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भूख से तड़प रहे गोवंश को डीएम की संवेदनशीलता से मिली जिंदगी
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अंबेडकरनगर। पशु आश्रयस्थल में पशुओं के चारे व इलाज को लेकर हददर्जे की लापरवाही सामने आई है। सैदपुर भितरी के एक केंद्र का औचक निरीक्षण डीएम ने किया तो एक गोवंश भूख से अचेत पड़ा मिला। पशुधन प्रसार अधिकारी ने उसे बीमार बताकर पल्ला झाडने की कोशिश की। हालांकि, डीएम ने तत्काल जब उसके लिए चारे व पानी का प्रबंध कराया तो वह हरकत में आता दिखा। कुछ देर बाद वह उठ खड़ा हुआ। डीएम ने पशुधन प्रसार अधिकारी को नोटिस जारी किया है। प्रकरण में संबंधित अधिकारी का निलंबन तय माना जा रहा है।
दो दिन पहले ही जिले में कार्यभार ग्रहण करने वाले डीएम राकेश कुमार मिश्र गुरुवार शाम पशु आश्रय स्थल के औचक निरीक्षण पर निकले। उनके साथ मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. शैलेंद्र कुमार सिंह व पशुधन प्रसार अधिकारी अकबरपुर विजयप्रकाश रावत भी मौजूद थे। डीएम अकबरपुर विकास खण्ड के सैदपुर भितरी गांव में बने आश्रय केंद्र पहुंचे। वहां उन्होंने एक गोवंश को अचेत पड़ा पाया।
एकबारगी अधिकारियों को लगा कि उसकी मौत हो चुकी है। नजदीक जाने पर उसके जिंदा होने का एहसास हुआ। डीएम ने साथ में मौजूद पशुधन प्रसार अधिकारी से पूछा, तो उन्होंने बताया कि गोवंश बीमार है। डीएम ने इलाज के बारे में जानकारी चाही, तो उसने कई दवाओं व इंजेक्शन का नाम गिना डाला। डीएम ने जब मुख्य पशु चिकित्साधिकारी से जानना चाहा कि क्या इन दवाओं व इंजेक्शन का प्रयोग इस हालत में हो सकता है, तो उन्होंने कहा कि इनका प्रयोग नहीं हो सकता।
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डीएम ने इस पर पशुधन प्रसार अधिकारी को अपने वाहन में बिठा लिया।
इसके साथ ही उन्होंने तुरंत पशु के लिए चारे व पानी का इंतजाम कराया। चारा मिलते ही पशु हरकत में आ गया। इस पर डीएम ने अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। कहा कि इसी तरह की लापरवाही से ही अप्रिय स्थिति सामने आती है। डीएम ने बाद में पशुधन प्रसार अधिकारी को वाहन से उतरवा दिया, लेकिन पूरे मामले की जांच मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को सौंप दी।
इसके साथ ही उन्होंने पशु क्रूरता व लापरवाही के मामले में पशुधन प्रसार अधिकारी को नोटिस भी जारी कर दी। इससे माना जा रहा है कि जल्द ही पशुधन प्रसार अधिकारी पर निलंबन की गाज गिर सकती है।
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दो दिन पहले ही जिले में कार्यभार ग्रहण करने वाले डीएम राकेश कुमार मिश्र गुरुवार शाम पशु आश्रय स्थल के औचक निरीक्षण पर निकले। उनके साथ मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. शैलेंद्र कुमार सिंह व पशुधन प्रसार अधिकारी अकबरपुर विजयप्रकाश रावत भी मौजूद थे। डीएम अकबरपुर विकास खण्ड के सैदपुर भितरी गांव में बने आश्रय केंद्र पहुंचे। वहां उन्होंने एक गोवंश को अचेत पड़ा पाया।
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एकबारगी अधिकारियों को लगा कि उसकी मौत हो चुकी है। नजदीक जाने पर उसके जिंदा होने का एहसास हुआ। डीएम ने साथ में मौजूद पशुधन प्रसार अधिकारी से पूछा, तो उन्होंने बताया कि गोवंश बीमार है। डीएम ने इलाज के बारे में जानकारी चाही, तो उसने कई दवाओं व इंजेक्शन का नाम गिना डाला। डीएम ने जब मुख्य पशु चिकित्साधिकारी से जानना चाहा कि क्या इन दवाओं व इंजेक्शन का प्रयोग इस हालत में हो सकता है, तो उन्होंने कहा कि इनका प्रयोग नहीं हो सकता।
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डीएम ने इस पर पशुधन प्रसार अधिकारी को अपने वाहन में बिठा लिया।
इसके साथ ही उन्होंने तुरंत पशु के लिए चारे व पानी का इंतजाम कराया। चारा मिलते ही पशु हरकत में आ गया। इस पर डीएम ने अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। कहा कि इसी तरह की लापरवाही से ही अप्रिय स्थिति सामने आती है। डीएम ने बाद में पशुधन प्रसार अधिकारी को वाहन से उतरवा दिया, लेकिन पूरे मामले की जांच मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को सौंप दी।
इसके साथ ही उन्होंने पशु क्रूरता व लापरवाही के मामले में पशुधन प्रसार अधिकारी को नोटिस भी जारी कर दी। इससे माना जा रहा है कि जल्द ही पशुधन प्रसार अधिकारी पर निलंबन की गाज गिर सकती है।