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औंधे मुंह गिरी लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की योजना

Tue, 26 Feb 2019 11:31 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 26 Feb 2019 11:31 PM IST
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औंधे मुंह गिरी लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की योजना
650 का लक्ष्य लेकिन लगे सिर्फ 85 इंडिया मार्का हैंडपंप
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अंबेडकरनगर। आमजन को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की योजना जिले में पूरी तरह धराशायी होकर रह गई है। वर्ष 2018-19 में 650 इंडिया मार्का हैंडपंप लगाए जाने का प्रस्ताव जलनिगम को पांच विधायक व दो एमएलसी ने भेजा था, लेकिन अब तक मात्र 85 हैंडपंप ही लगाए जा सके हैं।



अब जबकि वित्तीय वर्ष समाप्त होने में लगभग एक माह का समय शेष रह गया है, ऐसे में शेष बचे हैंडपंपों की स्थापना पर सवालिया निशान खड़ा हो गया है। हैंडपंप स्थापना में लापरवाही ऐसे समय जलनिगम बरत रहा है, जबकि जिले के भीटी व कटेहरी विकास खंड को क्रिटिकल जोन घोषित किया गया है।
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लोगों के शुद्ध पेयजल के लिए इधर उधर न भटकना पड़े, इसके लिए वर्ष 2018-19 में जिले के पांच विधायक व दो एमएलसी ने जलनिगम को अलग अलग क्षेत्रों में 650 इण्डिया मार्का हैंडपंप की स्थापना का प्रस्ताव भेजा था। इसमें सबसे अधिक क्रिटिकल जोन में शामिल भीटी व कटेहरी विकास खण्ड तथा अकबरपुर व टांडा विकास खण्ड के कुछ क्षेत्र में हैंडपंप स्थापित किया जाना था।
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हैंडपंप की स्थापना को लेकर शुरूआत से ही जलनिगम द्वारा लापरवाही बरते जाने की शिकायतें सामने आने लगीं। जलनिगम के अनुसार हैंडपंप स्थापना की जिम्मेदारी 12 कार्यदायी संस्था को सौंपी गयी है। संबंधित कार्यदायी संस्थाओं की लापरवाही का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अब तक मात्र 85 हैंडपंपों की ही स्थापना की जा सकी है। 565 हैंडपंप की स्थापना अब तक नहीं की जा सकी है।



जलनिगम के अनुसार हैंडपंप की स्थापना की जिम्मेदारी 12 कार्यदायी संस्थाओं को सौंपी गई है। प्रदेश मुख्यालय से हैंडपंप की मशीन न मिलने से ही हैंडपंप की स्थापना को गति नहीं मिल पा रही है। इसके लिए कई बार शासन को पत्र भी भेजा गया। बीते दिनों ही प्रदेश मुख्यालय से पत्र प्राप्त हुआ है, जिसमें कहा गया कि जोनल चीफ इंजीनियर की स्वीकृति के बाद प्राइवेट दुकानों से मशीन की खरीददारी करें।




जल निगम के अधिशासी अभियंता गिरीश चंद्र ने बताया कि मुख्यालय कार्यालय से पत्र आया है कि जोनल चीफ इंजीनियर की स्वीकृति के बाद प्राइवेट दुकानों से मशीन की खरीददारी की जा सकेगी। इस पर सभी कार्यदायी संस्था को पत्र भेजा गया है कि वे जोनल चीफ इंजीनियर से स्वीकृति प्रदान कर मशीन की खरीददारी कर लें। मार्च माह के अंत तक सभी हैंडपंप की स्थापना कर ली जाएगी।
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