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Ambedkar Nagar News: 341 स्वयं सहायता समूहों की 3717 दीदियां शुरू करेंगी स्वरोजगार
Fri, 02 May 2025 11:01 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Fri, 02 May 2025 11:01 PM IST
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अंबेडकरनगर। जिले में 341 स्वयं सहायता समूहों की 3717 महिलाओं को कुल 5.11 करोड़ रुपये का ऋण बैंकों से मिलेगा। ऋण विभिन्न बैंकों के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों को उपलब्ध कराया गया है, जिससे समूह की महिलाएं अपने-अपने स्वरोजगार व आयवर्धन की गतिविधियों को गति देंगी।
कैश क्रेडिट लिमिट योजना में स्वीकृत राशि को महिलाएं उत्पादन, सेवाक्षेत्र, लघु व्यवसाय, पशुपालन, सिलाई-कढ़ाई, सब्जी उत्पादन, किराना दुकान, और अन्य स्वरोजगार गतिविधियों में उपयोग कर सकती हैं। कैश क्रेडिट लिमिट वह प्रणाली है जिसमें पात्र स्वयं सहायता समूहों को एक निश्चित सीमा तक बैंक से ऋण लेने की सुविधा दी जाती है। यह सुविधा बिना किसी बड़ी जमानत के मिलती है और इसमें चुकौती की शर्तें समूह की आर्थिक गतिविधियों के अनुसार तय होती हैं।
यह योजना राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के अंतर्गत संचालित होती है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त करना है। कुछ समूहों ने पहले से ही अपने कार्य प्रारंभ कर दिए हैं, अब नए ऋण से उन्हें विस्तार में सुविधा मिलेगी। प्रभारी डीसी एनआरएलएम अनिल कुमार सिंह ने बताया कि बैंकों को निर्देशित किया गया है कि वे प्रक्रिया को सरल बनाएं और पात्र समूहों को समय से ऋण वितरण सुनिश्चित करें। साथ ही निगरानी की व्यवस्था भी की गई है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि ऋण का उपयोग निर्धारित उद्देश्य के लिए ही हो रहा है।
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सीसीएल के माध्यम से मिलने वाला यह ऋण महिलाओं को आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने में मदद करेगा। कई समूह पहले से सफलतापूर्वक कार्य कर रहे हैं। अब नए ऋण के माध्यम से वे अपने काम का दायरा बढ़ा सकेंगी।
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कैश क्रेडिट लिमिट योजना में स्वीकृत राशि को महिलाएं उत्पादन, सेवाक्षेत्र, लघु व्यवसाय, पशुपालन, सिलाई-कढ़ाई, सब्जी उत्पादन, किराना दुकान, और अन्य स्वरोजगार गतिविधियों में उपयोग कर सकती हैं। कैश क्रेडिट लिमिट वह प्रणाली है जिसमें पात्र स्वयं सहायता समूहों को एक निश्चित सीमा तक बैंक से ऋण लेने की सुविधा दी जाती है। यह सुविधा बिना किसी बड़ी जमानत के मिलती है और इसमें चुकौती की शर्तें समूह की आर्थिक गतिविधियों के अनुसार तय होती हैं।
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यह योजना राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के अंतर्गत संचालित होती है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त करना है। कुछ समूहों ने पहले से ही अपने कार्य प्रारंभ कर दिए हैं, अब नए ऋण से उन्हें विस्तार में सुविधा मिलेगी। प्रभारी डीसी एनआरएलएम अनिल कुमार सिंह ने बताया कि बैंकों को निर्देशित किया गया है कि वे प्रक्रिया को सरल बनाएं और पात्र समूहों को समय से ऋण वितरण सुनिश्चित करें। साथ ही निगरानी की व्यवस्था भी की गई है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि ऋण का उपयोग निर्धारित उद्देश्य के लिए ही हो रहा है।
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सीसीएल के माध्यम से मिलने वाला यह ऋण महिलाओं को आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने में मदद करेगा। कई समूह पहले से सफलतापूर्वक कार्य कर रहे हैं। अब नए ऋण के माध्यम से वे अपने काम का दायरा बढ़ा सकेंगी।