{"_id":"5b97f900867a55013c43a935","slug":"153668632018-ambedkar-nagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"इमामबाड़ों में स्थापित हुए अलम, मजलिसों का दौर शुरु","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इमामबाड़ों में स्थापित हुए अलम, मजलिसों का दौर शुरु
Updated Tue, 11 Sep 2018 11:17 PM IST
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अंबेडकरनगर। सज गए इमामबाड़े व अजाखाने। बिछ गई फर्शे अजा। अजाखों व इमामबारगाहों से लब्बैक या हुसैन की सदाएं बुलंद होने लगीं हैं। जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में मोहर्रम के मद्देनजर एक तरफ जहां तमाम महिलाओं ने श्रृंगार त्याग दिए, वहीं कई लोगों ने काले वस्त्र धारण कर लिए। 10 दिनों तक न सिर्फ मजलिसों का दौर चलेगा, बल्कि जगह-जगह अलम व ताबूत का जुलूस भी निकाला जाएगा। मंगलवार को भी सुबह से ही मजलिसों का दौर शुरू हो गया, जो देर शाम तक चलता रहा।
11 सितंबर को मोहर्रम का चांद आसमान पर दिखाई देने के साथ ही समूचे जनपद में स्थित इमामबारगाहें व अजाखाने सज गए। ताजिया रखने के साथ ही न सिर्फ कई महिलाओं ने श्रृंगार त्याग दिए, बल्कि कई लोगों ने काले वस्त्र धारण कर लिए। इसके साथ ही अजाखानों से या हुसैन की सदाएं बुलंद होने लगीं।
जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में जगह-जगह मजलिसों का सिलसिला तेज हो गया। अकबरपुर नगर स्थित शाही इमामबाड़े में आयोजित मजलिस में मौलाना मोहम्मद अब्बास ने कर्बला के पैगाम को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। इमामबारगाह हुसैनिया अब्दुल्लापुर में मौलाना मीसम अली ने इमाम हुसैन की शहादत पर प्रकाश डाला।
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इससे पहले शनिवार देर शाम अकबरपुर नगर के मीरानपुर स्थित जामा मस्जिद से अलम का जुलूस निकला, जो इमामबारगाह पहुंचकर संपन्न हुआ। बाद में इमामबारगाह में अलम मुबारक की स्थापना की गई।
उधर, अंजुमन अकबरिया रजिस्टर्ड अकबरपुर के तत्वावधान में दो मोहर्रम को निकलने वाले ऐतिहासिक जुलूस व अंजुमन हैदरिया रजिस्टर्ड अब्दुल्लापुर के तत्वावधान में निकलने वाले तीन मोहर्रम के जुलूस को सफल बनाने की तैयारियां तेज हो गई हैं। अंजुमन अकबरिया रजिस्टर्ड के रेहान जैदी व रजा अनवर तथा अंजुमन हैदरिया अब्दुल्लापुर के साबिर अली व बादशाह हुसैन ने बताया कि जुलूस को सफल बनाने के लिए अंजुमन के पदाधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं।
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11 सितंबर को मोहर्रम का चांद आसमान पर दिखाई देने के साथ ही समूचे जनपद में स्थित इमामबारगाहें व अजाखाने सज गए। ताजिया रखने के साथ ही न सिर्फ कई महिलाओं ने श्रृंगार त्याग दिए, बल्कि कई लोगों ने काले वस्त्र धारण कर लिए। इसके साथ ही अजाखानों से या हुसैन की सदाएं बुलंद होने लगीं।
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जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में जगह-जगह मजलिसों का सिलसिला तेज हो गया। अकबरपुर नगर स्थित शाही इमामबाड़े में आयोजित मजलिस में मौलाना मोहम्मद अब्बास ने कर्बला के पैगाम को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। इमामबारगाह हुसैनिया अब्दुल्लापुर में मौलाना मीसम अली ने इमाम हुसैन की शहादत पर प्रकाश डाला।
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इससे पहले शनिवार देर शाम अकबरपुर नगर के मीरानपुर स्थित जामा मस्जिद से अलम का जुलूस निकला, जो इमामबारगाह पहुंचकर संपन्न हुआ। बाद में इमामबारगाह में अलम मुबारक की स्थापना की गई।
उधर, अंजुमन अकबरिया रजिस्टर्ड अकबरपुर के तत्वावधान में दो मोहर्रम को निकलने वाले ऐतिहासिक जुलूस व अंजुमन हैदरिया रजिस्टर्ड अब्दुल्लापुर के तत्वावधान में निकलने वाले तीन मोहर्रम के जुलूस को सफल बनाने की तैयारियां तेज हो गई हैं। अंजुमन अकबरिया रजिस्टर्ड के रेहान जैदी व रजा अनवर तथा अंजुमन हैदरिया अब्दुल्लापुर के साबिर अली व बादशाह हुसैन ने बताया कि जुलूस को सफल बनाने के लिए अंजुमन के पदाधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं।