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ब्लॉकों में जल्द बनेंगे 18 अस्थायी पशु आश्रय केंद्र

Mon, 17 Oct 2022 11:49 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 17 Oct 2022 11:49 PM IST
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18 temporary animal shelter centers will soon be built in the blocks
अंबेडकरनगर। छुट्टा मवेशियों से किसानों व आम नागरिकों को छुटकारा दिलाने के लिए सभी नौ ब्लॉकों में 18 अस्थायी पशु आश्रय केंद्रों का निर्माण होगा। मनरेगा के तहत सभी ब्लॉकों को दो-दो केंद्रों का निर्माण कराने की जिम्मेदारी दी गई है। इन केंद्रों के लिए भूमि की तलाश शुरू करा दी गई है। राजस्व विभाग के साथ मिलकर ब्लॉक प्रशासन भूमि का चिह्नांकन कर रहा है।
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जिले में मौजूदा समय में चार स्थायी व 18 अस्थायी पशु आश्रय केंद्र स्थापित हैं। इनमें 5,224 पशुओं को संरक्षित किया गया है। इसके बावजूद बड़ी तादाद में छुट्टा मवेशी अभी भी इधर-उधर घूमते रहते हैं। अक्सर किसानों व नागरिकों द्वारा शिकायत दर्ज करायी जाती है कि छुट्टा मवेशियों से मुश्किल हो रही है।
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कई क्षेत्रों में छुट्टा मवेशियों की अधिकता होने के चलते फसल बर्बाद हो जाती है। सड़कों पर भी ये मवेशी हादसे का सबब बन जाते हैं। ऐसे में नागरिकों को इस समस्या से निजात दिलाने के लिए शासन ने जिले के अकबरपुर, कटेहरी, भीटी, जलालपुर, भियांव, टांडा, बसखारी, जहांगीरगंज व रामनगर सहित सभी नौ ब्लॉकों में 18 और अस्थायी पशु आश्रय केंद्रों को स्थापित करने के लिए हरी झंडी दी है। इसकी तैयारी भी शुरू कर दी गई है।
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सीडीओ अनुराज जैन ने गत दिवस सभी खंड विकास अधिकारियों के साथ बैठक कर उनसे जानकारी साझा की। निर्देशित किया कि राजस्व विभाग के जरिए ब्लॉक क्षेत्र में दो स्थानों पर पशु आश्रय केंद्र के निर्माण के लिए भूमि चिह्नित कराएं। इसके बाद वहां केंद्र निर्माण का काम शुुरू कराएं। मार्च 2023 तक इन अस्थायी पशु आश्रय केंद्रों का निर्माण कार्य पूरा करना है। इस निर्देश के बाद से सभी ब्लॉकों में भूमि की तलाश शुरू कर दी गई है।
अकबरपुर के राजितराम शुक्ल व प्रदीप सिंह ने जल्द से जल्द पशु आश्रय केंद्रों का निर्माण कराए जाने की मांग की। कहा कि छुट्टा मवेशियों के चलते काफी मुश्किलें हो रही हैं। न सिर्फ फसल को नुकसान होता है बल्कि आवागमन में भी दिक्कत होती है। भीटी के रामअजोर व कालिका, कटेहरी के श्रीकांत व जलालपुर के विनय यादव ने कहा कि दो-दो अतिरिक्त केंद्रों का निर्माण होने से काफी संख्या में छुट्टा पशु वहां रखे जा सकेंगे। इससे किसानों व अन्य लोगों को राहत मिलेगी।

टांडा व महरुआ आदि क्षेत्रों के किसानों ने भी पर्याप्त पशु आश्रय केंद्र स्थापित किए जाने पर जोर दिया। कहा कि छुट्टा मवेशियों से सबसे ज्यादा नुकसान किसानों को होता है। ऐसे में सरकार का यह नया निर्णय लाभप्रद साबित होगा।
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