{"_id":"5c6c564dbdec224ba94b791b","slug":"1550603957820-ambedkar-nagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ग्राम प्रधानों ने धरना देकर मांगा प्रतिमाह 20 हजार मानदेय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ग्राम प्रधानों ने धरना देकर मांगा प्रतिमाह 20 हजार मानदेय
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अंबेडकरनगर। देश में एक समान पंचायतीराज व्यवस्था लागू करने व 20 हजार रुपये मानदेय दिए जाने समेत विभिन्न मागों को लेकर अखिल भारतीय प्रधान संगठन ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट के निकट धरना-प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि प्रधान गांव के विकास को लेकर पूरी तरह गंभीर हैं, लेकिन उनकी समस्याओं को दूर करने को लेकर जिम्मेदार अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैँ। चेतावनी दी कि यदि जल्द ही उनकी मांगों का निस्तारण नहीं होता है तो उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा।
अध्यक्षता कर रहे राष्ट्रीय अध्यक्ष जितेंद्र चौधरी ने कहा कि लंबे समय से देश में एक समान पंचायतराज व्यवस्था लागू करने की मांग की जा रही है, लेकिन इसे लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। इससे ग्राम प्रधानों को विभिन्न प्रकार की मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। यदि समान व्यवस्था लागू होती है, तो इसका व्यापक लाभ गांव के विकास में ग्राम प्रधान को मिलेगा।
प्रदेश अध्यक्ष रामसेवक यादव ने कहा कि ग्राम प्रधान अपनी जिम्मेदारी को लेकर गंभीर हैं, लेकिन उनकी मुश्किलों को दूर करने को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। 20 हजार रुपये मानदेय दिए जाने की मांग को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। इससे प्रधानों का हक मारा जा रहा है।
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वक्ताओं ने कहा कि मृत्यु के बाद परिवारीजनों को 20 लाख रुपये बीमा की राशि दी जाए। ग्राम प्रधानों को आय, जाति, निवासी प्रमाणपत्र के साथ ही पट्टा दिए जाने का पूर्ण अधिकार दिया जाए। ऐसा होने से संबंधित लोगों को मुश्किलों का सामना नहीं करना पड़ेगा।
चेतावनी देते हुए कहा गया कि यदि शीघ्र ही उनकी मांगों का निस्तारण नहीं हुआ, तो उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा। इस दौरान राजबहादुर, घनश्याम, सियाराम, सुनील, राहुल, सुरेश कुमार, अंगदपाल, गंगाराम, अनिल कुमार वर्मा, अरविंद वर्मा आदि मौजूद रहे।
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अध्यक्षता कर रहे राष्ट्रीय अध्यक्ष जितेंद्र चौधरी ने कहा कि लंबे समय से देश में एक समान पंचायतराज व्यवस्था लागू करने की मांग की जा रही है, लेकिन इसे लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। इससे ग्राम प्रधानों को विभिन्न प्रकार की मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। यदि समान व्यवस्था लागू होती है, तो इसका व्यापक लाभ गांव के विकास में ग्राम प्रधान को मिलेगा।
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प्रदेश अध्यक्ष रामसेवक यादव ने कहा कि ग्राम प्रधान अपनी जिम्मेदारी को लेकर गंभीर हैं, लेकिन उनकी मुश्किलों को दूर करने को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। 20 हजार रुपये मानदेय दिए जाने की मांग को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। इससे प्रधानों का हक मारा जा रहा है।
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वक्ताओं ने कहा कि मृत्यु के बाद परिवारीजनों को 20 लाख रुपये बीमा की राशि दी जाए। ग्राम प्रधानों को आय, जाति, निवासी प्रमाणपत्र के साथ ही पट्टा दिए जाने का पूर्ण अधिकार दिया जाए। ऐसा होने से संबंधित लोगों को मुश्किलों का सामना नहीं करना पड़ेगा।
चेतावनी देते हुए कहा गया कि यदि शीघ्र ही उनकी मांगों का निस्तारण नहीं हुआ, तो उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा। इस दौरान राजबहादुर, घनश्याम, सियाराम, सुनील, राहुल, सुरेश कुमार, अंगदपाल, गंगाराम, अनिल कुमार वर्मा, अरविंद वर्मा आदि मौजूद रहे।