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राष्ट्रव्यापी आह्वान पर बंदी का रहा जिले में मिलाजुला असर
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अंबेडकरनगर। जिले में मंगलवार को भारत बंद का मिला-जुला असर रहा। जिला मुख्यालय पर कुछ स्थानों पर बंद समर्थकों व दुकानदारों में नोकझोंक भी हुई। विभिन्न दलों के कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पर एकत्र होने के बाद नगर में पद मार्च किया। कहा गया कि आरक्षण को समाप्त करने की साजिश रची जा रही है, जिसे स्वीकार नहीं किया जाएगा।
संविधान बचाओ समिति के बैनर तले बहुजन क्रांति मोर्चा, सरदार सेना, भीम आर्मी, प्रगतिशील समाजवादी लोहिया पार्टी, जन अधिकारी पार्टी समेत अन्य दलों ने विभिन्न मागों को लेकर 5 मार्च को भारत बंद की घोषणा की थी। जिले में इसका मिला-जुला असर रहा।
जिला मुख्यालय पर सामान्य बंदी के बीच दोपहर तक कुछ दुकानें बंद रहीं, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों की बाजारों में इसका कोई असर नहीं दिखा। मंगलवार को समिति से जुड़े दलों के कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट के निकट एकत्र हुए। इसके बाद डॉ. नंदलाल के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने नगर का भ्रमण किया। इस दौरान वे दुकानें भी बंद करा रहे थे। इस पर कई स्थानों पर कार्यकर्ताओं की दुकानदारों से नोकझोंक भी हुई।
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डॉ. नंदलाल ने कहा कि सवर्ण समाज को 10 प्रतिशत का आरक्षण दिया जाना कतई उचित नहीं है। सिर्फ राजनीतिक लाभ उठाने के लिए ही ऐसा किया गया है। इसे तत्काल वापस लिया जाए। हरि गोपाल मौर्य व सुरेश वर्मा ने कहा कि लंबे समय से ईवीएम के स्थान पर बैलेट पेपर से चुनाव कराए जाने की मांग की जा रही है, लेकिन इसे लेकर चुनाव आयोग गंभीरता नहीं दिखा रहा।
आरोप लगाया कि चुनाव आयोग अब सरकार के इशारे पर कार्य कर रहा। कहा कि उनकी मागों का निस्तारण नहीं हुआ, तो बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा। इस दौरान आत्माराम, ओपी निगम, लालजी, राकेश, शिवकुमार, लालमन, सुधीर, दीनानाथ, धर्मेंद्र मौर्य, सुनील मौर्य, राहुल, रामप्रकाश आदि मौजूद रहे।
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संविधान बचाओ समिति के बैनर तले बहुजन क्रांति मोर्चा, सरदार सेना, भीम आर्मी, प्रगतिशील समाजवादी लोहिया पार्टी, जन अधिकारी पार्टी समेत अन्य दलों ने विभिन्न मागों को लेकर 5 मार्च को भारत बंद की घोषणा की थी। जिले में इसका मिला-जुला असर रहा।
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जिला मुख्यालय पर सामान्य बंदी के बीच दोपहर तक कुछ दुकानें बंद रहीं, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों की बाजारों में इसका कोई असर नहीं दिखा। मंगलवार को समिति से जुड़े दलों के कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट के निकट एकत्र हुए। इसके बाद डॉ. नंदलाल के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने नगर का भ्रमण किया। इस दौरान वे दुकानें भी बंद करा रहे थे। इस पर कई स्थानों पर कार्यकर्ताओं की दुकानदारों से नोकझोंक भी हुई।
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डॉ. नंदलाल ने कहा कि सवर्ण समाज को 10 प्रतिशत का आरक्षण दिया जाना कतई उचित नहीं है। सिर्फ राजनीतिक लाभ उठाने के लिए ही ऐसा किया गया है। इसे तत्काल वापस लिया जाए। हरि गोपाल मौर्य व सुरेश वर्मा ने कहा कि लंबे समय से ईवीएम के स्थान पर बैलेट पेपर से चुनाव कराए जाने की मांग की जा रही है, लेकिन इसे लेकर चुनाव आयोग गंभीरता नहीं दिखा रहा।
आरोप लगाया कि चुनाव आयोग अब सरकार के इशारे पर कार्य कर रहा। कहा कि उनकी मागों का निस्तारण नहीं हुआ, तो बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा। इस दौरान आत्माराम, ओपी निगम, लालजी, राकेश, शिवकुमार, लालमन, सुधीर, दीनानाथ, धर्मेंद्र मौर्य, सुनील मौर्य, राहुल, रामप्रकाश आदि मौजूद रहे।