{"_id":"149-47295","slug":"AmbedkarNagar-47295-149","type":"story","status":"publish","title_hn":"एबीएसए को कारण बताओ नोटिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एबीएसए को कारण बताओ नोटिस
AmbedkarNagar
Updated Sat, 24 Nov 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अंबेडकरनगर। एमडीएम योजना में आ रही लापरवाही की शिकायत को लेकर शुक्रवार को जिलाधिकारी भड़क गईं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगायी। चेतावनी देते हुए कहा कि जल्द ही वे एमडीएम योजना के औचक निरीक्षण पर निकलेंगी। इस दौरान मिलने वाली खामियों पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होगी। वह को जिला स्तरीय टास्क फोर्स टीम के साथ समीक्षा बैठक कर रहीं थीं। इसमें एबीएसए टांडा की गैर मौजूदगी को लेकर भी कड़ी नाराजगी जाहिर की। और उन्हें नोटिस जारी करते हुए अनुपस्थिति का कारण बताने को कहा।
शासन के कड़े निर्देश के बाद अब जिला प्रशासन ने भी एमडीएम को लेकर सख्ती शुरू कर दी है। शुक्रवार को डीएम निधि केसरवानी ने एमडीएम की निगरानी के लिए गठित की गयी जिला स्तरीय टास्क फोर्स टीम के साथ बैठक की। इसमें जिन क्षेत्रों से एमडीएम को लेकर ज्यादातर शिकायतें मिलीं थी, उनसे संबंधित टास्क फोर्स के अधिकारियों की जमकर फटकार लगाई। कहा कि टीम गठन के दौरान ही संबंधित अधिकारी को निर्देशित किया गया था कि वे प्रतिमाह चयनित 5-5 विद्यालयों का निरीक्षण करेंगे, और उसकी रिपोर्ट जिला विद्यालय निरीक्षक के माध्यम से भेजेंगे। हालांकि निर्देशों का पालन सुचारु रूप से नहीं चल रहा है। जिले के 9 विकास खंडों में से महज जलालपुर व भियांव विकास खंडों से अब तक मासिक रिपोर्ट उपलब्ध हो सकी है। उन्होंने इसके लिए संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों की लापरवाही पर नाराजगी जाहिर की। कहा कि अगली बैठक में जिन शिक्षा क्षेत्रों से एमडीएम की मासिक रिपोर्ट न उपलब्ध हुई तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी।
जिला स्तरीय टास्क फोर्स टीम की बैठक में टांडा एबीएसए की गैर मौजूदगी को लेकर डीएम ने कड़ा रुख दिखाया। डीएम ने बीएसए दलसिंगार यादव को एबीएसए टांडा को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही सभी अधिकारियों को विद्यालय का निरीक्षण करने का निर्देश दिया। कहा कि वे प्रति माह 5-5 विद्यालयों का निरीक्षण करें, और जिन विद्यालयों में भोजन नहीं बन रहा है और ग्राम प्रधान द्वारा सहयोग नहीं किया जा रहा है। तो संबंधित विद्यालय के खाते को एकल कर भोजन बनाने का कार्य शुरू कराया जाए।
विज्ञापन
अच्छा कार्य करने वाले ग्राम प्रधानों व प्रधानाध्यापकों को प्रशस्त पत्र देकर सम्मानित किया जाए। बैठक में सीडीओ भरतलाल राय, डीआईओएस ओंकार सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी चंद्रशेखर ओझा, समाज कल्याण अधिकारी रणजीत सिंह व कार्यक्रम अधिकारी अजय कुमार आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
शासन के कड़े निर्देश के बाद अब जिला प्रशासन ने भी एमडीएम को लेकर सख्ती शुरू कर दी है। शुक्रवार को डीएम निधि केसरवानी ने एमडीएम की निगरानी के लिए गठित की गयी जिला स्तरीय टास्क फोर्स टीम के साथ बैठक की। इसमें जिन क्षेत्रों से एमडीएम को लेकर ज्यादातर शिकायतें मिलीं थी, उनसे संबंधित टास्क फोर्स के अधिकारियों की जमकर फटकार लगाई। कहा कि टीम गठन के दौरान ही संबंधित अधिकारी को निर्देशित किया गया था कि वे प्रतिमाह चयनित 5-5 विद्यालयों का निरीक्षण करेंगे, और उसकी रिपोर्ट जिला विद्यालय निरीक्षक के माध्यम से भेजेंगे। हालांकि निर्देशों का पालन सुचारु रूप से नहीं चल रहा है। जिले के 9 विकास खंडों में से महज जलालपुर व भियांव विकास खंडों से अब तक मासिक रिपोर्ट उपलब्ध हो सकी है। उन्होंने इसके लिए संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों की लापरवाही पर नाराजगी जाहिर की। कहा कि अगली बैठक में जिन शिक्षा क्षेत्रों से एमडीएम की मासिक रिपोर्ट न उपलब्ध हुई तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी।
विज्ञापन
जिला स्तरीय टास्क फोर्स टीम की बैठक में टांडा एबीएसए की गैर मौजूदगी को लेकर डीएम ने कड़ा रुख दिखाया। डीएम ने बीएसए दलसिंगार यादव को एबीएसए टांडा को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही सभी अधिकारियों को विद्यालय का निरीक्षण करने का निर्देश दिया। कहा कि वे प्रति माह 5-5 विद्यालयों का निरीक्षण करें, और जिन विद्यालयों में भोजन नहीं बन रहा है और ग्राम प्रधान द्वारा सहयोग नहीं किया जा रहा है। तो संबंधित विद्यालय के खाते को एकल कर भोजन बनाने का कार्य शुरू कराया जाए।
विज्ञापन
अच्छा कार्य करने वाले ग्राम प्रधानों व प्रधानाध्यापकों को प्रशस्त पत्र देकर सम्मानित किया जाए। बैठक में सीडीओ भरतलाल राय, डीआईओएस ओंकार सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी चंद्रशेखर ओझा, समाज कल्याण अधिकारी रणजीत सिंह व कार्यक्रम अधिकारी अजय कुमार आदि मौजूद रहे।