{"_id":"68d6e2e987d9e7fd3502a2c4","slug":"a-special-package-of-rs-8-crore-is-needed-to-improve-shravan-dham-ambedkar-nagar-news-c-91-1-brp1007-142762-2025-09-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambedkar Nagar News: श्रवण धाम को संवारने के लिए आठ करोड़ के विशेष पैकेज की जरूरत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambedkar Nagar News: श्रवण धाम को संवारने के लिए आठ करोड़ के विशेष पैकेज की जरूरत
Sat, 27 Sep 2025 08:43 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Sat, 27 Sep 2025 08:43 PM IST
विज्ञापन
श्रवण धाम का मंदिर परिसर।
प्रमन श्रीवास्तव
अंबेडकरनगर। राजा दशरथ के शब्दभेदी बाण से काल के गाल में समाए श्रवण कुमार के समाधि स्थल के रूप में पहचान रखने वाले श्रवण धाम क्षेत्र को पर्यटक स्थल के रूप में संवारने के लिए विशेष पैकेज की जरूरत है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एजेंडे में शामिल इस धाम परिसर की सूरत बदलने के लिए पिछले दो वर्षों में कई काम कराए गए। नतीजतन महाकुंभ के समय हजारों श्रद्धालुओं ने यहां के महत्व को जाना और समझा। पर्यटकों की सुविधा के मद्देनजर कई काम होने बाकी हैं। इसके लिए करीब आठ करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया गया है, जिसमें श्रवण धाम का चहुंमुखी विकास किया जाएगा। शासन से मंजूरी मिली तो श्रवण धाम की सूरत पूरी तरह से बदल जाएगी।
34 साल पहले घोषित हुआ था पर्यटक स्थल
मड़हा, बिसुही और तमसा नदी के संगम पर स्थित श्रवण समाधि स्थल को वर्ष 1991 में भाजपा सरकार ने पर्यटक स्थल घोषित किया था। शुरुआती दौर में कुछ कमरों और श्रवण कुमार की समाधि स्थल का निर्माण किया गया था। इसके लिए शासन ने लगभग 14 लाख 70 हजार की धनराशि दी थी।
दो वर्षों में बदली तस्वीर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं श्रवण धाम को विकसित करने के लिए घोषणाएं कर चुके हैं। पिछले दो वर्षों में श्रवण धाम के स्वरूप में खासा बदलाव हुआ। यहां करीब दो करोड़ रुपये की लागत से विकास कार्य कराए गए। तत्कालीन डीएम अविनाश सिंह की पहल पर भगवान श्रीराम, भोलेनाथ, बजरंगबली की मूर्तियां स्थापित कराई गईं। प्रतिमा स्थलों पर ग्रीन मैट भी बिछवाई गई ताकि यहां आने वाले पर्यटकों को बेहतर माहौल मुहैया कराया जा सके। समूचे परिसर को रोशनी से जगमग किया गया। साथ ही यहां नाइट विजन कैमरे भी लगाए गए। मौजूदा समय में यहां नदी के तट पर चार घाट श्रवण घाट, रामघाट, जानकी घाट और त्रिवेणी घाट बने हुए हैं।
विज्ञापन
ये कार्य हैं प्रस्तावित
श्रवण धाम के इर्द-गिर्द करीब 23 घाट और बनाए जाने हैं। श्रवण धाम को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए यहां पर श्रवण कुमार की 52 फीट की प्रतिमा लगाई जानी प्रस्तावित है। साथ ही राजा दशरथ की शिकार मुद्रा में प्रतिमा नदी के किनारे लगाई जानी है। श्रवण कुमार की घायल अवस्था में एक प्रतिमा भी लगाई जानी है। घाट तक जाने के लिए मार्गों का निर्माण भी होना है। इसके अलावा यात्रियों के ठहरने के लिए धर्मशाला, यज्ञशाला, कैंटीन, सेप्टिक टैंक, शौचालय, घाट का निर्माण, पत्थर के बेंच, बच्चों के लिए पार्क व सैनिक पार्क का निर्माण प्रस्तावित है। विधायक कटेहरी धर्मराज निषाद ने श्रवण धाम परिसर में मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने के लिए पर्यटन अधिकारी को पत्राचार भी किया है। इन सब कार्यों में करीब आठ करोड़ रुपये की लागत आएगी, इसके लिए डीपीआर तैयार कर पर्यटन विभाग को भेज दिया गया है।
