कि स्ट्रेचर के लिए आधारकार्ड की जरूरत पड़ती है। मिन्नतें की, लेकिन कर्मचारी पर कोई असर नही हुआ।
डपट सुनने की बजाए उन्होंने अपने बेट को गोद में उठाया, और इमरजेंसी वार्ड में ले गए। अमर उजाला टीम से हुई बातचीत में वह भावुक हो गए। बोले कि इस तरह के कानून कायदे के बारे में उन्हें पता नही था। उधर इस बावत जब सीएमएस डॉ पीएन यादव से दूरभाष पर वार्ता करने का प्रयास किया गया तो संपर्क नही हो सका।
मामले की करायी जाएगी जानकारी
स्ट्रेचर के लिए आधारकार्ड की अनिवार्यता जैसी कोई जानकारी मेरे पास नही है। मरीजों के हितों का पूरा ख्याल रखा जाना चाहिए। यदि ऐसा कोई मामला है तो इसकी जानकारी करायी जाएगी।
- डॉ. अशोक कुमार, सीएमओ