{"_id":"58864b484f1c1bbd7ecf4524","slug":"35-thousand-population-steeped-in-darkness-due-to-fault-in-transmission-line","type":"story","status":"publish","title_hn":"फॉल्ट से अंधेरे में डूबी रही 35 हजार आबादी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फॉल्ट से अंधेरे में डूबी रही 35 हजार आबादी
अमर उजाला ब्यूरो/अंबेडकरनगर
Updated Mon, 23 Jan 2017 11:58 PM IST
विज्ञापन
अंबेडकरनगर के जलालपुर में बिजली न आने से ठप पड़ा पावरलूम।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जलालपुर, अकबरपुर व महरुआ क्षेत्र में विद्युत खंभा व तार क्षतिग्रस्त होने के चलते लगभग 35 हजार आबादी पूरी रात अंधेरे में डूबी रही। सोमवार सुबह जहां संबंधित क्षेत्र के लोगों को पेयजल आदि के लिए भारी दिक्कत उठानी पड़ी वहीं कई इलाकों में पावरलूम ठप पड़ गए। सोमवार देर शाम तक संबंधित क्षेत्र की आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी।
विज्ञापन
तमाम मांग के बावजूद पावर कारपोरेशन जर्जर हो चुके उपकरणों को बदलने को लेकर गंभीरता नहीं दिखा रहा है। नतीजतन इसका खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। रविवार को भी जिला मुख्यालय, महरुआ व जलालपुर क्षेत्र के उपभोक्ताओं को पावर कारपोरेशन अधिकारियों व कर्मचारियों की लापरवाही का खामियाजा भुगतना पड़ा।
विज्ञापन
जिला मुख्यालय के मालीपुर रोड पर जर्जर तार टूट गया। इससे संबंधित क्षेत्र की लगभग 15 हजार आबादी को पूरी रात अंधेरे में गुजारना पड़ी। जलालपुर प्रतिनिधि के अनुसार जलालपुर के रफीगंज क्षेत्र में रविवार देर रात ट्रैक्टर-ट्रॉली की टक्कर के चलते जर्जर हो चुका विद्युत खंभा टूटकर गिर गया। नतीजतन इससे संबंधित क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई।
विज्ञापन
लोगों ने कोई मामूली गड़बड़ी या फिर कटौती समझी लेकिन जब सोमवार सुबह भी बिजली नहीं आई तो पावर कारपोरेशन के अधिकारियों व कर्मचारियों को फोन कर जानकारी हासिल करने लगे। बताया गया कि विद्युत खंभा क्षतिग्रस्त होने से आपूर्ति बाधित हुई है। उसे ठीक कराया जा रहा है। इससे संबंधित क्षेत्र की लगभग 10 हजार आबादी प्रभावित हुई।
महरुआ फीडर से जुड़े आदमपुर तिंदौली, बरामदपुर जरियारी, किशुनीपुर सरखने, पतौना व मंशापुर समेत लगभग 10 गांवों के उपभोक्ता रविवार रात अंधेरे में गुजारने के लिए मजबूर हुए। दरअसल महरुआ फीडर में रविवार रात्रि तकनीकी गड़बड़ी आ गई। इसके चलते संबंधित गांवों की आपूर्ति रात आठ बजे ठप हो गई।
ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से जानकारी हासिल करनी चाही लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। इससे लगभग 10 हजार आबादी को पूरी रात अंधेरे में गुजारनी पड़ी। आदमपुर के बद्रीप्रसाद व अरविंद कुमार चतुर्वेदी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि पावर कारपोरेशन अधिकारियों व कर्मचारियों को आमजन के हित की कोई परवाह नहीं है।
जर्जर हो चुके उपकरणों को ठीक कराने की मांग लंबे समय से की जा रही है लेकिन इसे लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। नतीजतन इसका खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। जलालपुर, अकबरपुर और महरुआ क्षेत्र में कई जगह पावरलूम ठप पड़ गए। उपभोक्ताओं ने जर्जर हो चुके उपकरणों को अविलंब बदले जाने की मांग की।
कहा कि जब तक जर्जर हो चुके उपकरण बदले नहीं जाते, सुचारु बिजली मिलने वाली नहीं है। उपभोक्ता रूपचंद्र व शहाब परवेज ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जब अभी से यह हाल है, तो आगामी दिनों में जब तेज गर्मी होगी, तब क्या हाल होगा, इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
उपभोक्ता शशिकांत व मनोज कुमार ने कहा कि जब तक जर्जर हो चुके उपकरणों को नहीं बदला जाता, तब तक सुचारु बिजली मिलने वाली नहीं है। अकबरपुर व जलालपुर नगर में आपूर्ति ठप होने से संबंधित क्षेत्र के लोगों के सामने सोमवार सुबह पेयजल का संकट खड़ा हो गया। बिजली न होने से टुल्लू पंप नहीं चल सका।
इससे दूसरी व तीसरी मंजिल पर रहने वाले लोगों को नीचे से पानी लाना पड़ा। अकबरपुर के छात्र रंजीत व सौरभ ने नाराजगी जताते हुए कहा कि बिजली न आने से एक तो सुबह के समय पढ़ाई बाधित हुई, उस पर पेयजल का संकट खड़ा होने से भी काफी दिक्कत हुई। जलालपुर के सिबगतुल्लाह व राजेश ने कहा कि पावर कारपोरेशन को आमजन के हित से कोई लेनादेना नहीं है।