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215 तालाबों का सौन्दर्यीकरण, नहीं रही पानी भरने की सुध

Wed, 10 Apr 2019 11:39 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 10 Apr 2019 11:39 PM IST
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215 तालाबों का सौन्दर्यीकरण, नहीं रही पानी भरने की सुध
अंबेडकरनगर। जल संरक्षण योजना के तहत तालाबों के सौंदर्यीकरण करने व उसमें पानी भरने की योजना जिले में पूरी तरह धराशायी हो गई है। वर्ष 2018-19 में 439 तालाबों के सौंदर्यीकरण को शासन ने मंजूरी दी थी। 1 करोड़ 31 लाख 45 हजार रुपये से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में 215 तालाबों का सौंदर्यीकरण का कार्य तो मनरेगा योजना के तहत पूर्ण कर लिया गया, लेकिन एक भी तालाब में अब तक पानी नहीं भरा जा सका। शेष 224 तालाबों के सौंदर्यीकरण के लिए राशि शासन से जिले को अब तक प्राप्त ही नहीं हो सकी। ऐसे में भीषण गर्मी में गिरते जलस्तर को बचाना व मवेशियों की प्यास बुझाना एक बड़ी चुनौती बनेगी।
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बीते कुछ वर्षों से समुचित बारिश न होने से जलस्तर में लगातार गिरावट हो रही है। जलस्तर बचाने व जल संरक्षण के लिए वर्ष 2018-19 में शासन ने जिले में अस्तित्व बचाने को जूझ रहे 439 तालाबों के सौंदर्यीकरण को मंजूरी प्रदान की थी। सौंदर्यीकरण का कार्य तेजी से शुरू हो सके, इसके लिए प्रथम किस्त के रूप में शासन से मनरेगा विभाग को 1 करोड़ 31 लाख 45 हजार रुपये की राशि उपलब्ध कराई गई।
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शासन से मिली राशि से मनरेगा योजना के तहत 215 तालाबों के सौंदर्यीकरण का कार्य लगभग पूर्ण कर लिया गया। शेष राशि शासन से प्राप्त न होने के चलते 224 तालाबों के सौंदर्यीकरण का कार्य पूरी तरह ठप पड़ा हुआ है। और तो और जिन तालाबों का सौंदर्यीकरण हुआ है, उसमें अब तक पानी नहीं भरा जा सका है।
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सभी तालाबों के सौंदर्यीकरण न होने व उसमें पानी भरे जाने से लगातार बढ़ते तापमान के बीच आने वाले दिनों में मवेशियों के समक्ष प्यास बुझाने की बड़ी समस्या खड़ी हो सकती है। इसके अलावा बारिश कम होने की दशा में लोगों के समक्ष पेयजल का संकट खड़ा हो सकता है। सबसे अधिक समस्या क्रिटिकल जोन क्षेत्र के वाशिंदों के समक्ष खड़ी हो सकती है। तालाबों में पानी भरे जाने की मांग लंबे समय से संबंधित क्षेत्र के लोगों द्वारा की जा रही है, लेकिन इसे लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। इसका खामियाजा आने वाले दिनों में लोगों को भुगतना पड़ सकता है।

शीघ्र भरा जाए तालाबों में पानी
भीटी के सहजराम व राजेंद्र ने कहा कि भीटी विकास खंड क्रिटिकल जोन में शामिल है। संबंधित क्षेत्र में जल संरक्षण के लिए तालाबों की खुदाई तो की गई है, लेकिन उसमें पानी नहीं भरा जा सका है। इससे भीषण गर्मी के बीच पेयजल का बड़ा संकट खड़ा होगा। तालाबों में पानी भरे जाने के लिए कई बार जिम्मेदार अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।

अकबरपुर के संतराम व ज्ञानेंद्र ने कहा कि जल संरक्षण को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों को गंभीरता दिखानी होगी। यदि इसमें लापरवाही बरती गई, तो आने वाले समय में पेयजल का बड़ा संकट खड़ा हो सकता है। उसरहा गांव निवासी जितेंद्र कुमार ने कहा कि तालाब की खुदाई तो की है, लेकिन उसमें पानी भरे जाने को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है।


पानी भरवाने का दिया गया है निर्देश
राज्यवित्त व 14वें वित्त के तहत सभी ग्राम पंचायत व ग्राम विकास अधिकारियों को तालाब में पानी भरे जाने का निर्देश दिया गया है। चुनाव के बाद तालाबों का निरीक्षण किया जाएगा। यदि किसी भी प्रकार की लापरवाही पाई गई, तो संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। -वीरेंद्र कुमार सिंह, जिला विकास अधिकारी
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