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Ambedkar Nagar News: जमीन के नाम पर 23.55 लाख की ठगी, प्राथमिकी दर्ज
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जलालपुर। तहसील के कटका क्षेत्र में जमीन बेचने के नाम पर 23.55 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। नूरपुर कला निवासी नरेंद्र देव यादव उर्फ डब्बू की शिकायत पर पुलिस अधीक्षक के आदेश के बाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
नरेंद्र देव यादव ने पुलिस अधीक्षक को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि गांव के ही उदय राज विश्वकर्मा ने अपनी 0.280 हेक्टेयर भूमि का आधा हिस्सा उन्हें 23 लाख 55 हजार रुपये में बेचने का सौदा किया था। समझौते के तहत, नरेंद्र ने अपने पिता के खाते से आरटीजीएस के माध्यम से उदयराज को पहले 9 लाख 10 हजार रुपये भेजे और फिर अलग-अलग किस्तों में कुल 23.55 लाख रुपये का भुगतान कर दिया।
पीड़ित के अनुसार, 20 दिसंबर 2024 को उदयराज ने अपनी पत्नी दुलारी के नाम वाली इस जमीन का एग्रीमेंट करने की बात तय की थी। अगले दिन 21 दिसंबर को जब नरेंद्र देव उप-निबंधक कार्यालय (रजिस्ट्री दफ्तर) जलालपुर पहुंचे, तो उदयराज और उसकी पत्नी वहां से गायब हो गए। बाद में पता चला कि उदयराज ने वह जमीन किसी और को बेच दी है।
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धोखाधड़ी का पता चलने पर जब नरेंद्र अपने रुपये वापस मांगने उदयराज के घर गए तो आरोपी और उसके परिजनों ने एकजुट होकर उनके साथ गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित का आरोप है कि इस साजिश में उदयराज, उसकी पत्नी दुलारी देवी, बहुएं और परिवार के अन्य सदस्य शामिल हैं।
नरेंद्र का कहना है कि थाने में सुनवाई न होने पर उन्हें उच्चाधिकारियों की शरण लेनी पड़ी। थाना प्रभारी अवधेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि एसपी के आदेश पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है और जल्द ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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नरेंद्र देव यादव ने पुलिस अधीक्षक को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि गांव के ही उदय राज विश्वकर्मा ने अपनी 0.280 हेक्टेयर भूमि का आधा हिस्सा उन्हें 23 लाख 55 हजार रुपये में बेचने का सौदा किया था। समझौते के तहत, नरेंद्र ने अपने पिता के खाते से आरटीजीएस के माध्यम से उदयराज को पहले 9 लाख 10 हजार रुपये भेजे और फिर अलग-अलग किस्तों में कुल 23.55 लाख रुपये का भुगतान कर दिया।
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पीड़ित के अनुसार, 20 दिसंबर 2024 को उदयराज ने अपनी पत्नी दुलारी के नाम वाली इस जमीन का एग्रीमेंट करने की बात तय की थी। अगले दिन 21 दिसंबर को जब नरेंद्र देव उप-निबंधक कार्यालय (रजिस्ट्री दफ्तर) जलालपुर पहुंचे, तो उदयराज और उसकी पत्नी वहां से गायब हो गए। बाद में पता चला कि उदयराज ने वह जमीन किसी और को बेच दी है।
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धोखाधड़ी का पता चलने पर जब नरेंद्र अपने रुपये वापस मांगने उदयराज के घर गए तो आरोपी और उसके परिजनों ने एकजुट होकर उनके साथ गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित का आरोप है कि इस साजिश में उदयराज, उसकी पत्नी दुलारी देवी, बहुएं और परिवार के अन्य सदस्य शामिल हैं।
नरेंद्र का कहना है कि थाने में सुनवाई न होने पर उन्हें उच्चाधिकारियों की शरण लेनी पड़ी। थाना प्रभारी अवधेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि एसपी के आदेश पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है और जल्द ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।