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654 विद्यालय आज भी बिजली से महरूम
AmbedkarNagar
Updated Tue, 28 Oct 2014 05:31 AM IST
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अंबेडकरनगर। पावर काॅर्पोरेशन के अधिकारियों व कर्मचारियों की लापरवाही के चलते जिले के 1243 परिषदीय विद्यालयों के सापेक्ष 654 विद्यालयों में विद्युत कनेक्शन नहीं हो सका है। विद्यालयों में पंखे व ट्यूबलाइट तो लगे हैं, लेकिन कनेक्शन न होने से इनका लाभ छात्र छात्राओं को नहीं मिल पा रहा है। पावर काॅर्पोरेशन अधिकारियों की विद्युत कनेक्शन को लेकर बरती जा रही लापरवाही का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि डीएम के निर्देश के बाद भी इस तरफ कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा सका है।
परिषदीय विद्यालयों में अध्यनरत छात्र-छात्राओं को पंखे व समुचित प्रकाश की व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए शासन ने वर्ष 2008-09 में सभी परिषदीय विद्यालयों का विद्युतीकरण कराए जाने योजना शुरू की। योजना के तहत विद्यालयों में 5 पंखा, 5 ट्यूबलाइट व सभी कक्षों में वायरिंग की जिम्मेदारी ग्राम प्रधान व प्रधानाध्यापक को दी गई, जबकि विद्युत कनेक्शन की जिम्मेदारी पावर काॅर्पोरेशन को। योजना के तहत विद्यालयों के विद्युतीकरण में किसी प्रकार की बाधा न उत्पन्न हो, इसके बेसिक शिक्षा परिषद ने विद्यालयों में विद्युत उपकरण लगाने के लिए ग्राम प्रधान व प्रधानाध्यापक के संयुक्त खाते में प्रति विद्यालय 25 हजार 188 रुपये निर्गत कर दिए, जबकि विद्युत कनेक्शन के लिए पावर कार्पोरेशन को प्रति विद्यालय वर्ष 2012-13 में 100 यूनिट कनेक्शन के लिए 2200 रुपये व बाद में 3500 रुपये उपलब्ध कराए। धन उपलब्ध कराने के साथ ही सभी विद्यालयों का विद्युतीकरण अतिशीघ्र कराने का भी निर्देश शासन स्तर से दिया गया।
इस योजना को लेकर पावर काॅर्पोरेशन कितना गंभीर है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सभी परिषदीय विद्यालयों में उपकरण तो लग गए, लेकिन कनेक्शन नहीं हुआ। विभागीय सूत्रों के अनुसार अब तक मात्र 589 विद्यालयों में ही विद्युत कनेक्शन हो सका है। शेष 654 विद्यालयों का विद्युत कनेक्शन के लिए विभाग द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। पावर काॅर्पोरेशन की मनमानी का आलम यह है कि बीते दिनों तत्कालीन डीएम ने पावर काॅर्पोरेशन अधिकारियों को तत्काल विद्युत कनेक्शन का निर्देश दिया था, लेकिन इसके बाद भी कनेक्शन नहीं किया जा सका है। नतीजा यह है कि इसका समुचित लाभ छात्र छात्राओं को नहीं मिल पा रहा है। उधर बीएसए दलसिंगार यादव ने बताया कि इसके लिए पावर काॅर्पोरेशन को कई बार पत्र लिखा जा चुका है। अधिशासी अभियंता मुकेश बाबू ने बताया कि विद्युत कनेक्शन के लिए आवश्यक प्रक्रिया अपनाई जा रही है। तमाम विद्यालयों में कनेक्शन हो भी गए हैं।
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परिषदीय विद्यालयों में अध्यनरत छात्र-छात्राओं को पंखे व समुचित प्रकाश की व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए शासन ने वर्ष 2008-09 में सभी परिषदीय विद्यालयों का विद्युतीकरण कराए जाने योजना शुरू की। योजना के तहत विद्यालयों में 5 पंखा, 5 ट्यूबलाइट व सभी कक्षों में वायरिंग की जिम्मेदारी ग्राम प्रधान व प्रधानाध्यापक को दी गई, जबकि विद्युत कनेक्शन की जिम्मेदारी पावर काॅर्पोरेशन को। योजना के तहत विद्यालयों के विद्युतीकरण में किसी प्रकार की बाधा न उत्पन्न हो, इसके बेसिक शिक्षा परिषद ने विद्यालयों में विद्युत उपकरण लगाने के लिए ग्राम प्रधान व प्रधानाध्यापक के संयुक्त खाते में प्रति विद्यालय 25 हजार 188 रुपये निर्गत कर दिए, जबकि विद्युत कनेक्शन के लिए पावर कार्पोरेशन को प्रति विद्यालय वर्ष 2012-13 में 100 यूनिट कनेक्शन के लिए 2200 रुपये व बाद में 3500 रुपये उपलब्ध कराए। धन उपलब्ध कराने के साथ ही सभी विद्यालयों का विद्युतीकरण अतिशीघ्र कराने का भी निर्देश शासन स्तर से दिया गया।
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इस योजना को लेकर पावर काॅर्पोरेशन कितना गंभीर है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सभी परिषदीय विद्यालयों में उपकरण तो लग गए, लेकिन कनेक्शन नहीं हुआ। विभागीय सूत्रों के अनुसार अब तक मात्र 589 विद्यालयों में ही विद्युत कनेक्शन हो सका है। शेष 654 विद्यालयों का विद्युत कनेक्शन के लिए विभाग द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। पावर काॅर्पोरेशन की मनमानी का आलम यह है कि बीते दिनों तत्कालीन डीएम ने पावर काॅर्पोरेशन अधिकारियों को तत्काल विद्युत कनेक्शन का निर्देश दिया था, लेकिन इसके बाद भी कनेक्शन नहीं किया जा सका है। नतीजा यह है कि इसका समुचित लाभ छात्र छात्राओं को नहीं मिल पा रहा है। उधर बीएसए दलसिंगार यादव ने बताया कि इसके लिए पावर काॅर्पोरेशन को कई बार पत्र लिखा जा चुका है। अधिशासी अभियंता मुकेश बाबू ने बताया कि विद्युत कनेक्शन के लिए आवश्यक प्रक्रिया अपनाई जा रही है। तमाम विद्यालयों में कनेक्शन हो भी गए हैं।
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