फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ambedkar Nagar News ›   2551 Anganwadi centers are dependent on 19 supervisors

Ambedkar Nagar News: 19 सुपरवाइजर के भरोसे हैं 2551 आंगनबाड़ी केंद्र

Sun, 05 May 2024 08:16 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 05 May 2024 08:16 PM IST
विज्ञापन
2551 Anganwadi centers are dependent on 19 supervisors
अंबेडकरनगर। जिले में संचालित 2551 आंगनबाड़ी केंद्रों की निगरानी व इनसे संचालित योजनाओं के बेहतर संचालन की जिम्मेदारी मात्र 19 सुपरवाइजर पर है। संबंधित केंद्रों से योजनाओं के बेहतर संचालन के लिए सुपरवाइजर के कुल 90 पद सृजित हैं लेकिन 71 पद लंबे समय से रिक्त चल रहे हैं। इससे पुष्टाहार योजना व कुपोषणमुक्त अभियान का संचालन मुश्किल हो गया है।
विज्ञापन

छह वर्ष तक के बच्चों, गर्भवती व धात्री महिलाओं को पुष्टाहार देने, जिले को कुपोषण मुक्त करने के लिए चलने वाले अभियान को सफल बनाने समेत कई अन्य प्रकार की योजनाओं के बेहतर संचालन के लिए जिले में 2551 आंगनबाड़ी केंद्र स्थापित हैं। इन केंद्रों से लगभग सवा दो लाख छह वर्ष तक के बच्चे, गर्भवती व धात्री पंजीकृत हैं। केंद्रों से योजनाओं के बेहतर ढंग से संचालन के लिए सुपरवाइजर के कुल 90 पद सृजित हैं। लेकिन लंबे समय से 71 पद रिक्त चल रहे हैं। मात्र 19 पद पर ही सुपरवाइजर की तैनाती है। इससे एक-एक सुपरवाइजर के जिम्मे दो-दो सौ से अधिक केंद्रों की जिम्मेदारी है। बाल विकास कार्यालय के अनुसार विकास खंड भीटी में एक, जहांगीरगंज में एक, भियांव में एक, अकबरपुर शहर में एक, बसखारी में एक, कटेहरी में दो, जलालपुर में दो, रामनगर में तीन, अकबरपुर में तीन व विकास खंड टांडा में चार सुपरवाइजर की तैनाती है।
विज्ञापन

नियमतः एक सुपरवाइजर के जिम्मे 25 आंगनबाड़ी केंद्र होने चाहिए। बाल विकास अधिकारी कार्यालय के अनुसार विकास खंड भीटी में 212, जहांगीरगंज में 258, भियांव में 237, अकबरपुर में 437, जलालपुर में 333, अकबरपुर नगर में 42, टांडा में 305, रामनगर में 250, कटेहरी में 232, बसखारी में 245 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन



यह है सुपरवाइजर का काम
सभी केंद्र की निगरानी व प्रत्येक माह स्थलीय निरीक्षण कर योजनाओं की समीक्षा करने का जिम्मा सुपरवाइजर पर होता है। इसके अलावा कुपोषण मुक्त अभियान के तहत सभी श्रेणी के बच्चों की रिपोर्ट के साथ ही पुष्टाहार वितरण व अन्य योजनाओं की समुचित रिपोर्ट बाल विकास अधिकारी कार्यालय को सौंपनी होती है।

-----------------------
रिपोर्टिंग में हो रही समस्या
बाल विकास कार्यालय के एक कर्मचारी ने बताया कि सुपरवाइजर की कर्मी से आंगनबाड़ी केंद्रों से संचालित योजनाओं की बेहतर ढंग से रिपोर्टिंग नहीं हो रही है। दरअसल सुपरवाइजर पर आंगनबाड़ी केंद्र से योजनाओं के बेहतर संचालन की जिम्मेदारी होती है। प्रत्येक माह प्रत्येक केंद्र के निरीक्षण से लेकर पुष्टाहार योजना, कुपोषण से संबंधित योजनाओं की पूरी रिपोर्ट शासन को देने की जिम्मेदारी भी सुपरवाइजर पर ही होती है। ऐसे में सुपरवाइजर की संख्या कम होने से न सिर्फ बेहतर ढंग से रिपोर्टिंग हो रही और न ही योजनाओं का ही सुचारु रूप से संचालन हो रहा है।



नहीं हो रही नई नियुक्ति
वर्ष 2005 से सुपरवाइजर पद पर नई नियुक्ति नहीं हो सकी है। बीते दिनों कुछ पद के लिए परीक्षा हुई थी लेकिन मामला न्यायालय में चला गया। ऐसे में नई नियुक्ति होने के बाद ही सभी पद पर तैनाती हो सकेगी। दिनेश मिश्र, जिला कार्यक्रम अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed