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पहले से था संकट, आठ लेखपालों का ट्रांसफर
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आलापुर। स्थानीय तहसील में लेखपालों की कमी के बावजूद आठ और लेखपालों का स्थानांतरण गैर जनपद कर दिया गया है। ऐसे में आने वाले समय में आलापुर तहसील क्षेत्र के नागरिकों की मुश्किलें और बढ़ने वाली हैं। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को इन लेखपालों के रिलीव होने के पहले यहां पर्याप्त लेखपालों की तैनाती सुनिश्चित करनी चाहिए। यदि ऐसा न हुआ तो इससे ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ जाएंगी।
बताते चलें कि आलापुर तहसील क्षेत्र में 104 ग्राम पंचायत है। यहां की आबादी पांच लाख के ऊपर है। इतनी बड़ी आबादी को सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाने व राजस्व से जुड़े मामलों के निस्तारण में लेखपालों की भूमिका अहम है। मौजूदा समय में आलापुर तहसील में इतनी बड़ी आबादी के लिए 74 लेखपालों पर जिम्मेदारी है। ऐसी स्थिति में पहले से ही अधिकांश लेखपालों पर एक से अधिक ग्राम पंचायतों का जिम्मा था। इस बीच राजस्व परिषद ने तहसील क्षेत्र के 8 लेखपालों का स्थानांतरण गैर जनपद कर दिया। ऐसे में यदि यह लेखपाल यहां से रिलीव हो जाते हैं तो आम नागरिकों की मुश्किलें बढ़ जाएंगी। इससे न सिर्फ आम जनता के कामकाज प्रभावित होंगे, बल्कि सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन में भी मुश्किलें आएंगी।
रामनगर के प्रदीप कुमार, मसेना मिर्जापुर के राजकुमार, महेंद्र तिवारी व सोनू आदि का कहना है कि पात्रों तक पहुंचने वाली सरकार की सभी योजनाएं लेखपालों के जरिए ही पहुंचती हैं। राजस्व से संबंधित काम हों या पात्रों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना, इनमें लेखपालों की अहम भूमिका है। ऐसे में एक-एक लेखपाल जब कई ग्राम पंचायतों का जिम्मा संभालेंगे तो वह कितने प्रभावी ढंग से काम कर पाएंगे इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।
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फिलहाल स्थानांतरित हुए लेखपालों को अभी रिलीव नहीं किया गया है। पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित होने के बाद लेखपालों को रिलीव किया जाएगा। आम नागरिकों के हितों का पूरा ख्याल रखा जाएगा। - भरतलाल सरोज, एसडीएम आलापुर
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बताते चलें कि आलापुर तहसील क्षेत्र में 104 ग्राम पंचायत है। यहां की आबादी पांच लाख के ऊपर है। इतनी बड़ी आबादी को सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाने व राजस्व से जुड़े मामलों के निस्तारण में लेखपालों की भूमिका अहम है। मौजूदा समय में आलापुर तहसील में इतनी बड़ी आबादी के लिए 74 लेखपालों पर जिम्मेदारी है। ऐसी स्थिति में पहले से ही अधिकांश लेखपालों पर एक से अधिक ग्राम पंचायतों का जिम्मा था। इस बीच राजस्व परिषद ने तहसील क्षेत्र के 8 लेखपालों का स्थानांतरण गैर जनपद कर दिया। ऐसे में यदि यह लेखपाल यहां से रिलीव हो जाते हैं तो आम नागरिकों की मुश्किलें बढ़ जाएंगी। इससे न सिर्फ आम जनता के कामकाज प्रभावित होंगे, बल्कि सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन में भी मुश्किलें आएंगी।
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रामनगर के प्रदीप कुमार, मसेना मिर्जापुर के राजकुमार, महेंद्र तिवारी व सोनू आदि का कहना है कि पात्रों तक पहुंचने वाली सरकार की सभी योजनाएं लेखपालों के जरिए ही पहुंचती हैं। राजस्व से संबंधित काम हों या पात्रों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना, इनमें लेखपालों की अहम भूमिका है। ऐसे में एक-एक लेखपाल जब कई ग्राम पंचायतों का जिम्मा संभालेंगे तो वह कितने प्रभावी ढंग से काम कर पाएंगे इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।
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फिलहाल स्थानांतरित हुए लेखपालों को अभी रिलीव नहीं किया गया है। पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित होने के बाद लेखपालों को रिलीव किया जाएगा। आम नागरिकों के हितों का पूरा ख्याल रखा जाएगा। - भरतलाल सरोज, एसडीएम आलापुर