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अपने चांद का दीदार कर सुहागिनों ने तोड़ा अपना करवा व्रत
Updated Sat, 27 Oct 2018 10:50 PM IST
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अंबेडकरनगर। कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष चतुर्थी को मनाये जाने वाले करवा चौथ का पर्व समूजे जिले में पूरे उत्साह एवं श्रद्धा के साथ मना। महिलाओं ने निर्जला व्रत धारण कर विधिविधान के साथ पूजन अर्चन किया। देरशाम चन्द्रमा का दर्शन कर अर्घ्य दिया। व्रतधारी महिलाओं ने पति के दीर्घायु की कामना की। चन्द्र उदय होने पर चलनी के बीच से पति का दीदार किया। इसके बाद पति के हाथों से जलपान ग्रहण कर व्रत का पारण किया। करवा चौथ व्रत को लेकर जिले में पिछले कई दिनों से उल्लास का माहौल देखा जा रहा था। महिलाओं ने शनिवार को भी खूब खरीदारी की। इससे बाजारों में भी रौनक देखने को मिली। जिला मुख्यालय के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं ने भी बड़ी संख्या में करवा चौथ का व्रत रखकर पति के दीर्घायु की कामना की।
शनिवार को सुहागिन महिलाओं ने पति के दीर्घायु के लिए पूरी आस्था व श्रद्धा के साथ करवा चौथ का व्रत रखा। व्रत सूर्योदय से पहले शुरू होकर चन्द्रमा के दर्शन के उपरान्त पूर्ण हुआ। व्रत को लेकर महिलाओं में विशेष उत्साह दिखाई पड़ा। व्रत धारण करने वाली महिलाओं ने शिव परिवार का विधान के साथ पूजन अर्चन कर चंद्रमा का दर्शन व पूजन करके अर्घ्य दिया। सुहागिन महिलाओं ने सुबह स्नान पूजन के साथ व्रत का शुभारंभ करती हैं। पूरे दिन निर्जला व्रत रखने के बाद शाम को चंद्र उदय होने पर सभी व्रतधारी महिलाओं ने विधिविधान से पूजन-अर्चन किया। व्रत में विशेषता यह है कि चार फल, चार मिष्ठान समेत अन्य चार चार सामानों को अर्पण करती हैं। चंदन, रोली, पुष्प, धूप, दीप, नैवेद्य, ऋतु फल आदि अर्पित कर भगवान गणेश, भगवान शिव, माता पार्वती, कार्तिकेय सहित अन्य देवी देवताओं की परंपरा के अनुरूप पूरी श्रद्धा से अराधना की। पूजन-अर्चन के साथ ही करवा चौथ की कथा भी सुनी। पति के दीर्घायु के लिए देवी देवताओं से प्रार्थना किया।
इसके उपरांत चंद्रमा का दर्शन कर अर्घ्य के साथ चन्द्रमा की विधिविधानपूर्वक पूजन-अर्चन किया। पति की भी आरती उतारी, और तिलक लगाकर आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके बाद चलनी में दीपक रखकर पति का दीदार किया। पति के हाथ से जल ग्रहण कर अपने व्रत का पारण किया। इससे पहले दिन में बाजारों में खरीदारों की खासी भीड़ दिखी। कपड़े की दुकान से लेकर आभूषण की दुकानों तक पर भीड़ दिखी। फल व मिठाई की भी खूब खरीददारी हुई। करवा समेत अन्य पूजन सामग्रियों की खरीदारी के लिए दुकानों पर भीड़ दिखी। इससे दुकानदारों के भी चेहरे खिले नजर आए।
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शनिवार को सुहागिन महिलाओं ने पति के दीर्घायु के लिए पूरी आस्था व श्रद्धा के साथ करवा चौथ का व्रत रखा। व्रत सूर्योदय से पहले शुरू होकर चन्द्रमा के दर्शन के उपरान्त पूर्ण हुआ। व्रत को लेकर महिलाओं में विशेष उत्साह दिखाई पड़ा। व्रत धारण करने वाली महिलाओं ने शिव परिवार का विधान के साथ पूजन अर्चन कर चंद्रमा का दर्शन व पूजन करके अर्घ्य दिया। सुहागिन महिलाओं ने सुबह स्नान पूजन के साथ व्रत का शुभारंभ करती हैं। पूरे दिन निर्जला व्रत रखने के बाद शाम को चंद्र उदय होने पर सभी व्रतधारी महिलाओं ने विधिविधान से पूजन-अर्चन किया। व्रत में विशेषता यह है कि चार फल, चार मिष्ठान समेत अन्य चार चार सामानों को अर्पण करती हैं। चंदन, रोली, पुष्प, धूप, दीप, नैवेद्य, ऋतु फल आदि अर्पित कर भगवान गणेश, भगवान शिव, माता पार्वती, कार्तिकेय सहित अन्य देवी देवताओं की परंपरा के अनुरूप पूरी श्रद्धा से अराधना की। पूजन-अर्चन के साथ ही करवा चौथ की कथा भी सुनी। पति के दीर्घायु के लिए देवी देवताओं से प्रार्थना किया।
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इसके उपरांत चंद्रमा का दर्शन कर अर्घ्य के साथ चन्द्रमा की विधिविधानपूर्वक पूजन-अर्चन किया। पति की भी आरती उतारी, और तिलक लगाकर आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके बाद चलनी में दीपक रखकर पति का दीदार किया। पति के हाथ से जल ग्रहण कर अपने व्रत का पारण किया। इससे पहले दिन में बाजारों में खरीदारों की खासी भीड़ दिखी। कपड़े की दुकान से लेकर आभूषण की दुकानों तक पर भीड़ दिखी। फल व मिठाई की भी खूब खरीददारी हुई। करवा समेत अन्य पूजन सामग्रियों की खरीदारी के लिए दुकानों पर भीड़ दिखी। इससे दुकानदारों के भी चेहरे खिले नजर आए।
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