श्रवण धाम के चहुंमुखी विकास के लिए आठ करोड़ रुपये की कार्ययोजना तैयार की गई है। इससे परिसर में कैफेटेरिया, घाटों का निर्माण, सड़क व अन्य तमाम कार्य कराए जा सकेंगे। परियोजना को मंजूरी मिलते ही कार्य शुरू कराए जाएंगे। -अनुपम सिंह, डीएसटीओ/जिला पर्यटन अधिकारी
विज्ञापन
अंबेडकरनगर। राजा दशरथ के शब्दभेदी बाण से काल के गाल में समाए श्रवण कुमार के समाधि स्थल के रूप में पहचान रखने वाले श्रवण धाम क्षेत्र को पर्यटक स्थल के रूप में संवारने के लिए विशेष पैकेज की जरूरत है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एजेंडे में शामिल इस धाम परिसर की सूरत बदलने के लिए पिछले दो वर्षों में कई काम कराए गए। नतीजतन महाकुंभ के समय हजारों श्रद्धालुओं ने यहां के महत्व को जाना और समझा। पर्यटकों की सुविधा के मद्देनजर कई काम होने बाकी हैं। इसके लिए करीब आठ करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया गया है, जिसमें श्रवण धाम का चहुंमुखी विकास किया जाएगा। शासन से मंजूरी मिली तो श्रवण धाम की सूरत पूरी तरह से बदल जाएगी।
34 साल पहले घोषित हुआ था पर्यटक स्थल
मड़हा, बिसुही और तमसा नदी के संगम पर स्थित श्रवण समाधि स्थल को वर्ष 1991 में भाजपा सरकार ने पर्यटक स्थल घोषित किया था। शुरुआती दौर में कुछ कमरों और श्रवण कुमार की समाधि स्थल का निर्माण किया गया था। इसके लिए शासन ने लगभग 14 लाख 70 हजार की धनराशि दी थी।
विज्ञापन
दो वर्षों में बदली तस्वीर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं श्रवण धाम को विकसित करने के लिए घोषणाएं कर चुके हैं। पिछले दो वर्षों में श्रवण धाम के स्वरूप में खासा बदलाव हुआ। यहां करीब दो करोड़ रुपये की लागत से विकास कार्य कराए गए। तत्कालीन डीएम अविनाश सिंह की पहल पर भगवान श्रीराम, भोलेनाथ, बजरंगबली की मूर्तियां स्थापित कराई गईं। प्रतिमा स्थलों पर ग्रीन मैट भी बिछवाई गई ताकि यहां आने वाले पर्यटकों को बेहतर माहौल मुहैया कराया जा सके। समूचे परिसर को रोशनी से जगमग किया गया। साथ ही यहां नाइट विजन कैमरे भी लगाए गए। मौजूदा समय में यहां नदी के तट पर चार घाट श्रवण घाट, रामघाट, जानकी घाट और त्रिवेणी घाट बने हुए हैं।
विज्ञापन
ये कार्य हैं प्रस्तावित
श्रवण धाम के इर्द-गिर्द करीब 23 घाट और बनाए जाने हैं। श्रवण धाम को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए यहां पर श्रवण कुमार की 52 फीट की प्रतिमा लगाई जानी प्रस्तावित है। साथ ही राजा दशरथ की शिकार मुद्रा में प्रतिमा नदी के किनारे लगाई जानी है। श्रवण कुमार की घायल अवस्था में एक प्रतिमा भी लगाई जानी है। घाट तक जाने के लिए मार्गों का निर्माण भी होना है। इसके अलावा यात्रियों के ठहरने के लिए धर्मशाला, यज्ञशाला, कैंटीन, सेप्टिक टैंक, शौचालय, घाट का निर्माण, पत्थर के बेंच, बच्चों के लिए पार्क व सैनिक पार्क का निर्माण प्रस्तावित है। विधायक कटेहरी धर्मराज निषाद ने श्रवण धाम परिसर में मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने के लिए पर्यटन अधिकारी को पत्राचार भी किया है। इन सब कार्यों में करीब आठ करोड़ रुपये की लागत आएगी, इसके लिए डीपीआर तैयार कर पर्यटन विभाग को भेज दिया गया है।
श्रवण धाम के चहुंमुखी विकास के लिए आठ करोड़ रुपये की कार्ययोजना तैयार की गई है। इससे परिसर में कैफेटेरिया, घाटों का निर्माण, सड़क व अन्य तमाम कार्य कराए जा सकेंगे। परियोजना को मंजूरी मिलते ही कार्य शुरू कराए जाएंगे। -अनुपम सिंह, डीएसटीओ/जिला पर्यटन अधिकारी

श्रवण धाम का मंदिर परिसर।

श्रवण धाम का मंदिर परिसर।