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Ambedkar Nagar News: तमसा नदी में उफान से डूबी 50 बीघा फसल
Sat, 05 Oct 2024 03:07 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Sat, 05 Oct 2024 03:07 AM IST
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कटेहरी के घाघूपुर में बाढ़ के पानी में डूबी किसानों की फसल।
कटेहरी (अंबेडकरनगर)। तमसा नदी में उफान के चलते शुक्रवार को विकास खंड कटेहरी के घाघूपुर व दुल्लापुर के लगभग 35 किसानों की 50 बीघा धान व व गन्ने की फसल डूब गई। इससे संबंधित किसानों की चिंता बढ़ गई है। उधर अकबरपुर नगर में भी नदी के बढ़े जलस्तर से पानी आबादी के नजदीक तक पहुंच गया है।
धान व गन्ना किसानों की मुश्किलें कम नहीं हो रहीं। पहले सूखे जैसे हालात उत्पन्न हुए तो बीते दिनों तीन दिन लगातार हुई बारिश ने धान किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी थीं। इस बीच एक दिन पहले बृहस्पतिवार से तमसा नदी के जलस्तर में तेजी से वृद्धि शुरू हो गई। नतीजा यह रहा कि शुक्रवार को घाघूपुर व दुल्लापुर के साथ ही सीहमई स्थित लगभग 50 बीघा धान व गन्ने के खेत में नदी का पानी पहुंच गया।
घाघूपुर के रामधनी, जवाहिर, विनोद, मुन्नू, सुखराम, रामजनम, सुरेंद्र, सुक्खू, रामसिधार, जियाराम ने कहा कि बृहस्पतिवार देर रात से ही खेत में नदी का पानी पहुंचने लगा। शुक्रवार सुबह होते होते धान की फसल पूरी तरह से डूब गई। कहा कि यदि शीघ्र ही जलस्तर में कमी नहीं हुई और खेत से पानी नहीं हटा तो धान की फसल पूरी तरह से चौपट हो जाएगी। इससे बड़ी आर्थिक चपत लगेगी।
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दुल्लापुर के रामसुमेर, हीरालाल, जवाहिर, प्रदीप, तथा सीहमई के वासुदेव वर्मा, शिव माधव वर्मा, राजबहादुर आदि किसानों ने कहा कि खेत में नदी का पानी भरा होने से धान की फसल तो बर्बाद तो होगी ही गन्ने की फसल पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उधर नदी के जलस्तर ने अकबरपुर नगर में भी दायरा बढ़ा दिया है। तमसा मार्ग तथा रेलवे स्टेशन क्षेत्र में आबादी तक नदी का पानी पहुंचने से स्थानीय लोग आशंकित हैं।
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धान व गन्ना किसानों की मुश्किलें कम नहीं हो रहीं। पहले सूखे जैसे हालात उत्पन्न हुए तो बीते दिनों तीन दिन लगातार हुई बारिश ने धान किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी थीं। इस बीच एक दिन पहले बृहस्पतिवार से तमसा नदी के जलस्तर में तेजी से वृद्धि शुरू हो गई। नतीजा यह रहा कि शुक्रवार को घाघूपुर व दुल्लापुर के साथ ही सीहमई स्थित लगभग 50 बीघा धान व गन्ने के खेत में नदी का पानी पहुंच गया।
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घाघूपुर के रामधनी, जवाहिर, विनोद, मुन्नू, सुखराम, रामजनम, सुरेंद्र, सुक्खू, रामसिधार, जियाराम ने कहा कि बृहस्पतिवार देर रात से ही खेत में नदी का पानी पहुंचने लगा। शुक्रवार सुबह होते होते धान की फसल पूरी तरह से डूब गई। कहा कि यदि शीघ्र ही जलस्तर में कमी नहीं हुई और खेत से पानी नहीं हटा तो धान की फसल पूरी तरह से चौपट हो जाएगी। इससे बड़ी आर्थिक चपत लगेगी।
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दुल्लापुर के रामसुमेर, हीरालाल, जवाहिर, प्रदीप, तथा सीहमई के वासुदेव वर्मा, शिव माधव वर्मा, राजबहादुर आदि किसानों ने कहा कि खेत में नदी का पानी भरा होने से धान की फसल तो बर्बाद तो होगी ही गन्ने की फसल पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उधर नदी के जलस्तर ने अकबरपुर नगर में भी दायरा बढ़ा दिया है। तमसा मार्ग तथा रेलवे स्टेशन क्षेत्र में आबादी तक नदी का पानी पहुंचने से स्थानीय लोग आशंकित हैं।