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नए परिसीमन के बाद बढ़ जाएंगे 55 नए बूथ
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अंबेडकरनगर। आगामी विधानसभा चुनाव 2022 के मद्देनजर निर्वाचन विभाग कार्यालय तैयारियाें में जुट गया है। कोरोना महामारी के चलते निर्वाचन आयोग के नए दिशा निर्देश के चलते जिले में इस बार करीब 55 बूथ बढ़ सकते हैं। कारण यह कि आयोग का निर्देश है कि जिन बूथों पर मतदाताओं की संख्या 1200 से अधिक है, वहां नए बूथ बनाए जाएं, जिससे मतदाताओं को मतदान करने में किसी तरह की असुविधा न हो। इसके अलावा निर्वाचन विभाग मतदाताओं के नाम जोड़ने, हटाने, संशोधन व स्थानांतरण के कार्य में तेजी से जुट गया है।
प्रदेश में विधानसभा का चुनाव आगामी 2022 में होना है। इसके मद्देनजर निर्वाचन आयोग अपनी तैयारियों को मुकम्मल करने में जुट गया है। आयोग के निर्देश पर जिले में निर्वाचन विभाग कार्यालय के अधिकारी व कर्मचारी बूथों के नए सिरे से प्रबंधन, मतदाता सूची के अपमार्जन की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ा रहे हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी/डीएम के निर्देश पर इन दिनों जिले में नए सिरे से बूथों के गठन की प्रक्रिया चल रही है।
विभाग के मुताबिक कोरोना महामारी को देखते हुए निर्वाचन आयोग ने बूथों पर मतदाताओं की बढ़ने वाली भीड़ को रोकने व समय सीमा के अंदर मतदान कराने के लिए बूथों पर मतदाताओं की संख्या निर्धारित कर दी है। आदेश में कहा गया है कि प्रत्येक बूथ पर 1200 से अधिक मतदाताओं की संख्या नहीं होगी। जिन बूथों पर इससे अधिक संख्या है, वहां पर नए बूथ बनाए जाएं या फिर अन्य बूथों के साथ संबंधित मतदाताओं को शामिल किया जाए, जहां मतदाताओं की संख्या कम है।
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आयोग के इस दिशा निर्देश के बाद जिले में निर्वाचन विभाग बूथों के नए प्रबंधन की प्रक्रिया में जुट गया है। सभी उपजिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में बूथों की समीक्षा कर इसकी रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा गया है। इसके लिए 21 अगस्त को कलेक्ट्रेट में बैठक भी बुलाई गई है। अब तक तैयार किए गए विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिले के 114 बूथ ऐसे हैं, जहां निर्धारित 1200 से अधिक मतदाताओं की संख्या है। फिलहाल इनमें से करीब 55 से 60 बूथों के मतदाताओं को बगल के बूथों पर स्थानांतरित करने व शेष बूथों के मतदाताओं के लिए नए बूथ बनाए जाने की प्रक्रिया जारी है।
पहले था 1400 मतदाताओं का मानक
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक पहले बूथ बनाने का मानक 1400 मतदाताओं के हिसाब से था। इसके चलते वर्ष 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में जिले में कुल 1147 मतदान केंद्रों पर 2012 बूथ बनाए गए थे। वहीं वर्ष 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में मतदान केंद्रों की संख्या 1147 थी और बूथ 2008 बनाए गए थे। ऐसे में अब नए निर्देश के बाद बूथों की संख्या में बढ़ोत्तरी होगी। इसके लिए विभाग तैयारी में जुट गया है।
चल रही परिसीमन की प्रक्रिया
