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अघोषित विद्युत कटौती के बीच भीषण गर्मी से लोगों में त्राहि त्राहि
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अंबेडकरनगर। लगातार बढ़ते तापमान के बीच अघोषित विद्युत कटौती ने लोगों को बेहाल कर दिया है। ग्रामीण क्षेत्र की बात दूर जिला मुख्यालय को ही रोस्टर के अनुसार बिजली नहीं मिल रही है। इसके अलावा जर्जर हो चुके विद्युत उपकरण भी सुचारु विद्युत आपूर्ति में बाधा बन रहे हैं।
शुक्रवार रात से शनिवार दोपहर तक जिला मुख्यालय के अलावा अन्य नगरीय व ग्रामीण क्षेत्रों में ओवरलोडिंग व अन्य गड़बड़ियों के चलते करीब 13 घंटे बिजली आपूर्ति बाधित रही। इससे संबंधित क्षेत्र की करीब एक लाख आबादी को भीषण गर्मी में परेशान होना पड़ा। शहर में ही करीब 50 हजार लोग प्रभावित रहे। उधर, बेपटरी हुई बिजली आपूर्ति से संबंधित क्षेत्रों में पेयजल का संकट भी बढ़ गया। एक-एक बाल्टी पानी के लिए लोगों को मशक्कत करनी पड़ी।
रोस्टर के अनुसार बिजली न मिल पाने के अलावा ओवरलोडिंग और फॉल्ट ने बिजली आपूर्ति व्यवस्था को पटरी से उतार दिया है। रोस्टर के अनुसार जिला मुख्यालय को 24 घंटा, नगरीय क्षेत्रों को 20 घंटा, जबकि ग्रामीण क्षेत्र को 18 घंटा बिजली उपलब्ध होनी चाहिए। मौजूदा समय में आलम यह है कि जिला मुख्यालय को बमुश्किल 15 घंटा, जबकि नगरीय व ग्रामीण क्षेत्रों को बमुश्किल 10 घंटे ही बिजली उपलब्ध हो रही है।
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शुक्रवार रात से लेकर शनिवार दोपहर तक जिला मुख्यालय के अलावा अन्य नगरीय क्षेत्रों में लगभग 13 घंटे विद्युत आपूर्ति बाधित रही। टाउन फीडर के गौहन्ना, अटनी, सोनगांव, बरधाभिउरा, कटरिया, अंधियरवा, किशुनपट्टी, बदलपुर के अलावा अकबरपुर नगर के मीरानपुर, मुरादाबाद, पण्डाटोला, शहजादपुर चौक क्षेत्र, रसूलपुर हौजपट्टी, कृष्णानगर कालोनी समेत जलालपुर व टांडा जैसे नगरीय क्षेत्रों में शुक्रवार काो बिजली की आंख-मिचौली ने लोगों को परेशान रखा। इससे संबंधित क्षेत्रों की करीब 1 लाख की आबादी को भीषण गर्मी में पेरशान होना पड़ा। इस समस्या की कई वजहें रहीं। कभी ओवरलोडिंग तो कभी फॉल्ट की वजह से बिजली कटती रही। विभाग इस पर काबू पाने में पूरी तरह नाकाम रहा।
बेपटरी हुई विद्युत आपूर्ति से संबंधित क्षेत्रों में पेयजल का भी संकट गहरा गया है। लोगों को एक एक बाल्टी पानी के लिए इधर उधर भटकने को मजबूर होना पड़ रहा है। शनिवार सुबह संबंधित क्षेत्रों में बिजली नदारद रहने से सब मर्सिबल के सहारे रहने वाले उपभोक्ता पेरशान रहे। अकबरपुर के रेहान व जगदीश ने नाराजगी जताते हुए कहा कि एक तो पहले से ही नगर पालिका की जलापूर्ति व्यवस्था बेपटरी है, उस पर बदतर विद्युत आपूर्ति के चलते भी उन्हें पेयजल नहीं उपलब्ध हो रहा। भीषण गर्मी को देखते हुए जिम्मेदार अधिकारियों को ठोस कदम उठाना चाहिए।
जर्जर उपकरण बदले जाएं
अकबरपुर के सुनील कुमार व आलोक ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि जब तक जर्जर हो चुके उपकरणों को दुरुस्त नहीं किया जाता, तब तक सुचारु बिजली आपूर्ति नहीं हो सकती। जिम्मेदार अधिकारियों को इसे गंभीरता से लेते हुए अपनी जिम्मेदारी का निर्वह्न करना होगा। अनूप कुमार व अमित ने कहा कि गर्मी की शुरुआत में ही पॉवर कॉरपोरेशन ने सुचारु बिजली उपलब्ध कराने का बढ़-चढ़कर दावा किया था, लेकिन जैसे-जैसे तापमान बढ़ रहा है, जर्जर विद्युत उपकरण जवाब दे रहे हैं। इससे भीषण गर्मी में विभिन्न प्रकार की मुश्किलें उठानी पड़ रही हैं।
वर्जन
