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महिला की हत्या में जेठ व जेठानी को उम्रकैद की सजा
Updated Tue, 16 Oct 2018 10:49 PM IST
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अंबेडकरनगर। हत्या मामले में अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम वाणी रंजन ने महिला के जेठ व जेठानी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोनों पर दस दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
आजमगढ़ के बिलरियागंज थाना अंतर्गत बैजुआपुर निवासी बालमुकुंद सिंह ने राजेसुल्तानपुर थाने में तीन वर्ष पहले दर्ज कराए केस में कहा था कि उन्होंने अपनी पुत्री रंजना का विवाह 7 जून 2010 को मुबारकपुर अंजन निवासी उग्रसेन सिंह के साथ किया था। समुचित दान दहेज के बाद भी जेठ उमेश सिंह व जेठानी माला संतुष्ट नहीं थे।
अक्सर दहेज के लिए प्रताड़ना की जाती थी। कई बार अनुनय विनय के बाद भी कोई सुधार नहीं हुआ। अंतत: 5 जनवरी 2015 को उनकी पुत्री को जलाकर इन दोनों ने जला डाला। जिला अस्पताल में भर्ती किए जाने के बाद उसे गंभीर दशा में फैजाबाद रेफर कर दिया गया। 6 जनवरी को मजिस्ट्रेट ने उसका कलमबंद बयान लिया। बाद में 10 जनवरी को उसकी मौत हो गई। पु
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लिस ने मामले में दोनों आरोपियों के विरुद्ध दहेज उत्पीड़न व गैरइरादतन हत्या का केस दर्ज कर लिया। घटना के समय महिला का पति बाहर था। उधर महिला की मौत को लेकर बाद में हत्या की धारा जोड़ दी गई।
इस मामले के सत्र परीक्षण में अब अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम वाणी रंजन ने हत्या के आरोप में उमेश व माला को दोषी पाया। दोनों को अजवीवन कारावास की सजा सुनाई। दोनों पर दस दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। आदेश में कहा गया कि अर्थदंड अदा न करने पर दो दो वर्ष के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
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आजमगढ़ के बिलरियागंज थाना अंतर्गत बैजुआपुर निवासी बालमुकुंद सिंह ने राजेसुल्तानपुर थाने में तीन वर्ष पहले दर्ज कराए केस में कहा था कि उन्होंने अपनी पुत्री रंजना का विवाह 7 जून 2010 को मुबारकपुर अंजन निवासी उग्रसेन सिंह के साथ किया था। समुचित दान दहेज के बाद भी जेठ उमेश सिंह व जेठानी माला संतुष्ट नहीं थे।
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अक्सर दहेज के लिए प्रताड़ना की जाती थी। कई बार अनुनय विनय के बाद भी कोई सुधार नहीं हुआ। अंतत: 5 जनवरी 2015 को उनकी पुत्री को जलाकर इन दोनों ने जला डाला। जिला अस्पताल में भर्ती किए जाने के बाद उसे गंभीर दशा में फैजाबाद रेफर कर दिया गया। 6 जनवरी को मजिस्ट्रेट ने उसका कलमबंद बयान लिया। बाद में 10 जनवरी को उसकी मौत हो गई। पु
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लिस ने मामले में दोनों आरोपियों के विरुद्ध दहेज उत्पीड़न व गैरइरादतन हत्या का केस दर्ज कर लिया। घटना के समय महिला का पति बाहर था। उधर महिला की मौत को लेकर बाद में हत्या की धारा जोड़ दी गई।
इस मामले के सत्र परीक्षण में अब अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम वाणी रंजन ने हत्या के आरोप में उमेश व माला को दोषी पाया। दोनों को अजवीवन कारावास की सजा सुनाई। दोनों पर दस दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। आदेश में कहा गया कि अर्थदंड अदा न करने पर दो दो वर्ष के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।