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जल स्तर घटने के साथ बढ़ा कटान का खतरा
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टांडा। सरयू नदी का जल स्तर घटने के कारण माझा क्षेत्र में कटान का भी सिलसिला शुरू हो गया है। जलस्तर खतरे के निशान से 42 सेंटीमीटर अभी भी ऊपर है। इससे बाढ़ पीड़ितों की परेशानियां कम होने का नाम नही ले रही हैं।
वहीं अभी तक बाढ़ पीड़ितों को कोई राहत सामग्री नही वितरित की जा सकी है। नदी का जलस्तर घटने के साथ जल बहाव की रफ्तार तेज होने से मांझा उल्टहवा, माझा कला, माझा अवसानपुर व माझा केवटला आदि के ग्रामवासियों की परेशानियां कम नही हो रही हैं।
दूसरी ओर उनको अभी भी पुन: बाढ़ आने की संभावना दिखाई पड़ रही है। अगस्त महीने में नदी कई बार घटती बढ़ती रहती है। अभी बाढ़ पीड़ित के रूप में चिन्हित टाण्डा तहसील क्षेत्र के 1881 परिवारों को शासन प्रशासन द्वारा कोई सहायता उपलब्ध नही कराई गई है।
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बाढ़ शरणालय अवसानपुर मेंय बच्चे व महिलाएं अभी भी मौजूद हैं। नदी का जलस्तर खतरे के लाल निशान 92.73 के सापेक्ष 93.15 सेमी पर बना है, जो खतरे के लाल निशान से 42 सेंटीमीटर ऊपर है।
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वहीं अभी तक बाढ़ पीड़ितों को कोई राहत सामग्री नही वितरित की जा सकी है। नदी का जलस्तर घटने के साथ जल बहाव की रफ्तार तेज होने से मांझा उल्टहवा, माझा कला, माझा अवसानपुर व माझा केवटला आदि के ग्रामवासियों की परेशानियां कम नही हो रही हैं।
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दूसरी ओर उनको अभी भी पुन: बाढ़ आने की संभावना दिखाई पड़ रही है। अगस्त महीने में नदी कई बार घटती बढ़ती रहती है। अभी बाढ़ पीड़ित के रूप में चिन्हित टाण्डा तहसील क्षेत्र के 1881 परिवारों को शासन प्रशासन द्वारा कोई सहायता उपलब्ध नही कराई गई है।
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बाढ़ शरणालय अवसानपुर मेंय बच्चे व महिलाएं अभी भी मौजूद हैं। नदी का जलस्तर खतरे के लाल निशान 92.73 के सापेक्ष 93.15 सेमी पर बना है, जो खतरे के लाल निशान से 42 सेंटीमीटर ऊपर है।