उपभोक्ताओं को सुचारु बिजली मिल सके, इसके लिए समुचित कदम उठाए जा रहे हैं। जर्जर हो चुके उपकरणों को बदलवाने का कार्य चल रहा है। जो बिजली जिले को मिल रही, वह उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराई जा रही है।
- वीके पटेल, अधिशाषी अभियंता, विद्युत
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शुक्रवार रात से शनिवार दोपहर तक जिला मुख्यालय के अलावा अन्य नगरीय व ग्रामीण क्षेत्रों में ओवरलोडिंग व अन्य गड़बड़ियों के चलते करीब 13 घंटे बिजली आपूर्ति बाधित रही। इससे संबंधित क्षेत्र की करीब एक लाख आबादी को भीषण गर्मी में परेशान होना पड़ा। शहर में ही करीब 50 हजार लोग प्रभावित रहे। उधर, बेपटरी हुई बिजली आपूर्ति से संबंधित क्षेत्रों में पेयजल का संकट भी बढ़ गया। एक-एक बाल्टी पानी के लिए लोगों को मशक्कत करनी पड़ी।
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रोस्टर के अनुसार बिजली न मिल पाने के अलावा ओवरलोडिंग और फॉल्ट ने बिजली आपूर्ति व्यवस्था को पटरी से उतार दिया है। रोस्टर के अनुसार जिला मुख्यालय को 24 घंटा, नगरीय क्षेत्रों को 20 घंटा, जबकि ग्रामीण क्षेत्र को 18 घंटा बिजली उपलब्ध होनी चाहिए। मौजूदा समय में आलम यह है कि जिला मुख्यालय को बमुश्किल 15 घंटा, जबकि नगरीय व ग्रामीण क्षेत्रों को बमुश्किल 10 घंटे ही बिजली उपलब्ध हो रही है।
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शुक्रवार रात से लेकर शनिवार दोपहर तक जिला मुख्यालय के अलावा अन्य नगरीय क्षेत्रों में लगभग 13 घंटे विद्युत आपूर्ति बाधित रही। टाउन फीडर के गौहन्ना, अटनी, सोनगांव, बरधाभिउरा, कटरिया, अंधियरवा, किशुनपट्टी, बदलपुर के अलावा अकबरपुर नगर के मीरानपुर, मुरादाबाद, पण्डाटोला, शहजादपुर चौक क्षेत्र, रसूलपुर हौजपट्टी, कृष्णानगर कालोनी समेत जलालपुर व टांडा जैसे नगरीय क्षेत्रों में शुक्रवार काो बिजली की आंख-मिचौली ने लोगों को परेशान रखा। इससे संबंधित क्षेत्रों की करीब 1 लाख की आबादी को भीषण गर्मी में पेरशान होना पड़ा। इस समस्या की कई वजहें रहीं। कभी ओवरलोडिंग तो कभी फॉल्ट की वजह से बिजली कटती रही। विभाग इस पर काबू पाने में पूरी तरह नाकाम रहा।
बेपटरी हुई विद्युत आपूर्ति से संबंधित क्षेत्रों में पेयजल का भी संकट गहरा गया है। लोगों को एक एक बाल्टी पानी के लिए इधर उधर भटकने को मजबूर होना पड़ रहा है। शनिवार सुबह संबंधित क्षेत्रों में बिजली नदारद रहने से सब मर्सिबल के सहारे रहने वाले उपभोक्ता पेरशान रहे। अकबरपुर के रेहान व जगदीश ने नाराजगी जताते हुए कहा कि एक तो पहले से ही नगर पालिका की जलापूर्ति व्यवस्था बेपटरी है, उस पर बदतर विद्युत आपूर्ति के चलते भी उन्हें पेयजल नहीं उपलब्ध हो रहा। भीषण गर्मी को देखते हुए जिम्मेदार अधिकारियों को ठोस कदम उठाना चाहिए।
जर्जर उपकरण बदले जाएं
अकबरपुर के सुनील कुमार व आलोक ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि जब तक जर्जर हो चुके उपकरणों को दुरुस्त नहीं किया जाता, तब तक सुचारु बिजली आपूर्ति नहीं हो सकती। जिम्मेदार अधिकारियों को इसे गंभीरता से लेते हुए अपनी जिम्मेदारी का निर्वह्न करना होगा। अनूप कुमार व अमित ने कहा कि गर्मी की शुरुआत में ही पॉवर कॉरपोरेशन ने सुचारु बिजली उपलब्ध कराने का बढ़-चढ़कर दावा किया था, लेकिन जैसे-जैसे तापमान बढ़ रहा है, जर्जर विद्युत उपकरण जवाब दे रहे हैं। इससे भीषण गर्मी में विभिन्न प्रकार की मुश्किलें उठानी पड़ रही हैं।
वर्जन
उपभोक्ताओं को सुचारु बिजली मिल सके, इसके लिए समुचित कदम उठाए जा रहे हैं। जर्जर हो चुके उपकरणों को बदलवाने का कार्य चल रहा है। जो बिजली जिले को मिल रही, वह उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराई जा रही है।
- वीके पटेल, अधिशाषी अभियंता, विद्युत