{"_id":"5beb0386bdec225e69658cfb","slug":"154212857019-ambedkar-nagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बकाया मानदेय न मिला तो जल्द प्रदर्शन करेंगे रसोइया मजदूर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बकाया मानदेय न मिला तो जल्द प्रदर्शन करेंगे रसोइया मजदूर
Updated Tue, 13 Nov 2018 10:31 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अंबेडकरनगर। विभिन्न मांगों को लेकर एक दिन पूर्व मध्याह्न भोजन रसोइया मजदूर संघ कार्यकर्ताओं की बैठक कलेक्ट्रेट के पास अंबेडकर प्रतिमा के समक्ष हुई। इसमें मानदेय के अलावा अन्य समस्याओं को लेकर विचार विमर्श हुआ। कहा गया कि यदि जल्द ही उनकी समस्याओं का निस्तारण नही होता है तो वे सब लखनऊ विधानसभा के समक्ष प्रदर्शन करेंगे। बाद में डीएम को पत्र भी सौंपा गया।
कार्यकर्ताओं की आवाज बुलंद करने पहुंची प्रदेश अध्यक्ष कन्यावती वर्मा ने कहा कि आश्वासन के बाद भी रसोइया मजदूरों के समस्याओं का निस्तारण न हो पाना, निराश करने वाली है। शासन प्रशासन को स्वयं सोचने की जरूरत है कि रसोइया मजदूरों को सिर्फ 1 हजार रुपये प्रतिमाह पारिश्रमिक के तौर पर दिया जाता है। उस पर भी लेट लतीफी रसोइयों की मुश्किलें बढ़ा रखी हैं।
कहा कि शासन की उदासीनता के चलते रसोइयों को परेशान होना पड़ रहा है। बीते दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रसोइयों के मानदेय में वृद्धि का आश्वासन देते हुए 1 हजार के स्थान पर 2 हजार रुपये प्रतिमाह देने की घोषणा की थी, लेकिन ऐसा आज तक नही हो सका। अभी भी रसोइया मजदूरों को 1 हजार रुपये ही भुगतान होता है।
विज्ञापन
मांगों का उल्लेख करते हुए बताया कि रसोइया मजदूरों का मानदेय माह के 1 तारीख तक उनके खाते में भेजा जाए। जून 2016 का बकाया मानदेय का लाभ उन्हें तत्काल दिलाया जाए तथा उनका मानदेय बढ़ाकर प्रतिमाह 2 हजार किया जाए।
कहा कि यदि उनकी मांगों का निस्तारण जल्द ही नही होता तो वे सब लखनऊ पहुंचकर विधानसभा के समक्ष प्रदर्शन करेंगे। आगामी 16 नवंबर को सभी रसोइया हड़ताल पर रहेंगे। इस मौके पर पुष्पा देवी, आशा देवी, रामा देवी, त्रिलोकीनाथ, सालिकराम, व लालजी उपाध्याय आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
कार्यकर्ताओं की आवाज बुलंद करने पहुंची प्रदेश अध्यक्ष कन्यावती वर्मा ने कहा कि आश्वासन के बाद भी रसोइया मजदूरों के समस्याओं का निस्तारण न हो पाना, निराश करने वाली है। शासन प्रशासन को स्वयं सोचने की जरूरत है कि रसोइया मजदूरों को सिर्फ 1 हजार रुपये प्रतिमाह पारिश्रमिक के तौर पर दिया जाता है। उस पर भी लेट लतीफी रसोइयों की मुश्किलें बढ़ा रखी हैं।
विज्ञापन
कहा कि शासन की उदासीनता के चलते रसोइयों को परेशान होना पड़ रहा है। बीते दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रसोइयों के मानदेय में वृद्धि का आश्वासन देते हुए 1 हजार के स्थान पर 2 हजार रुपये प्रतिमाह देने की घोषणा की थी, लेकिन ऐसा आज तक नही हो सका। अभी भी रसोइया मजदूरों को 1 हजार रुपये ही भुगतान होता है।
विज्ञापन
मांगों का उल्लेख करते हुए बताया कि रसोइया मजदूरों का मानदेय माह के 1 तारीख तक उनके खाते में भेजा जाए। जून 2016 का बकाया मानदेय का लाभ उन्हें तत्काल दिलाया जाए तथा उनका मानदेय बढ़ाकर प्रतिमाह 2 हजार किया जाए।
कहा कि यदि उनकी मांगों का निस्तारण जल्द ही नही होता तो वे सब लखनऊ पहुंचकर विधानसभा के समक्ष प्रदर्शन करेंगे। आगामी 16 नवंबर को सभी रसोइया हड़ताल पर रहेंगे। इस मौके पर पुष्पा देवी, आशा देवी, रामा देवी, त्रिलोकीनाथ, सालिकराम, व लालजी उपाध्याय आदि मौजूद रहे।