निर्वाचन आयोग के दिशा निर्देश पर जिले में नए मानक के अनुसार बूथों के परिसीमन की प्रक्रिया चल रही है। अब तक समीक्षा में 114 बूथों पर नए मानक से अधिक मतदाताओं की संख्या सामने आई है। इनमें से कुछ बूथों के मतदाताओं को बगल के बूथ पर शिफ्ट करने की प्रक्रिया चल रही है। शेष मतदाताओं के लिए नए बूथ बनाए जाएंगे। उम्मीद है कि करीब 55 नए बूथ इस बार के विधानसभा चुनाव में बढ़ जाएंगे।
डॉ. पंकज कुमार वर्मा, अपर जिला निर्वाचन अधिकारी/एडीएम
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प्रदेश में विधानसभा का चुनाव आगामी 2022 में होना है। इसके मद्देनजर निर्वाचन आयोग अपनी तैयारियों को मुकम्मल करने में जुट गया है। आयोग के निर्देश पर जिले में निर्वाचन विभाग कार्यालय के अधिकारी व कर्मचारी बूथों के नए सिरे से प्रबंधन, मतदाता सूची के अपमार्जन की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ा रहे हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी/डीएम के निर्देश पर इन दिनों जिले में नए सिरे से बूथों के गठन की प्रक्रिया चल रही है।
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विभाग के मुताबिक कोरोना महामारी को देखते हुए निर्वाचन आयोग ने बूथों पर मतदाताओं की बढ़ने वाली भीड़ को रोकने व समय सीमा के अंदर मतदान कराने के लिए बूथों पर मतदाताओं की संख्या निर्धारित कर दी है। आदेश में कहा गया है कि प्रत्येक बूथ पर 1200 से अधिक मतदाताओं की संख्या नहीं होगी। जिन बूथों पर इससे अधिक संख्या है, वहां पर नए बूथ बनाए जाएं या फिर अन्य बूथों के साथ संबंधित मतदाताओं को शामिल किया जाए, जहां मतदाताओं की संख्या कम है।
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आयोग के इस दिशा निर्देश के बाद जिले में निर्वाचन विभाग बूथों के नए प्रबंधन की प्रक्रिया में जुट गया है। सभी उपजिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में बूथों की समीक्षा कर इसकी रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा गया है। इसके लिए 21 अगस्त को कलेक्ट्रेट में बैठक भी बुलाई गई है। अब तक तैयार किए गए विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिले के 114 बूथ ऐसे हैं, जहां निर्धारित 1200 से अधिक मतदाताओं की संख्या है। फिलहाल इनमें से करीब 55 से 60 बूथों के मतदाताओं को बगल के बूथों पर स्थानांतरित करने व शेष बूथों के मतदाताओं के लिए नए बूथ बनाए जाने की प्रक्रिया जारी है।
पहले था 1400 मतदाताओं का मानक
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक पहले बूथ बनाने का मानक 1400 मतदाताओं के हिसाब से था। इसके चलते वर्ष 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में जिले में कुल 1147 मतदान केंद्रों पर 2012 बूथ बनाए गए थे। वहीं वर्ष 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में मतदान केंद्रों की संख्या 1147 थी और बूथ 2008 बनाए गए थे। ऐसे में अब नए निर्देश के बाद बूथों की संख्या में बढ़ोत्तरी होगी। इसके लिए विभाग तैयारी में जुट गया है।
चल रही परिसीमन की प्रक्रिया
निर्वाचन आयोग के दिशा निर्देश पर जिले में नए मानक के अनुसार बूथों के परिसीमन की प्रक्रिया चल रही है। अब तक समीक्षा में 114 बूथों पर नए मानक से अधिक मतदाताओं की संख्या सामने आई है। इनमें से कुछ बूथों के मतदाताओं को बगल के बूथ पर शिफ्ट करने की प्रक्रिया चल रही है। शेष मतदाताओं के लिए नए बूथ बनाए जाएंगे। उम्मीद है कि करीब 55 नए बूथ इस बार के विधानसभा चुनाव में बढ़ जाएंगे।
डॉ. पंकज कुमार वर्मा, अपर जिला निर्वाचन अधिकारी/एडीएम